होर्मुज स्ट्रेट में अक्टूबर में 35 हमले, युद्ध शुरू होने के बाद सबसे खराब महीना: UKMTO
सारांश
मुख्य बातें
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2026 में होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र में जहाजों पर करीब 35 हमले दर्ज किए गए हैं, जो फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ संयुक्त हवाई अभियान शुरू करने के बाद का सर्वाधिक खराब महीना है। ब्रिटेन की इस समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने यह भी बताया कि 28 फरवरी से अब तक होर्मुज जलडमरूमध्य, अदन की खाड़ी और ओमान सागर में कम से कम 144 हमले हो चुके हैं।
मुख्य घटनाक्रम
UKMTO के विश्लेषण के अनुसार, इससे पहले मार्च 2026 दूसरा सबसे खराब महीना था, जब लगभग 30 हमले हुए थे। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में समुद्री यातायात युद्ध-पूर्व स्तर की तुलना में पहले से ही बुरी तरह प्रभावित है।
28 अक्टूबर को समाप्त हुए सप्ताह में होर्मुज स्ट्रेट से 122 जहाज बाहर गए (आउटबाउंड) और 155 जहाज अंदर आए (इनबाउंड)। यह संख्या युद्ध-पूर्व स्तर की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत कम है, हालाँकि पिछले सप्ताह के 114 आउटबाउंड और 127 इनबाउंड जहाजों की तुलना में मामूली सुधार ज़रूर दर्ज हुआ है।
शुक्रवार की घटनाएँ और IRGC का दावा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट में और उसके आसपास चार जहाजों में आग लग गई। UKMTO ने उस दिन एक हमले की पुष्टि की, जिसमें बताया गया कि ईरान के लावन द्वीप के दक्षिण में एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई। एजेंसी के आँकड़ों में IRGC द्वारा बताए गए चार टैंकरों की घटनाएँ शामिल नहीं हैं।
एजेंसी ने उस सप्ताह के तीन हमलों का विवरण देते हुए बताया कि एक जहाज ने अपनी यात्रा जारी रखी, दूसरे को बाहरी मदद की ज़रूरत पड़ी, जबकि तीसरे जहाज की स्थिति के बारे में फिलहाल कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
भारतीय नाविकों पर असर
गौरतलब है कि इसी शुक्रवार को होर्मुज में 27 भारतीय क्रू सदस्यों वाले तेल टैंकर एमटी लुईस 1 पर हमला हुआ था। पनामा के झंडे वाले इस टैंकर पर दो लिम्पेट माइंस लगाई गई थीं। विस्फोट के कारण इंजन रूम में आग लगी, जिसे क्रू ने बुझाने में सफलता पाई।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए शुक्रवार रात बताया कि सभी 27 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई है। उन्होंने अपनी पोस्ट में 29 अक्टूबर को हुए एक अन्य हमले का भी उल्लेख किया, जिसमें लाइबेरिया के झंडे वाले वीएलसीसी 'एमटी अरजनाह' पर 2 भारतीय नागरिक सवार थे — वे भी पूरी तरह सुरक्षित बताए गए।
क्या होगा आगे
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है और यहाँ लगातार बढ़ते हमले वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर दबाव डाल रहे हैं। यह स्थिति तब और गंभीर होती जा रही है जब क्षेत्र में पहले से ही यातायात युद्ध-पूर्व स्तर का 30 प्रतिशत ही रह गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव कम नहीं होता, इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही जोखिम भरी बनी रहेगी।