15 सितंबर 2026
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अमृतसर में पंजाब पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: 3 ड्रग-हथियार नेटवर्क ध्वस्त, 8 गिरफ्तार; 9.5 किलो हेरोइन बरामद

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अमृतसर में पंजाब पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: 3 ड्रग-हथियार नेटवर्क ध्वस्त, 8 गिरफ्तार; 9.5 किलो हेरोइन बरामद

सारांश

अमृतसर पुलिस ने एक साथ 3 बड़े तस्करी नेटवर्क ध्वस्त कर 8 आरोपियों को दबोचा। ड्रोन से पाकिस्तान कनेक्शन, करोड़ों की हेरोइन-अफीम और एक पिस्तौल बरामद — यह ऑपरेशन सीमापार आपराधिक गठजोड़ की परतें उघाड़ता है।

मुख्य बातें

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 15 सितंबर 2026 को 3 बड़े ड्रग-हथियार नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।
8 आरोपी गिरफ्तार; 9.549 किलोग्राम हेरोइन , 5.459 किलोग्राम अफीम और एक .30-बोर पिस्तौल बरामद।
आरोपी ड्रोन के ज़रिए पाकिस्तान से खेप मँगवाते थे और पंजाब के विभिन्न जिलों में वितरित करते थे।
कैंटोनमेंट, ए-डिवीजन और छेरटा थानों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज।
बरामद नशे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
जाँच में विदेशी हैंडलर, ड्रोन ड्रॉपिंग लोकेशन और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान जारी।

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 15 सितंबर 2026 को ड्रग्स और अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले 3 बड़े तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 9.549 किलोग्राम हेरोइन, 5.459 किलोग्राम अफीम और एक अवैध .30-बोर पिस्तौल बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार बरामद नशे की खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।

ऑपरेशन की मुख्य कार्रवाई

पंजाब के डीजीपी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने ड्रग्स और अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले 3 बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। उन्होंने लिखा, 'पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 9.549 किलोग्राम हेरोइन, 5.459 किलोग्राम अफीम और एक अवैध .30-बोर पिस्तौल बरामद की है।'

इस ऑपरेशन के तहत अमृतसर के कैंटोनमेंट, ए-डिवीजन और छेरटा पुलिस थानों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह कार्रवाई उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जो पंजाब पुलिस सीमापार तस्करी के विरुद्ध लगातार चला रही है।

ड्रोन से पाकिस्तान कनेक्शन

शुरुआती जाँच में सामने आया है कि आरोपी विदेशों में बैठे तस्करों के सम्पर्क में थे और ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हेरोइन, अफीम और अवैध हथियारों की खेप मँगवाते थे। इसके बाद ये खेप पंजाब के अलग-अलग जिलों में वितरित की जाती थी। डीजीपी ने बताया, 'पुलिस ने आरोपियों और सप्लाई नेटवर्क में शामिल उनके साथियों के बीच भी संबंध का पता लगाया है।'

गौरतलब है कि ड्रोन-आधारित तस्करी पंजाब के लिए कोई नई चुनौती नहीं है — पिछले कुछ वर्षों में सीमावर्ती जिलों में ऐसे दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं। बीएसएफ के साथ मिलकर चलाए जा रहे संयुक्त अभियान में लगातार हेरोइन और हथियार बरामद होते रहे हैं, और यह ऑपरेशन उसी सिलसिले की नई कड़ी है।

जाँच का दायरा

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खाते, कॉल डिटेल और अन्य सहयोगियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। जाँच के केंद्र में यह भी है कि ड्रोन किन स्थानों से उड़ाए गए, कहाँ-कहाँ ड्रॉपिंग हुई और इस नेटवर्क के पीछे कौन से विदेशी हैंडलर हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, यह सिर्फ एक कड़ी है — पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त करने के लिए जाँच जारी है।

डीजीपी की प्रतिबद्धता

डीजीपी ने कहा, 'पंजाब पुलिस सीमा पार तस्करी पर कड़ी नजर रखने और ड्रग्स की तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई और संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।' इस ऑपरेशन की सफलता को पुलिस महकमे ने अपने चल रहे अभियान की अहम उपलब्धि बताया है।

आगे क्या होगा

जाँच एजेंसियाँ अब नेटवर्क के विदेशी आकाओं तक पहुँचने की कोशिश में हैं। तीन अलग-अलग थानों में दर्ज एफआईआर यह संकेत देती है कि इस नेटवर्क की जड़ें अमृतसर के कई इलाकों में फैली थीं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं, क्योंकि पुलिस सप्लाई चेन के हर सदस्य तक पहुँचने में लगी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ड्रोन-तस्करी के इतने मामले सामने आने के बावजूद सीमापार नेटवर्क के विदेशी हैंडलर अब तक अछूते क्यों हैं। गिरफ्तारियाँ अक्सर 'रनर' स्तर पर होती हैं — ऑर्डर देने वाले ऊपरी ढाँचे तक कानून की पहुँच दुर्लभ रहती है। पंजाब में ड्रोन-माध्यम तस्करी की बढ़ती आवृत्ति यह भी संकेत देती है कि बीएसएफ-पुलिस समन्वय अभी भी पर्याप्त नहीं है। जब तक पकड़े गए आरोपियों की डिजिटल कड़ियाँ सप्लाई चेन के शीर्ष तक नहीं पहुँचतीं, तब तक ऐसी कार्रवाइयाँ नेटवर्क को बाधित करती हैं, समाप्त नहीं।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमृतसर में पंजाब पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया और क्या बरामद हुआ?
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 15 सितंबर 2026 को 3 बड़े नेटवर्क के 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 9.549 किलोग्राम हेरोइन, 5.459 किलोग्राम अफीम और एक .30-बोर पिस्तौल बरामद की गई।
क्या इस तस्करी नेटवर्क का पाकिस्तान से संबंध था?
शुरुआती जाँच के अनुसार आरोपी विदेशों में बैठे तस्करों से जुड़े थे और ड्रोन के ज़रिए पाकिस्तान से हेरोइन, अफीम और अवैध हथियार मँगवाते थे। इसके बाद इन्हें पंजाब के विभिन्न जिलों में वितरित किया जाता था।
इस मामले में कितनी एफआईआर दर्ज हुई हैं और किन थानों में?
इस मामले में अमृतसर के कैंटोनमेंट, ए-डिवीजन और छेरटा पुलिस थानों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। तीन थानों में अलग मामले दर्ज होना नेटवर्क के विस्तृत दायरे को दर्शाता है।
आगे जाँच में पुलिस किन पहलुओं पर ध्यान दे रही है?
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खाते, कॉल डिटेल और अन्य साथियों की पहचान कर रही है। ड्रोन की उड़ान के स्थान, ड्रॉपिंग पॉइंट और विदेशी हैंडलर की पहचान भी जाँच के केंद्र में है।
पंजाब में ड्रोन-आधारित तस्करी कितनी बड़ी समस्या है?
पिछले कुछ महीनों में पंजाब पुलिस ने ड्रोन के ज़रिए तस्करी के कई मामलों का भंडाफोड़ किया है। बीएसएफ के साथ संयुक्त अभियान में लगातार हेरोइन और हथियार बरामद हो रहे हैं, जो इस चुनौती की गंभीरता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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