मिर्जापुर में गो-तस्करी: पुलिस मुठभेड़ में दो तस्कर घायल व गिरफ्तार, 45 गोवंश बरामद
सारांश
Key Takeaways
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में अहरौरा थाना पुलिस ने 30 अप्रैल 2025 को दो अंतर्जनपदीय गो-तस्करों के साथ मुठभेड़ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 45 गोवंश, दो देशी कट्टे और कारतूस बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी है और उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अहरौरा के जंगल के रास्ते चंदौली होते हुए गोवंश को बिहार ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने बैजू बाबा तपस्थली जाने वाले रास्ते के दक्षिण में स्थित जंगल के भल्दरिया हिनौता गाँव में आरोपियों को रोकने का प्रयास किया।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने की कोशिश की। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों तस्करों के पैर में गोली लगी।
आरोपियों की पहचान और बरामदगी
घायल तस्करों की पहचान रामबच्चन यादव और रामप्रकाश यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से दो देशी कट्टे, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और 45 गोवंश बरामद किए। एएसपी सिटी नितेश सिंह ने बताया कि इन दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी गो-तस्करी के मामले दर्ज हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया
एएसपी सिटी नितेश सिंह के अनुसार, पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि गाय की तस्करी कर उन्हें चंदौली के रास्ते बिहार ले जाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों को इलाज के बाद विधिक कार्रवाई का सामना करना होगा और इस मामले में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
पूर्व की घटनाएँ और व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश पुलिस राज्य में गो-तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। इससे पहले 23 फरवरी को बलिया में भी पुलिस ने ₹25,000 के इनामी गो-तस्कर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। उस घटना में भी तस्कर ने पुलिस पर फायरिंग की थी और जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी थी।
गौरतलब है कि अंतर्जनपदीय गो-तस्करी के ये मामले संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं जो एक से अधिक जिलों में सक्रिय हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क की पूरी कड़ी को उजागर करने के लिए जाँच जारी है।