1 नवंबर 2026
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कन्नड़ राज्योत्सव पर वंदे भारत स्लीपर: बेंगलुरु-मुंबई के बीच तीसरी स्लीपर सेवा शुरू

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कन्नड़ राज्योत्सव पर वंदे भारत स्लीपर: बेंगलुरु-मुंबई के बीच तीसरी स्लीपर सेवा शुरू

सारांश

कन्नड़ राज्योत्सव पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु से मुंबई के लिए देश की तीसरी वंदे भारत स्लीपर सेवा को झंडी दिखाई। 823 यात्री क्षमता वाली यह रात्रिकालीन ट्रेन लगभग 16 घंटे में दो महानगरों को जोड़ेगी और सप्ताह में छह दिन चलेगी।

मुख्य बातें

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 नवंबर 2026 को कन्नड़ राज्योत्सव पर एसएमवीटी बेंगलुरु से बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई।
यह भारत की तीसरी वंदे भारत स्लीपर सेवा है, जिसकी कुल यात्री क्षमता 823 है — 11 एसी-3 टियर, 4 एसी-2 टियर और 1 फर्स्ट एसी कोच।
ट्रेन बेंगलुरु से शाम 7.45 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 11.55 बजे मुंबई पहुँचेगी — लगभग 16 घंटे का सफर।
सेवा सप्ताह में छह दिन चलेगी; दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) इसका संचालन करेगा।
केंद्रीय रेल राज्यमंत्री वी.
सोमन्ना के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में कर्नाटक में रेलवे पर ₹52,000 करोड़ से अधिक खर्च किए गए हैं।
कर्नाटक में 900 से अधिक रेलवे ओवरब्रिज बनाए गए हैं, जो देशभर के 14,000 ओवरब्रिज का हिस्सा हैं।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 नवंबर 2026 को कन्नड़ राज्योत्सव के अवसर पर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (एसएमवीटी), बेंगलुरु से बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। यह देश की तीसरी वंदे भारत स्लीपर सेवा है, जो प्रौद्योगिकी की राजधानी बेंगलुरु को देश की वित्तीय राजधानी मुंबई से जोड़ेगी।

उद्घाटन समारोह में कौन-कौन रहे मौजूद

उद्घाटन समारोह में केंद्रीय रेल राज्यमंत्री वी. सोमन्ना, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी, केंद्रीय राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या, पी.सी. मोहन, सी.एन. मंजूनाथ, तथा राज्यसभा सदस्य लहर सिंह सिरोया और जगेश उपस्थित रहे। वैष्णव ने स्टेशन पर मौजूद लोगों का अभिवादन करते हुए कर्नाटक और बेंगलुरु के नागरिकों को इस सेवा के शुभारंभ पर बधाई दी।

रेल मंत्री ने क्या कहा

मीडिया से बात करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'कन्नड़ राज्योत्सव के मौके पर बेंगलुरु और मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू की जा रही है। यह एक बहुत अच्छी ट्रेन है और टेक्नोलॉजी की राजधानी बेंगलुरु को देश की वित्तीय राजधानी मुंबई से जोड़ेगी। यह तीसरी वंदे भारत स्लीपर सेवा होगी।' उन्होंने यात्री सुविधा और सुरक्षा के नए पहलुओं पर भी प्रकाश डाला — लोकोमोटिव पायलटों के लिए विशेष सुविधाएँ, बर्थ पर चढ़ने को आसान बनाने के लिए अतिरिक्त फीचर्स, और दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्थाएँ शामिल की गई हैं।

ट्रेन की क्षमता और रूट विवरण

वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की कुल क्षमता 823 यात्रियों की होगी। इसमें 11 एसी थ्री-टियर कोच (611 यात्री), 4 एसी टू-टियर कोच (188 यात्री) और 1 फर्स्ट एसी कोच (24 यात्री) शामिल हैं। यह सेवा दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) द्वारा संचालित की जाएगी और ट्रेन नंबर 27652 (एसएमवीटी बेंगलुरु से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई) तथा ट्रेन नंबर 27651 (सीएसएमटी मुंबई से एसएमवीटी बेंगलुरु) के रूप में चलेगी।

