होर्मुज स्ट्रेट पर एक सप्ताह में 14 जहाज क्षतिग्रस्त, वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट गहराया
सारांश
मुख्य बातें
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उसके आसपास के जलमार्ग पर समुद्री हमलों की संख्या में खतरनाक वृद्धि दर्ज की गई है — यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के आंकड़ों के अनुसार, 8 से 14 अक्टूबर 2026 के बीच मात्र एक सप्ताह में 14 जहाजों पर हमले हुए, जो ईरान के विरुद्ध अमेरिका-इज़रायल युद्ध शुरू होने के बाद किसी एक सप्ताह में दर्ज सबसे अधिक संख्या है। इस संकट के बीच इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुज़रने वाले जहाजों की संख्या में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
ताज़ा हमलों का घटनाक्रम
रविवार, 13 अक्टूबर की सुबह UKMTO ने पुष्टि की कि यमन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तट के निकट दो जहाजों पर हमले हुए। इससे एक दिन पहले शनिवार को ईरान के सुरक्षा बलों ने तीन जहाजों में आग लगने की सूचना दी थी, जिनमें से दो होर्मुज के भीतर या उसके आसपास समुद्री बारूदी सुरंगों (sea mines) की चपेट में आए थे। गौरतलब है कि 11 अक्टूबर को एक ही दिन में कम से कम छह जहाजों को निशाना बनाया गया — जो इस संघर्ष में अब तक का सबसे घातक एकल दिन रहा।
समुद्री सुरक्षा घटनाओं की कुल संख्या
इन हमलों के साथ 1 मार्च 2026 से अब तक दर्ज समुद्री सुरक्षा घटनाओं की संख्या बढ़कर 149 हो गई है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि होर्मुज क्षेत्र में तनाव एक अस्थायी उभार नहीं, बल्कि एक स्थायी और बढ़ता हुआ खतरा बन चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की ओर से ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी जारी है।
जहाजों की आवाजाही में तीखी गिरावट
हमलों के भय से होर्मुज से गुज़रने वाले जहाजों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। 8 से 14 अक्टूबर के दौरान इस जलडमरूमध्य से केवल 42 जहाज गुज़रे, जबकि इससे पिछले सप्ताह यह संख्या 60 थी। इनमें से अधिकांश जहाज पेट्रोलियम उत्पाद वहन कर रहे थे। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार, इस गिरावट से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और परिवहन लागत पर सीधा असर पड़ सकता है।
अमेरिकी नाकेबंदी और मार्ग परिवर्तन
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, नाकेबंदी दोबारा लागू किए जाने के बाद से अमेरिकी सेना करीब 138 जहाजों का मार्ग बदलवा चुकी है। यह कदम ईरानी बंदरगाहों तक माल की पहुँच रोकने के व्यापक रणनीतिक प्रयास का हिस्सा है। आलोचकों का कहना है कि यह नाकेबंदी क्षेत्रीय तनाव को और भड़का रही है।
होर्मुज का वैश्विक महत्व और आगे का खतरा
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा व्यापार का सबसे संवेदनशील बिंदु माना जाता है — यह संकरा जलमार्ग फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है, और खाड़ी देशों से कच्चे तेल व पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात की जीवनरेखा है। यहाँ आवाजाही बाधित होने से अंतर्राष्ट्रीय तेल बाज़ारों, शिपिंग बीमा दरों और एशियाई देशों — जिनमें भारत भी शामिल है — की ऊर्जा लागत पर सीधा असर पड़ सकता है। यदि हमलों की यह रफ़्तार जारी रही, तो आगामी हफ्तों में वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में और उथलपुथल से इनकार नहीं किया जा सकता।