31 अक्टूबर 2026
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वंदे भारत स्लीपर: दिल्ली-काशी के बीच PM मोदी ने किया शुभारंभ, योगी बोले- व्यापार-पर्यटन को मिलेगी नई गति

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वंदे भारत स्लीपर: दिल्ली-काशी के बीच PM मोदी ने किया शुभारंभ, योगी बोले- व्यापार-पर्यटन को मिलेगी नई गति

सारांश

दिल्ली और काशी के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के सबसे व्यस्त धार्मिक-व्यापारिक रूट पर रात्रिकालीन यात्रा को नया आयाम देता है। साथ ही सरदार पटेल जयंती पर कौशल विकास योजना की शुरुआत — योगी सरकार का दोहरा दांव: कनेक्टिविटी और रोज़गार।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2026 को दिल्ली-वाराणसी (काशी) वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का शुभारंभ किया।
CM योगी आदित्यनाथ ने कहा — इससे उत्तर प्रदेश में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
लखनऊ में 'सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण व रोजगार क्षेत्र विकास योजना' का भी शुभारंभ किया गया।
31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस पर 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन; CM ने जनता से भाग लेने की अपील की।
CM योगी ने 2017 से पहले की सरकारों पर तुष्टीकरण और जातिवाद का आरोप लगाते हुए 'डबल इंजन सरकार' की उपलब्धियाँ गिनाईं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वाराणसी (काशी) और नई दिल्ली के बीच अत्याधुनिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री ने इसे 'नए उत्तर प्रदेश' की दो बड़ी उपलब्धियों में से एक बताते हुए कहा कि इसी दिन लखनऊ में 'सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण व रोजगार क्षेत्र विकास योजना' का भी उद्घाटन होगा।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: मुख्य जानकारी

यह ट्रेन बाबा विश्वनाथ की पावन नगरी काशी को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से जोड़ेगी। मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'बाबा विश्वनाथ की पावन नगरी काशी से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली तक रेल संपर्क को नई गति देने के लिए आज प्रधानमंत्री के कर-कमलों द्वारा अत्याधुनिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का शुभारंभ होगा।' यह ट्रेन मौजूदा वंदे भारत एक्सप्रेस की तुलना में रात्रिकालीन लंबी दूरी की यात्रा के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है।

पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों पर असर

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आधुनिक रेल सेवा से उत्तर प्रदेश में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। यह ऐसे समय में आया है जब काशी में धार्मिक पर्यटन पहले से ही तेज़ी से बढ़ रहा है — काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्निर्माण के बाद से वाराणसी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। गौरतलब है कि दिल्ली-वाराणसी रूट पर यात्री यातायात का दबाव अधिक रहता है, और स्लीपर विकल्प की माँग लंबे समय से थी।

कौशल विकास योजना का शुभारंभ

लखनऊ में आज 'सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण व रोजगार क्षेत्र विकास योजना' की शुरुआत भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल युवाओं के कौशल को निखारकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक्स पर अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा कि 'कौशल विकास की यह पहल युवाओं को प्रदेश की प्रगति में सशक्त सहभागी बनाएगी।'

सरदार पटेल जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस

31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने 'रन फॉर यूनिटी' में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में तुष्टीकरण, जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति ने समाज को बाँटने का काम किया, और 'डबल इंजन सरकार' ने इसे बदला। मुख्यमंत्री ने लौह पुरुष सरदार पटेल को याद करते हुए कहा, 'जिस राष्ट्रीय एकात्मता के लिए भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल जी ने अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया, उसे अक्षुण्ण बनाए रखना प्रत्येक भारतीय का पावन कर्तव्य है।'

आगे की राह

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का यह शुभारंभ भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण कार्यक्रम की दिशा में एक और कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्लीपर वर्ग की उपलब्धता इस रूट पर आम यात्रियों के लिए सुविधाजनक और किफायती रात्रिकालीन यात्रा का विकल्प खोलेगी। कौशल विकास योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशिक्षण कार्यक्रम ज़िला स्तर पर कितनी तेज़ी से लागू होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षण किराया-ढाँचे और सीट उपलब्धता में होगी — यदि यह आम यात्री की पहुँच से बाहर रही तो 'पर्यटन को गति' का दावा खोखला रह जाएगा। कौशल विकास योजना का नाम सरदार पटेल से जोड़ना राजनीतिक दृष्टि से चतुर है, पर योजना की सफलता ज़िला स्तर पर क्रियान्वयन और सत्यापनयोग्य रोज़गार परिणामों पर टिकी है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पिछले कई कौशल कार्यक्रम प्रशिक्षण और वास्तविक नौकरी के बीच की खाई पाटने में सीमित रहे हैं। राष्ट्रीय एकता दिवस पर राजनीतिक बयानबाज़ी और विकास घोषणाओं का यह मेल सत्ता की पुरानी परंपरा है — मतदाता अब नतीजे माँग रहे हैं।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली-काशी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन क्या है?
यह नई दिल्ली और वाराणसी (काशी) के बीच चलने वाली अत्याधुनिक रात्रिकालीन ट्रेन है, जिसे PM नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2026 को लॉन्च किया। यह मौजूदा वंदे भारत एक्सप्रेस से अलग है — इसमें स्लीपर सुविधा है, जो लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा के लिए उपयुक्त है।
CM योगी ने वंदे भारत स्लीपर से क्या उम्मीदें जताई हैं?
CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस आधुनिक रेल सेवा से उत्तर प्रदेश में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने विशेष रूप से काशी के धार्मिक पर्यटन को इससे लाभ होने की बात कही।
सरदार पटेल कौशल प्रशिक्षण योजना क्या है और इसका उद्घाटन कहाँ हुआ?
'सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण व रोजगार क्षेत्र विकास योजना' का शुभारंभ 31 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं के कौशल को निखारकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ना है।
31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस क्यों मनाया जाता है?
31 अक्टूबर को भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती है, जिसे 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर 'रन फॉर यूनिटी' (एकता दौड़) का आयोजन किया जाता है और CM योगी ने जनता से इसमें भाग लेने की अपील की।
'डबल इंजन सरकार' से CM योगी का क्या आशय है?
CM योगी आदित्यनाथ 'डबल इंजन सरकार' से आशय केंद्र में BJP की सरकार (PM मोदी के नेतृत्व में) और उत्तर प्रदेश में भी BJP सरकार (अपने नेतृत्व में) से लेते हैं। उनका तर्क है कि दोनों स्तरों पर एक ही दल की सरकार होने से विकास कार्यों में तेज़ी और समन्वय होता है।
राष्ट्र प्रेस
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