क्या मां काली की धरती को मां कामाख्या की भूमि से जोड़ने वाली भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन हुआ? : पीएम मोदी
सारांश
Key Takeaways
- वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन पीएम मोदी ने किया।
- यह ट्रेन बंगाल और असम को जोड़ती है।
- युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- रेलवे का आधुनिकीकरण जारी है।
- अधिकतम वंदे भारत ट्रेनें देश में संचालित हो रही हैं।
मालदा, 17 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के मालदा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के विकास की नई दिशा के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भी शामिल है, जिसे पीएम ने हरी झंडी दिखाई।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज से बंगाल की प्रगति को और तेज करने का अभियान आरंभ हो गया है। पीएम मोदी ने बताया कि इन परियोजनाओं से न केवल लोगों की यात्राएं सरल होंगी, बल्कि व्यापार और कारोबार को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रेल ट्रैक मेंटेनेंस से संबंधित नई सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसर उत्पन्न होंगे। उन्होंने इसे भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने विशेष रूप से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज से भारत में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की शुरुआत हो रही है, जो लंबी दूरी की यात्रा को और भी अधिक आरामदायक, शानदार और यादगार बनाएंगी। यह ट्रेन 'मां काली की धरती' यानी बंगाल को 'मां कामाख्या की भूमि' यानी असम से जोड़ रही है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भविष्य में इस आधुनिक स्लीपर ट्रेन का विस्तार पूरे देश में किया जाएगा। उन्होंने बंगाल, असम और पूरे देश को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी।
पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि आज बंगाल को चार और आधुनिक अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें प्राप्त हुई हैं। इनमें न्यू जलपाईगुड़ी से नागरकोइल, न्यू जलपाईगुड़ी से तिरुचिरापल्ली, अलीपुरद्वार से बेंगलुरु और अलीपुरद्वार से मुंबई अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन नई ट्रेनों से विशेष रूप से उत्तर बंगाल की दक्षिण और पश्चिम भारत से कनेक्टिविटी और मजबूत होगी, जिससे लोगों को लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा मिलेगी और व्यापारिक रिश्ते भी विकसित होंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में रेल इंजन, डिब्बे और मेट्रो कोच का निर्माण किया जा रहा है, जो देश की तकनीक की पहचान बन चुके हैं। भारत अब अमेरिका और यूरोप से भी अधिक लोकोमोटिव बना रहा है और दुनिया के कई देशों को पैसेंजर ट्रेन और मेट्रो कोच का निर्यात कर रहा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को लाभ हो रहा है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय रेल तेजी से बदल रही है। रेलवे का विद्युतीकरण तेजी से हो रहा है, स्टेशन आधुनिक बनाए जा रहे हैं और पूरे देश में अब 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक और हाई-स्पीड ट्रेनों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिसका सीधा लाभ बंगाल के लोगों को मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि यह बदलाव सिर्फ ट्रेनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के विकास, रोजगार और बेहतर भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है।