वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लॉन्च: वाराणसी से दिल्ली 8-9 घंटे में, CM योगी ने PM मोदी का जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 अक्टूबर 2026 को वाराणसी से प्रदेशवासियों को रेल यातायात की तीन बड़ी सौगातें एक साथ दीं — नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, बनारस-प्रयागराज रामबाग मेमू और बनारस-राजातालाब मेमू सेवा का शुभारंभ किया गया। यह उद्घाटन लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर हुआ, जिसमें केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी उपस्थित रहे।
वंदे भारत स्लीपर: यात्रा समय में बड़ी कटौती
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि पहले वाराणसी से नई दिल्ली पहुँचने में 13 से 14 घंटे का समय लगता था। अब अत्याधुनिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इस दूरी को मात्र 8 से 9 घंटे में पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि यात्रियों के श्रम और समय दोनों की इससे भारी बचत होगी।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार को सरकार की प्राथमिकता बताया जा रहा है। गौरतलब है कि वंदे भारत ट्रेनों का स्लीपर संस्करण भारतीय रेल की उन्नत सेवाओं में एक नया अध्याय जोड़ता है।
मेमू सेवा: आम यात्री को सस्ती और सुलभ कनेक्टिविटी
स्थानीय नागरिकों, छात्रों, अधिवक्ताओं और व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई मेमू सेवा की दरें उल्लेखनीय रूप से कम हैं। बनारस से राजातालाब तक महीने भर की यात्रा मात्र ₹95 में और काशी से प्रयागराज तक की यात्रा मात्र ₹220 में उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने इसे रेखांकित करते हुए कहा कि एक दिन में व्यक्ति जितना खर्च चाय या पान पर करता है, उतने में रेलवे आम आदमी को महीने भर की सुरक्षित यात्रा उपलब्ध करा रहा है।
उत्तर प्रदेश में रेल बुनियादी ढाँचे में ऐतिहासिक सुधार
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अब रेलवे की सभी लाइनें ब्रॉडगेज हैं और पूरी तरह विद्युतीकृत हो चुकी हैं। पहले मानवरहित लेवल क्रॉसिंग पर अक्सर जनहानि होती थी, लेकिन अब रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास के निर्माण से यह समस्या काफी हद तक समाप्त हुई है।
प्रदेश के 157 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन स्टेशनों पर काशी की सांस्कृतिक झलक दिखती है और अनुभव एयरपोर्ट के वीआईपी लाउंज जैसा है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत पटरियों और शौचालयों में स्वच्छता सुनिश्चित की गई है।
इसके अलावा, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का 1,000 किलोमीटर से अधिक हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश से होकर गुज़र रहा है। मालगाड़ियों के लिए अलग लाइन मिलने से व्यापारियों का कच्चा माल अब सुरक्षित और समय पर पहुँच रहा है।
बुलेट ट्रेन की संभावना: दिल्ली-काशी साढ़े तीन घंटे में
मुख्यमंत्री ने भविष्य की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से दिल्ली और काशी के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना पर कार्य प्रगति पर है। इसके संचालन के बाद यह दूरी मात्र साढ़े तीन घंटे में तय होगी, जो हवाई यात्रा से भी अधिक सरल, सुगम और सस्ती होगी।
यह देखना होगा कि बुलेट ट्रेन परियोजना की समयसीमा और वित्तपोषण ढाँचा आने वाले महीनों में किस रूप में सामने आता है। फिलहाल, आज शुरू हुई ट्रेन सेवाएँ उत्तर प्रदेश के करोड़ों यात्रियों के लिए तत्काल राहत बनकर आई हैं।