दिलजीत दोसांझ का पलटवार: 'पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ', दिल्ली कॉन्सर्ट में आलोचकों को दिया जवाब
सारांश
मुख्य बातें
पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में अपने 'ऑरा इंडिया टूर' के पहले कॉन्सर्ट के मंच से उन आलोचकों को सीधा जवाब दिया, जो उनके 'मैं एक कलाकार हूं' वाले बयान के बाद उन पर राजनीतिक मुद्दों से दूरी बनाने का आरोप लगा रहे थे। दोसांझ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाबियों को यह बताने की ज़रूरत नहीं कि लड़ाइयाँ कैसे लड़ी जाती हैं।
मंच से क्या बोले दिलजीत
दर्शकों की तालियों के बीच दिलजीत दोसांझ ने कहा, 'मैं आप सभी से प्यार करता हूं क्योंकि मैं एक कलाकार हूं, भाई। मैं चुप हूं, तो मुझे चुप ही रहने दो। मैं आप सभी का समर्थन करता हूं। लेकिन पंजाबियों को यह मत सिखाओ कि लड़ते कैसे हैं।' यह टिप्पणी उन लोगों की ओर इशारा थी जिन्होंने कुछ महीने पहले दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनों के दौरान उनकी फिल्म 'सतलुज' को लेकर सार्वजनिक रूप से उनकी आलोचना की थी।
फिल्म 'सतलुज' और जसवंत सिंह खालरा का संदर्भ
दोसांझ ने मंच से ही फिल्म का मज़ाक उड़ाए जाने पर कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'जिस फिल्म का आप मंच पर मजाक उड़ा रहे हैं — जसवंत सिंह खालरा की फिल्म — उस फिल्म के लिए हमने लंबे समय तक लड़ाई लड़ी है। मैं आप सभी से प्यार करता हूं। अगर कोई हमसे नफरत करता है, तो कोई बात नहीं। लेकिन मैं आप सभी से प्यार करता हूं।' गायक ने इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी मुद्दे के लिए खड़े होने के मामले में पंजाबियों को किसी से सीखने की आवश्यकता नहीं है।
इंस्टाग्राम लाइव में भी रखी बात
कॉन्सर्ट के अलावा, दिलजीत ने एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान भी अपनी आलोचनाओं पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जो लोग उनके आस-पास नकारात्मकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उनसे उन्हें कोई फ़र्क नहीं पड़ता। उनके अनुसार, ये लोग केवल उन्हें परेशान और विचलित करना चाहते हैं, लेकिन वह इन सब बातों से ऊपर हैं।
अभिजीत दिपके की भावनात्मक प्रतिक्रिया
दिल्ली कॉन्सर्ट में दिलजीत की टिप्पणियों के बाद, अभिजीत दिपके ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर गायक के नाम एक लंबा नोट शेयर किया, जिसका शीर्षक था — 'दिलजीत पाजी के नाम'। दिपके ने लिखा, 'दिलजीत पाजी, जून में जब हम विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तब आपकी टिप्पणी से मुझे थोड़ी ठेस पहुंची। ऐसा इसलिए नहीं कि मुझे आपसे व्यक्तिगत रूप से कोई शिकायत थी, बल्कि इसलिए क्योंकि मैंने हमेशा आपको एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा है जो किसी मुद्दे के समर्थन में आवाज उठाता है।'
दिपके ने स्वीकार किया कि वह शिकागो में दिलजीत के कॉन्सर्ट में भी गए थे और वह उनके संगीत के साथ-साथ उनके साहस और अपनी जड़ों से जुड़े रहने के अंदाज़ की भी तारीफ करते हैं। उन्होंने आगे लिखा, 'एक असहमति या गलतफहमी की वजह से आपके प्रति मेरे सम्मान और प्रशंसा में कोई कमी नहीं आती।'
आगे क्या
दिपके ने अपनी पोस्ट का अंत एक पंजाबी पंक्ति से किया — 'गबरू ता वैरी नू वी मीठा बोलदा, नी तू ता फेर जट्ट दा प्यार गोरिये' — जो इस पूरे प्रकरण को एक भावनात्मक पूर्णता देती है। दिलजीत दोसांझ का 'ऑरा इंडिया टूर' अब देश के अन्य शहरों में भी जारी रहेगा, और यह विवाद इस टूर के शुरुआती चर्चे का केंद्र बना हुआ है।