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क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक: पेनी वोंग आज नई दिल्ली पहुंचीं, जयशंकर से 17वाँ द्विपक्षीय संवाद

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क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक: पेनी वोंग आज नई दिल्ली पहुंचीं, जयशंकर से 17वाँ द्विपक्षीय संवाद

सारांश

नई दिल्ली में 26 मई को क्वाड की विदेश मंत्री स्तरीय बैठक हो रही है — ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के विदेश मंत्री जयशंकर के निमंत्रण पर पहुंच रहे हैं। इंडो-पैसिफिक में बढ़ते तनाव के बीच यह बैठक समुद्री सुरक्षा से लेकर महत्वपूर्ण खनिजों तक के एजेंडे पर केंद्रित है।

मुख्य बातें

ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग 26 मई को नई दिल्ली पहुंचीं — क्वाड बैठक और द्विपक्षीय संवाद के लिए।
बैठक में जयशंकर , मार्को रुबियो (अमेरिका) और तोशिमित्सु मोतेगी (जापान) भाग लेंगे।
यह 17वाँ ऑस्ट्रेलिया-भारत विदेश मंत्रियों का फ्रेमवर्क संवाद है।
एजेंडे में समुद्री सुरक्षा , महत्वपूर्ण खनिज , उभरती प्रौद्योगिकियाँ और आपदा राहत शामिल हैं।
यह बैठक 1 जुलाई 2025 को वॉशिंगटन डीसी में हुई क्वाड चर्चाओं की अगली कड़ी है।

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग सोमवार, 26 मई को नई दिल्ली पहुंचीं, जहाँ वे क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगी और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ 17वें ऑस्ट्रेलिया-भारत विदेश मंत्रियों के फ्रेमवर्क संवाद में शिरकत करेंगी। यह दौरा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और सामरिक सहयोग को और गहरा करने की पृष्ठभूमि में हो रहा है।

बैठक का एजेंडा और भागीदार

26 मई को आयोजित इस क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर के निमंत्रण पर जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी भाग लेंगे। चारों देश — ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका — मिलकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए एक शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध भविष्य की दिशा में काम कर रहे हैं।

यह बैठक 1 जुलाई 2025 को वॉशिंगटन डीसी में हुई चर्चाओं की अगली कड़ी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में क्वाड सहयोग को आगे बढ़ाने, चल रही पहलों की प्रगति की समीक्षा करने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

क्वाड की प्राथमिकताएँ

इस बैठक में समुद्री सुरक्षा, मज़बूत आपूर्ति श्रृंखलाएँ, महत्वपूर्ण खनिज, अवसंरचना विकास, जलवायु कार्रवाई, उभरती प्रौद्योगिकियाँ और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा होने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा क्वाड साझेदारों के बीच जारी उच्चस्तरीय संवाद को दर्शाती है और मुक्त, खुले तथा समावेशी इंडो-पैसिफिक की साझा दृष्टि को मज़बूती देती है।

वोंग का बयान: 'साझेदारी पहले कभी इतनी ज़रूरी नहीं थी'

अपनी यात्रा से पहले जारी आधिकारिक मीडिया विज्ञप्ति में वोंग ने क्वाड को बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच 'एक महत्वपूर्ण साझेदारी' बताया। उन्होंने कहा, 'इन अनिश्चित समयों में क्वाड एक महत्वपूर्ण साझेदारी है। चार देश मिलकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध भविष्य को आकार देने के लिए काम कर रहे हैं।'

ऑस्ट्रेलिया-भारत द्विपक्षीय संबंधों पर वोंग ने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया और भारत की साझेदारी पहले कभी इतनी महत्वपूर्ण नहीं रही।' उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देश व्यापार और निवेश, रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा, जलवायु और ऊर्जा परिवर्तन, रणनीतिक प्रौद्योगिकी तथा शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा कर रहे हैं।

ऑस्ट्रेलियाई सरकार की प्रतिबद्धता

वोंग ने स्पष्ट किया कि अल्बनीज़ सरकार ऑस्ट्रेलिया के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को और मज़बूत करना जारी रखेगी तथा क्वाड जैसे नए और मौजूदा गठबंधनों में अधिक सक्रियता से काम करेगी। गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब इंडो-पैसिफिक में चीन की बढ़ती उपस्थिति को लेकर क्षेत्रीय शक्तियों के बीच रणनीतिक समन्वय तेज़ हो रहा है।

आगे की बैठकों और द्विपक्षीय वार्ताओं के नतीजे इंडो-पैसिफिक में क्वाड की भूमिका और भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी की दिशा तय करने में अहम साबित होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि AUKUS जैसे समझौते उससे आगे निकल चुके हैं — ऐसे में यह बैठक क्वाड की प्रासंगिकता को पुनः परिभाषित करने का अवसर भी है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक 2025 में कौन-कौन भाग ले रहे हैं?
26 मई 2025 को नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल हैं।
क्वाड बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
बैठक में समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, अवसंरचना विकास, उभरती प्रौद्योगिकियाँ, जलवायु कार्रवाई और आपदा राहत प्रमुख एजेंडे पर हैं। साथ ही, 1 जुलाई 2025 को वॉशिंगटन डीसी में हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
17वाँ ऑस्ट्रेलिया-भारत फ्रेमवर्क संवाद क्या है?
यह ऑस्ट्रेलिया और भारत के विदेश मंत्रियों के बीच एक नियमित द्विपक्षीय संवाद तंत्र है जिसमें व्यापार, रक्षा, जलवायु, रणनीतिक प्रौद्योगिकी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा और विस्तार पर चर्चा होती है। यह इस श्रृंखला का 17वाँ संस्करण है।
क्वाड समूह में कौन-से देश शामिल हैं और इसका उद्देश्य क्या है?
क्वाड में ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक मुक्त, खुला और समावेशी वातावरण बनाए रखना है, जिसमें समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी सहयोग पर ज़ोर दिया जाता है।
पेनी वोंग की भारत यात्रा का महत्व क्या है?
यह यात्रा ऑस्ट्रेलिया-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का अवसर है। वोंग ने कहा है कि दोनों देशों की साझेदारी 'पहले कभी इतनी महत्वपूर्ण नहीं रही', जो इंडो-पैसिफिक में बढ़ते भू-राजनीतिक दबाव के संदर्भ में इस रिश्ते की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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