अमृतसर पुलिस ने 30.045 किलो हेरोइन जब्त की, दुबई नेटवर्क से जुड़े 6 तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 11 जून 2026 को सीमा पार संचालित एक ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 30.045 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। प्रारंभिक जांच के अनुसार, ये सभी आरोपी दुबई में बैठे एक मास्टरमाइंड तस्कर के निर्देश पर काम कर रहे थे, जो पाकिस्तान सीमा पार से पंजाब में हेरोइन की खेप पहुँचाने की व्यवस्था करता था।
मुख्य घटनाक्रम
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी निर्धारित स्थानों पर जाकर नशीले पदार्थों की खेप उठाते थे और फिर उन्हें पंजाब के विभिन्न इलाकों में अलग-अलग व्यक्तियों तक पहुँचाते थे। पूरे ऑपरेशन की कमान दुबई स्थित तस्कर के हाथ में थी, जो सप्लाई चेन को दूर से नियंत्रित कर रहा था।
अमृतसर के छेहरटा पुलिस स्टेशन में सभी छह आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (NDPS) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
डीजीपी की प्रतिक्रिया
पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए लिखा, 'एक बड़ी कामयाबी में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से ड्रग्स की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है, छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 30.045 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। शुरुआती जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी दुबई में रहने वाले एक तस्कर से जुड़े थे, जो सीमा पार से हेरोइन की खेप की सप्लाई में मदद कर रहा था।'
यादव ने आगे कहा कि पंजाब पुलिस ड्रग तस्करी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने और राज्य को सुरक्षित एवं नशामुक्त बनाने के अपने संकल्प पर पूरी तरह अडिग है।
जांच का दायरा
अधिकारियों के अनुसार, आगे की जांच में सप्लाई चेन की अगली और पिछली कड़ियों की पहचान, नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों का पता लगाना, वित्तीय लेन-देन की जाँच और संभावित हवाला कनेक्शन का खुलासा करना शामिल है। यह ऑपरेशन ऐसे समय में आया है जब पंजाब में सीमा पार ड्रग तस्करी के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि पंजाब सीमावर्ती राज्य होने के कारण दशकों से ड्रग तस्करी के नेटवर्क का निशाना रहा है। 30 किलो से अधिक हेरोइन की यह बरामदगी राज्य में हाल के महीनों की बड़ी कार्रवाइयों में से एक है। विशेषज्ञों का मानना है कि दुबई जैसे तीसरे देशों से संचालित नेटवर्क का भंडाफोड़ होना जांच एजेंसियों के लिए अतिरिक्त चुनौती पैदा करता है, क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय समन्वय आवश्यक होता है।
क्या होगा आगे
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दुबई स्थित मास्टरमाइंड की पहचान और उसके प्रत्यर्पण की संभावना तलाशने के लिए केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय किया जा सकता है। फिलहाल सभी छह गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।