क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक: हिंद-प्रशांत में AI के लिए $8.5 करोड़, खनिज रिसाइक्लिंग पर अमेरिका देगा $1 करोड़
सारांश
मुख्य बातें
भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने 31 अक्टूबर को अटलांटा में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भरोसेमंद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तक पहुँच बढ़ाने के लिए 8.5 करोड़ डॉलर से अधिक की तकनीकी एवं वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। इसके साथ ही अमेरिका ने भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में महत्वपूर्ण खनिजों की रिसाइक्लिंग के लिए 1 करोड़ डॉलर की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक का संदर्भ और प्रमुख भागीदार
यह बैठक जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक के इतर आयोजित की गई और जापान के अनुसार लगभग 40 मिनट तक चली। इस वर्ष यह क्वाड विदेश मंत्रियों की तीसरी बैठक थी — इससे पहले मई और जुलाई में बैठकें हो चुकी थीं। बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भाग लिया।
यह ऐसे समय में आया है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तकनीकी आपूर्ति श्रृंखलाओं को लेकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है और महत्वपूर्ण खनिजों पर एकल आपूर्तिकर्ता की निर्भरता को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।
एआई और सेमीकंडक्टर सहयोग
क्वाड देशों ने भरोसेमंद तकनीक तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए 8.5 करोड़ डॉलर से अधिक की सहायता देने का इरादा जताया, जिसमें क्वाड एसआई एक्सेलेरेटर के माध्यम से सहयोग भी शामिल है। संयुक्त बयान में 'सुपर इंटेलिजेंस' शब्द का प्रयोग किया गया, जिसके फुटनोट में स्पष्ट किया गया कि ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान के संदर्भ में इसका अर्थ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) है। गौरतलब है कि संयुक्त बयान में चारों देशों का अलग-अलग वित्तीय योगदान और सहायता के वितरण की विस्तृत रूपरेखा स्पष्ट नहीं की गई।
चारों देश सेमीकंडक्टर और एआई आपूर्ति श्रृंखला की संभावित बाधाओं एवं कमज़ोर कड़ियों की पहचान करने पर भी मिलकर काम करेंगे। उन्नत सेमीकंडक्टर और एआई हार्डवेयर की सुरक्षित एवं भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करने की ज़रूरत पर विशेष बल दिया गया। इसके अतिरिक्त 5जी, 6जी, ओपन रेडियो एक्सेस नेटवर्क (ओपन आरएएन) और एआई-आधारित रेडियो एक्सेस नेटवर्क के क्षेत्र में सहयोग के लिए प्राथमिकता वाले देशों की पहचान की जाएगी।
महत्वपूर्ण खनिज रिसाइक्लिंग और आर्थिक सुरक्षा
किसी एकल आपूर्तिकर्ता पर निर्भरता घटाने के लिए क्वाड देशों ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे और स्क्रैप से खनिज पुनः प्राप्त करने की पहल को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। अमेरिका ने भारत और आसियान देशों में ऐसे बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए 1 करोड़ डॉलर की प्रतिबद्धता जताई जहाँ कचरे से महत्वपूर्ण खनिजों को दोबारा प्राप्त किया जा सके। चारों देश कचरा संग्रह नेटवर्क, प्रोसेसिंग प्लांट और रिफाइनरी में निजी निवेश को भी प्रोत्साहित करेंगे।
संयुक्त बयान में क्वाड देशों ने मनमाने निर्यात प्रतिबंधों सहित आर्थिक दबाव बनाने की गतिविधियों पर गंभीर चिंता जताई और ऐसी गैर-बाज़ार नीतियों की आलोचना की जिनसे अत्यधिक उत्पादन होता है और महत्वपूर्ण उद्योगों की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होती है। हालाँकि, इस संदर्भ में किसी देश का नाम नहीं लिया गया।
समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा
समुद्री सहयोग के तहत क्वाड देश फिजी के सुवा, लाउटोका और रोकाबिली बंदरगाहों के बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण में सहयोग कर रहे हैं। अमेरिकी मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन बंदरगाह विकास की रूपरेखा तैयार करने में मदद कर रहा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया एक नए ट्रांसशिपमेंट पोर्ट की व्यवहार्यता का आकलन कर रहा है। प्रशांत क्षेत्र, दक्षिण-पूर्व एशिया और दक्षिण एशिया में अब तक 2,000 से अधिक बुनियादी ढाँचा फेलोशिप प्रदान की जा चुकी हैं।
दूसरा 'क्वाड एट सी शिप ऑब्जर्वर मिशन' 25 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच चेन्नई से पर्थ तक चला, जिसमें चारों देशों के प्रतिनिधियों ने भारतीय तटरक्षक बल के एक अपतटीय गश्ती पोत पर यात्रा की। क्वाड देश 'सी ड्रैगन 2027' के तहत हिंद-प्रशांत समुद्री निगरानी सहयोग पहल का पहला अभ्यास आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।
जापान के विदेश मंत्री मोतेगी ने पूर्वी चीन सागर, दक्षिण चीन सागर और मध्य पूर्व की स्थिति पर चर्चा की और बल प्रयोग या दबाव से मौजूदा स्थिति को एकतरफा बदलने के प्रयासों का विरोध किया। उन्होंने उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की ज़रूरत पर भी बल दिया।
व्यापार, आपदा प्रबंधन और आगे की राह
क्वाड का पहला बिजनेस लीडर्स फोरम गठित किया जाएगा, जिसमें उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी और नीति विशेषज्ञ शामिल होंगे। क्वाड देशों की निर्यात ऋण एजेंसियों की बैठक 18 नवंबर को टोक्यो में होगी। क्वाड मंत्रियों ने नेपाल में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ में हुई मौतों पर शोक जताया और आपदा प्रतिक्रिया में भारत की अग्रणी भूमिका को स्वीकार किया। ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका नवंबर में भारत के वार्षिक संयुक्त मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभ्यास में पर्यवेक्षक भेजेंगे।
चारों देशों के मंत्रियों ने आगामी क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन और अगली मंत्री स्तरीय बैठक को लेकर उम्मीद जताई। महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़ा ढाँचा और समुद्री निगरानी सहयोग पहल की घोषणा मई 2026 में की गई थी, जबकि निर्यात ऋण एजेंसियों के बीच सहयोग 2024 के एक समझौता ज्ञापन पर आधारित है।