अमृतसर में ड्रग-हथियार तस्करी नेटवर्क ध्वस्त: 5 गिरफ्तार, 13 पिस्तौल और 3.267 किलो हेरोइन बरामद
सारांश
मुख्य बातें
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 30 सितंबर 2026 को शहर में सक्रिय ड्रग तस्करी और अवैध हथियार आपूर्ति के तीन बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्ज़े से 13 पिस्तौल, 3.267 किलोग्राम हेरोइन और 22 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई और पंजाब को नशा-मुक्त बनाने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है।
कैसे हुई कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, खुफिया तंत्र से मिली सूचना के आधार पर अमृतसर के अलग-अलग इलाकों में एक साथ छापेमारी की गई। पंजाब पुलिस महानिदेशक के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की गई। प्राथमिक जाँच से पता चला है कि ये आरोपी लंबे समय से अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला में सक्रिय थे।
इस मामले में थाना डी-डिवीजन और थाना छेहरटा, अमृतसर में अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं। पुलिस अब नेटवर्क के 'बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज' यानी आपूर्ति श्रृंखला के दोनों सिरों की पड़ताल कर रही है।
सीमा पार के हैंडलर्स से संबंध की आशंका
शुरुआती जाँच में यह आशंका सामने आई है कि इस रैकेट के तार विदेश में बैठे हैंडलर्स से जुड़े हैं, जो कथित तौर पर ड्रोन और अन्य माध्यमों से हेरोइन और हथियारों की खेप पंजाब में भेजते थे। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन और दस्तावेज़ों की विधिवत जाँच कर रही है। पूछताछ का दौर जारी है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब की सीमा से लगे ज़िलों में ड्रोन के ज़रिये हथियारों और नशे की तस्करी की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।
पहले भी हुई थी ऐसी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है कि अमृतसर पुलिस ने इस तरह के नेटवर्क का पर्दाफाश किया हो। इससे पहले अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने एक समान ऑपरेशन में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 10 किलोग्राम हेरोइन, 2 AK-47 राइफल, 4 मैगज़ीन और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। उस मामले में थाना घरिंडा में FIR दर्ज की गई थी।
उस जाँच में भी खुलासा हुआ था कि आरोपी विदेश में बैठे तस्करों के संपर्क में थे — जो मौजूदा मामले से मेल खाता पैटर्न है।
पुलिस का संकल्प
पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि राज्य में ड्रग और हथियार तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस इन नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और पंजाब को एक सुरक्षित तथा नशा-मुक्त राज्य बनाने के अपने संकल्प पर कायम है।
आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि जाँच एजेंसियाँ आपूर्ति श्रृंखला के हर कड़ी को खंगाल रही हैं।