क्या वंदे भारत स्लीपर रेल यात्रियों को सफर में नया एहसास दिलाने वाली है?
सारांश
Key Takeaways
- सुरक्षा के लिए 'कवच' ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम।
- आरामदायक यात्रा के लिए विशेष बर्थ डिजाइन।
- कोई आरएससी या वेटिंग लिस्ट नहीं।
- वीआईपी कोटा का कोई विकल्प नहीं।
- स्थानीय खाने की व्यवस्था।
नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय रेलवे ने पिछले 11 वर्षों से यात्रियों की सुविधा को सुगम, सुरक्षित और तेज बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। इस दौरान, रेलवे ने अपनी यात्रा में कई नए अध्याय जोड़े हैं।
पिछले कुछ वर्षों में रेलवे ने रेलगाड़ियों की गति, इंफ्रास्ट्रक्चर, और रेल डिब्बों तथा इंजन के विकास पर ध्यान केंद्रित किया है, ताकि यात्रियों के लिए यात्रा को सुखद, सुविधाजनक और समय बचाने वाला बनाया जा सके। इस विकास में कई हाई स्पीड और सेमी हाई स्पीड ट्रेनों को पटरी पर उतारा गया है, जिनमें हमसफर, वंदे भारत, और अमृत भारत जैसी ट्रेनें शामिल हैं।
अब रेलवे ने यात्रियों की सुविधा हेतु कई रूटों पर नई स्लीपर वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के परिचालन का निर्णय लिया है। पहले केवल बैठकर यात्रा करने के लिए डिज़ाइन की गई वंदे भारत ट्रेनों को अब लंबी दूरी के यात्रियों के लिए स्लीपर वर्जन में परिवर्तित किया गया है। इससे यात्रियों का 3 घंटे से अधिक का समय बचेगा और यात्रा अधिक आरामदायक और लग्जरी होगी।
देश की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन को पीएम नरेंद्र मोदी 17 जनवरी को हरी झंडी दिखाएंगे और 18 जनवरी से हावड़ा से कामख्या के लिए इसकी नियमित सेवा शुरू होगी। इस ट्रेन में स्लीपर के साथ एसी1, एसी2 और एसी3 कोच भी होंगे।
इस ट्रेन का इंटीरियर्स भारतीय संस्कृति से प्रेरित हैं, और यात्रियों की सुरक्षा के लिए इसमें 'कवच' ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम, इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट, और बेहतर सैनिटेशन के लिए कीटाणुनाशक तकनीक का उपयोग किया गया है। इसका बाहरी लुक एरोडायनामिक होगा, और दरवाजे ऑटोमेटिक खुलेंगे और बंद होंगे।
वंदे भारत स्लीपर में बेहतर सैनिटेशन के लिए कीटाणुनाशक तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे सर्दी-जुकाम वाले साथी यात्रियों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं होगी। रेल मंत्रालय के अनुसार, इसके कोच में यूवीसी तकनीक का प्रयोग किया गया है, जिससे हवा में वायरस को खत्म किया जाएगा।
इस ट्रेन की अधिकतम गति सीमा 180 किमी/घंटा होगी, जबकि नियमित सेवा में यह 130 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगी।
यात्रियों को कई प्रीमियम सुविधाएं जैसे उच्च गुणवत्ता वाले कंबल कवर और एडवांस्ड बेडरोल प्रदान किए जाएंगे। इसमें आईआरसीटीसी की ओर से 1 लीटर रेल नीर और एक अखबार भी मुफ्त दिया जाएगा।
इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें कोई आरएससी या वेटिंग लिस्ट का झंझट नहीं होगा। इसमें केवल पूर्णतः कंफर्म टिकट ही मिलेगा।
यात्रियों के लिए बेहतर कुशनिंग और शोर कम करने वाली तकनीक का उपयोग किया गया है। ट्रेन के ऑनबोर्ड स्टाफ निर्धारित यूनिफॉर्म में रहेंगे।
इस ट्रेन में वीआईपी कोटा का कोई विकल्प नहीं होगा, और इसमें केवल महिला, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और ड्यूटी पास कोटा मान्य होंगे।
इस ट्रेन में यात्रियों का सफर अब तेज, आरामदायक और स्वादिष्ट होगा, क्योंकि भारतीय रेलवे ने वंदे भारत ट्रेनों में स्थानीय पहचान वाले व्यंजन परोसने का निर्णय लिया है।
किराया राजधानी एक्सप्रेस से थोड़ा अधिक होगा, न्यूनतम किराया 400 किमी की दूरी के आधार पर तय किया जाएगा।
इस ट्रेन में लोको पायलट के लिए विशेष सुविधा भी होगी। वंदे भारत के पावर कार में टॉयलेट बनाया गया है।
इस स्लीपर वंदे भारत में 16 कोच होंगे, जिनमें थर्ड एसी के 11, सेकंड एसी के 4 और फर्स्ट एसी का एक कोच शामिल होगा।
हालांकि, यह सभी जानकारी तब तक कंफर्म नहीं हो सकती जब तक इस ट्रेन का परिचालन शुरू नहीं हो जाता।