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होर्मुज स्ट्रेट में अक्टूबर में 35 हमले, युद्ध शुरू होने के बाद सबसे खराब महीना: UKMTO

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होर्मुज स्ट्रेट में अक्टूबर में 35 हमले, युद्ध शुरू होने के बाद सबसे खराब महीना: UKMTO

सारांश

अक्टूबर 2026 में होर्मुज जलडमरूमध्य में करीब 35 हमले — फरवरी में ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे खराब महीना। समुद्री यातायात युद्ध-पूर्व स्तर से 70% नीचे। 27 भारतीय नाविकों वाले एमटी लुईस 1 पर लिम्पेट माइन हमला, लेकिन सभी सुरक्षित।

मुख्य बातें

UKMTO के अनुसार अक्टूबर 2026 में होर्मुज और खाड़ी क्षेत्र में करीब 35 हमले हुए — फरवरी 2026 में युद्ध शुरू होने के बाद सबसे खराब महीना।
28 फरवरी 2026 से अब तक होर्मुज जलडमरूमध्य, अदन की खाड़ी और ओमान सागर में कुल कम से कम 144 हमले दर्ज।
28 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में होर्मुज से 122 आउटबाउंड और 155 इनबाउंड जहाज — युद्ध-पूर्व स्तर से लगभग 70% कम।
27 भारतीय क्रू वाले तेल टैंकर एमटी लुईस 1 पर दो लिम्पेट माइंस से हमला, इंजन रूम में आग लगी लेकिन सभी नाविक सुरक्षित।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक्स पर बताया — एमटी अरजनाह पर सवार 2 भारतीय नागरिक भी सुरक्षित।

यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2026 में होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र में जहाजों पर करीब 35 हमले दर्ज किए गए हैं, जो फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ संयुक्त हवाई अभियान शुरू करने के बाद का सर्वाधिक खराब महीना है। ब्रिटेन की इस समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने यह भी बताया कि 28 फरवरी से अब तक होर्मुज जलडमरूमध्य, अदन की खाड़ी और ओमान सागर में कम से कम 144 हमले हो चुके हैं।

मुख्य घटनाक्रम

UKMTO के विश्लेषण के अनुसार, इससे पहले मार्च 2026 दूसरा सबसे खराब महीना था, जब लगभग 30 हमले हुए थे। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में समुद्री यातायात युद्ध-पूर्व स्तर की तुलना में पहले से ही बुरी तरह प्रभावित है।

28 अक्टूबर को समाप्त हुए सप्ताह में होर्मुज स्ट्रेट से 122 जहाज बाहर गए (आउटबाउंड) और 155 जहाज अंदर आए (इनबाउंड)। यह संख्या युद्ध-पूर्व स्तर की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत कम है, हालाँकि पिछले सप्ताह के 114 आउटबाउंड और 127 इनबाउंड जहाजों की तुलना में मामूली सुधार ज़रूर दर्ज हुआ है।

शुक्रवार की घटनाएँ और IRGC का दावा

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट में और उसके आसपास चार जहाजों में आग लग गई। UKMTO ने उस दिन एक हमले की पुष्टि की, जिसमें बताया गया कि ईरान के लावन द्वीप के दक्षिण में एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई। एजेंसी के आँकड़ों में IRGC द्वारा बताए गए चार टैंकरों की घटनाएँ शामिल नहीं हैं।

एजेंसी ने उस सप्ताह के तीन हमलों का विवरण देते हुए बताया कि एक जहाज ने अपनी यात्रा जारी रखी, दूसरे को बाहरी मदद की ज़रूरत पड़ी, जबकि तीसरे जहाज की स्थिति के बारे में फिलहाल कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

भारतीय नाविकों पर असर

गौरतलब है कि इसी शुक्रवार को होर्मुज में 27 भारतीय क्रू सदस्यों वाले तेल टैंकर एमटी लुईस 1 पर हमला हुआ था। पनामा के झंडे वाले इस टैंकर पर दो लिम्पेट माइंस लगाई गई थीं। विस्फोट के कारण इंजन रूम में आग लगी, जिसे क्रू ने बुझाने में सफलता पाई।

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए शुक्रवार रात बताया कि सभी 27 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई है। उन्होंने अपनी पोस्ट में 29 अक्टूबर को हुए एक अन्य हमले का भी उल्लेख किया, जिसमें लाइबेरिया के झंडे वाले वीएलसीसी 'एमटी अरजनाह' पर 2 भारतीय नागरिक सवार थे — वे भी पूरी तरह सुरक्षित बताए गए।

क्या होगा आगे

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है और यहाँ लगातार बढ़ते हमले वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर दबाव डाल रहे हैं। यह स्थिति तब और गंभीर होती जा रही है जब क्षेत्र में पहले से ही यातायात युद्ध-पूर्व स्तर का 30 प्रतिशत ही रह गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव कम नहीं होता, इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही जोखिम भरी बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सक्रिय युद्धक्षेत्र बन चुका है। युद्ध-पूर्व स्तर से 70% कम समुद्री यातायात यह दर्शाता है कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पहले से ही गंभीर दबाव में है। भारत के लिए यह विशेष रूप से चिंताजनक है — देश की तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होता है और दर्जनों भारतीय नाविक नियमित रूप से इन खतरनाक जलों से गुजरते हैं। मुख्यधारा की कवरेज हमलों की गिनती पर केंद्रित है, लेकिन असली सवाल यह है कि भारत सरकार अपने समुद्री नागरिकों की सुरक्षा के लिए किस स्तर की कूटनीतिक और सामरिक तैयारी कर रही है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज स्ट्रेट में अक्टूबर 2026 में कितने हमले हुए?
UKMTO के आँकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2026 में होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र में जहाजों पर करीब 35 हमले हुए। यह फरवरी 2026 में ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे खराब महीना है।
UKMTO क्या है और यह रिपोर्ट क्यों अहम है?
UKMTO यानी यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी है, जो होर्मुज, अदन की खाड़ी और ओमान सागर जैसे संवेदनशील जलमार्गों में जहाजों पर होने वाले हमलों की निगरानी और रिपोर्टिंग करती है। इसकी रिपोर्ट वैश्विक स्तर पर विश्वसनीय समुद्री सुरक्षा आकलन का प्राथमिक स्रोत मानी जाती है।
एमटी लुईस 1 पर हमला क्या था और भारतीय नाविक सुरक्षित हैं?
एमटी लुईस 1 एक पनामा-ध्वज तेल टैंकर है जिस पर 27 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। शुक्रवार को होर्मुज में इस पर दो लिम्पेट माइंस लगाई गईं, जिससे इंजन रूम में आग लगी। क्रू ने आग बुझा ली और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक्स पर पुष्टि की कि सभी 27 नाविक सुरक्षित हैं।
फरवरी 2026 से अब तक होर्मुज क्षेत्र में कुल कितने हमले हो चुके हैं?
UKMTO के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य, अदन की खाड़ी और ओमान सागर में कुल कम से कम 144 हमले दर्ज किए जा चुके हैं।
होर्मुज में हमलों का भारत पर क्या असर पड़ रहा है?
होर्मुज जलडमरूमध्य भारत की तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। बढ़ते हमलों के कारण समुद्री यातायात युद्ध-पूर्व स्तर से करीब 70% कम हो गया है, जिससे ऊर्जा आयात महँगा और जोखिमभरा हो गया है। इसके अलावा, भारतीय नाविकों की सुरक्षा भी सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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