ट्रेन 27652 बेंगलुरु से शाम 7.45 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11.55 बजे मुंबई पहुँचेगी — कुल यात्रा लगभग 16 घंटे की होगी। वापसी में ट्रेन 27651 मुंबई से रात 8.10 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर तक बेंगलुरु पहुँचेगी। यह सेवा सप्ताह में छह दिन चलेगी — बेंगलुरु से मुंबई यात्रा के लिए सोमवार और मुंबई से बेंगलुरु यात्रा के लिए मंगलवार को छोड़कर।

कर्नाटक में रेलवे विकास: आंकड़े और दावे

केंद्रीय रेल राज्यमंत्री वी. सोमन्ना ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों में कर्नाटक में रेलवे विकास पर ₹52,000 करोड़ से अधिक खर्च किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पूरे भारत में 14,000 रेलवे ओवरब्रिज बनाए गए हैं, जिनमें से कर्नाटक में 900 से ज्यादा ओवरब्रिज शामिल हैं। सोमन्ना ने यह भी कहा कि उत्तरी कर्नाटक, मध्य और दक्षिणी कर्नाटक में रेलवे कनेक्टिविटी सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया है, और रेलवे तथा हाईवे वर्तमान केंद्र सरकार के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्र बने हुए हैं।

आगे क्या

यह रात्रिकालीन सेवा बेंगलुरु और मुंबई के बीच कारोबारी और आम यात्रियों दोनों के लिए एक सुविधाजनक विकल्प बनने की उम्मीद है। गौरतलब है कि यह सेवा कन्नड़ राज्योत्सव — कर्नाटक के स्थापना दिवस — पर शुरू की गई है, जो राज्य के लिए इसे प्रतीकात्मक महत्व भी देती है। बेंगलुरु-मुंबई कॉरिडोर पर यात्री माँग को देखते हुए इस ट्रेन की आवृत्ति और स्वीकृति पर आने वाले हफ्तों में ध्यान केंद्रित रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा समयपालन और किराया-प्रतिस्पर्धात्मकता की होगी — दोनों क्षेत्र जहाँ पहले की वंदे भारत सेवाओं को मिश्रित समीक्षाएँ मिली हैं। बेंगलुरु-मुंबई रूट पर फ्लाइट के मुकाबले 16 घंटे का सफर केवल तभी आकर्षक होगा जब किराया तर्कसंगत रखा जाए। ₹52,000 करोड़ के कर्नाटक रेलवे निवेश के दावे प्रभावशाली लगते हैं, परंतु इस राशि का कितना हिस्सा वास्तव में पूर्ण परियोजनाओं में तब्दील हुआ और कितना अभी भी 'प्रगति में' है — यह सवाल जवाबदेही की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस कब से चलेगी?
यह सेवा 1 नवंबर 2026 से शुरू हो गई है। इसे कन्नड़ राज्योत्सव के अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एसएमवीटी बेंगलुरु से हरी झंडी दिखाई।
इस ट्रेन का शेड्यूल और समय क्या है?
ट्रेन नंबर 27652 बेंगलुरु से शाम 7.45 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 11.55 बजे मुंबई (सीएसएमटी) पहुँचती है। वापसी में ट्रेन नंबर 27651 मुंबई से रात 8.10 बजे चलती है। यह सेवा सप्ताह में छह दिन उपलब्ध है — बेंगलुरु से मुंबई के लिए सोमवार और मुंबई से बेंगलुरु के लिए मंगलवार को छोड़कर।
वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में कितनी और किस प्रकार की सीटें हैं?
ट्रेन की कुल क्षमता 823 यात्रियों की है। इसमें 11 एसी थ्री-टियर कोच (611 बर्थ), 4 एसी टू-टियर कोच (188 बर्थ) और 1 फर्स्ट एसी कोच (24 बर्थ) शामिल हैं। दिव्यांगजनों के लिए भी विशेष सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
यह कौन सी वंदे भारत स्लीपर सेवा है?
बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस देशभर में शुरू की गई तीसरी वंदे भारत स्लीपर सेवा है। इसका संचालन दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) जोन द्वारा किया जाएगा।
कर्नाटक में रेलवे विकास पर कितना खर्च हुआ है?
केंद्रीय रेल राज्यमंत्री वी. सोमन्ना के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में कर्नाटक में रेलवे विकास पर ₹52,000 करोड़ से अधिक खर्च किए गए हैं। इस दौरान कर्नाटक में 900 से अधिक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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