31 अक्टूबर 2026
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वाराणसी में कांस्टेबल पर हमले के दो और आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, अब तक तीन पकड़े गए

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वाराणसी में कांस्टेबल पर हमले के दो और आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, अब तक तीन पकड़े गए

सारांश

वाराणसी में कांस्टेबल को तीन गोलियाँ मारने के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को मुठभेड़ में दबोचा। अंजनी झा और राजू तिवारी हथियार बरामदगी के दौरान फायरिंग करने लगे, जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल। इस मामले में अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार, अवैध असलहा नेटवर्क की जाँच जारी।

मुख्य बातें

कांस्टेबल अमित शुक्ला को वाराणसी के आशुतोष नगर कॉलोनी में पेट, पीठ और हाथ में तीन गोलियाँ लगीं; वे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं।
दो नए आरोपी अंजनी झा और राजू तिवारी को 31 अक्टूबर 2026 को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया; दोनों के पैरों में गोली लगी।
पहले आरोपी राज विश्वकर्मा को लोटूबीर के पास हुई मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया था।
मामले में अब तक कुल तीन आरोपी गिरफ्तार; अवैध असलहे भी बरामद।
डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि हथियार बरामदगी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई हुई।

वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर गोलीबारी कर कांस्टेबल अमित शुक्ला को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में पुलिस ने 31 अक्टूबर 2026 को दो और आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंजनी झा और राजू तिवारी के रूप में हुई है। इस मामले में अब तक कुल तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।

मूल घटनाक्रम

डीसीपी गौरव बंसवाल के अनुसार, शुक्रवार शाम लंका थाने की क्राइम टीम के चार पुलिसकर्मी असलहा तस्करी से जुड़े संदिग्धों की तलाश में सुंदरपुर स्थित आशुतोष नगर कॉलोनी पहुँचे थे। पूछताछ के दौरान एक संदिग्ध ने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें कांस्टेबल अमित शुक्ला को पेट, पीठ और हाथ में तीन गोलियाँ लगीं। गंभीर रूप से घायल सिपाही को तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है।

पहली गिरफ्तारी और फरार आरोपी

घटना के बाद पुलिस ने कई टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पीछा करते हुए लोटूबीर के निकट हुई मुठभेड़ में एक आरोपी राज विश्वकर्मा के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। हालाँकि उसके दो साथी उस समय फरार हो गए थे।

दूसरी मुठभेड़ और हथियारों की बरामदगी

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में राज विश्वकर्मा ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल अवैध असलहे सामने घाट इलाके में एक सुनसान स्थान पर छिपाए गए हैं। इस सूचना पर पुलिस की विशेष टीम अंजनी झा और राजू तिवारी को लेकर उस स्थान पर पहुँची। बरामदगी के दौरान दोनों आरोपियों ने पहले से छिपाए गए हथियार निकालकर पुलिस पर फायर करना शुरू कर दिया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों के पैरों में गोली लगी। उन्हें तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

आरोपियों की स्थिति और साक्ष्य

तीनों गिरफ्तार आरोपियों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने उनके पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए अवैध असलहे भी बरामद कर लिए हैं। यह मामला असलहा तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जिसकी जाँच जारी है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार मामले में जाँच जारी है और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की तलाश की जा रही है। कांस्टेबल अमित शुक्ला की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और उनके स्वास्थ्य पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है। यह घटना वाराणसी में बढ़ती हुई अवैध हथियार तस्करी की चुनौती को उजागर करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी में कांस्टेबल अमित शुक्ला को गोली कैसे लगी?
शुक्रवार शाम लंका थाने की क्राइम टीम असलहा तस्करी से जुड़े संदिग्धों की तलाश में सुंदरपुर स्थित आशुतोष नगर कॉलोनी पहुँची थी। पूछताछ के दौरान एक संदिग्ध ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें कांस्टेबल अमित शुक्ला को पेट, पीठ और हाथ में तीन गोलियाँ लगीं।
इस मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
इस मामले में अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पहले राज विश्वकर्मा को लोटूबीर के पास मुठभेड़ में पकड़ा गया, और बाद में अंजनी झा व राजू तिवारी को 31 अक्टूबर को हथियार बरामदगी के दौरान हुई मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया।
अंजनी झा और राजू तिवारी को कैसे पकड़ा गया?
पहले गिरफ्तार आरोपी राज विश्वकर्मा ने पूछताछ में बताया कि वारदात में इस्तेमाल हथियार सामने घाट इलाके में छिपाए गए हैं। पुलिस की विशेष टीम दोनों आरोपियों को बरामदगी के लिए वहाँ ले गई, जहाँ उन्होंने छिपे हुए असलहे निकालकर पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैरों में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
कांस्टेबल अमित शुक्ला अभी कहाँ हैं और उनकी स्थिति कैसी है?
कांस्टेबल अमित शुक्ला बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं जहाँ उनका उपचार जारी है। उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
क्या मामले में और आरोपी हो सकते हैं?
पुलिस के अनुसार जाँच अभी जारी है और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की तलाश की जा रही है। यह मामला एक बड़े अवैध असलहा तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
राष्ट्र प्रेस
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