31 अक्टूबर 2026
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काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लॉन्च: PM मोदी बोले — 'आस्था और आधुनिकता का संगम'

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काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लॉन्च: PM मोदी बोले — 'आस्था और आधुनिकता का संगम'

सारांश

काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सिर्फ एक नई रेलसेवा नहीं — यह मोदी सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जो आस्था-केंद्रों को आधुनिक अवसंरचना से जोड़ती है। शिव गंगा एक्सप्रेस से 55 मिनट तेज़, छह दिन साप्ताहिक सेवा — वाराणसी की कनेक्टिविटी नए दौर में प्रवेश कर रही है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2026 को काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के शुभारंभ पर शुभकामनाएँ दीं और एक्स पर संदेश साझा किया।
यह उत्तर प्रदेश की पहली और देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है।
ट्रेन वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़, गाजियाबाद होते हुए नई दिल्ली तक जाएगी।
शिव गंगा एक्सप्रेस की तुलना में वाराणसी से दिल्ली 55 मिनट और दिल्ली से वाराणसी 35 मिनट कम समय में।
सेवा सप्ताह में छह दिन ; वाराणसी से शुक्रवार और दिल्ली से शनिवार को बंद रहेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बनारस स्टेशन पर दोपहर 3:30 बजे ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2026 को काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के शुभारंभ से पूर्व देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह ट्रेन वाराणसी से नई दिल्ली तक लाखों श्रद्धालुओं, पर्यटकों, युवाओं और व्यापारियों की यात्रा को सहज बनाएगी। यह उत्तर प्रदेश की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन है और देश में अपनी श्रेणी की दूसरी सेवा है।

PM मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'दिल्ली और काशी के बीच रेल यात्रा करने वालों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू होने से समय की बचत के साथ ही उनका अनुभव बेहतर होने वाला है। आधुनिक सुविधाओं और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली से सुसज्जित यह देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है।' उन्होंने आगे कहा कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन हों या संगम की यात्रा — यह ट्रेन आस्था को अवसर से और परंपरा को आधुनिकता से जोड़ेगी।

शुभारंभ समारोह और रूट विवरण

बनारस रेलवे स्टेशन पर शनिवार को दोपहर लगभग 3:30 बजे उत्तर प्रदेश की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन और नई मेमू ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संयुक्त रूप से ट्रेन को रवाना किया। रेल मंत्रालय के अनुसार, यह ट्रेन वाराणसी से चलकर प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद होते हुए नई दिल्ली पहुँचेगी।

ट्रेन वाराणसी से रात 8 बजकर 50 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर नई दिल्ली पहुँचेगी। वापसी में नई दिल्ली से रात 9 बजकर 40 मिनट पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर वाराणसी पहुँचेगी। यह सेवा सप्ताह में छह दिन उपलब्ध रहेगी — वाराणसी से शुक्रवार को और नई दिल्ली से शनिवार को ट्रेन नहीं चलेगी।

यात्रा समय में कितनी बचत

रेल मंत्रालय के बयान के अनुसार, मौजूदा शिव गंगा एक्सप्रेस की तुलना में वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस वाराणसी से नई दिल्ली की यात्रा में 55 मिनट और नई दिल्ली से वाराणसी की यात्रा में 35 मिनट की बचत करेगी। इस प्रकार दोनों दिशाओं के यात्रियों को रात के सफर के लिए एक तेज़ और आधुनिक विकल्प मिलेगा।

वाराणसी की कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

रेल मंत्रालय ने कहा कि वाराणसी भारत के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में से एक है, जहाँ पूरे साल श्रद्धालु, देशी-विदेशी पर्यटक, विद्यार्थी और व्यावसायिक यात्री आते हैं। नई रात्रि रेल कनेक्टिविटी से धार्मिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक, प्रशासनिक और पर्यटन संबंधी यात्राएँ अधिक सुलभ होंगी। गौरतलब है कि यह सेवा महाकुंभ 2025 के बाद प्रयागराज और वाराणसी के बढ़ते पर्यटन महत्व के संदर्भ में और अधिक प्रासंगिक है।

आगे क्या

नई मेमू ट्रेनों के एक साथ शुभारंभ से उत्तर प्रदेश के उपनगरीय और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को भी बेहतर रेल संपर्क मिलने की उम्मीद है। रेल मंत्रालय के अनुसार, आधुनिक रेल यात्रा की सुविधाओं को अधिकतम यात्रियों तक पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में आने वाले महीनों में और कदम उठाए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राजनीतिक रूप से यह उस बड़े आख्यान की कड़ी है जो काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकुंभ कनेक्टिविटी और 'डेवलपमेंट + आस्था' ब्रांडिंग पर टिका है। असली सवाल यह है कि क्या किराया ढाँचा वास्तव में उन गरीब श्रद्धालुओं के अनुकूल होगा जिनकी बात PM ने की, या यह सेवा मुख्यतः शहरी मध्यम वर्ग के लिए रहेगी — जो पिछली प्रीमियम ट्रेनों का अनुभव रहा है। शिव गंगा एक्सप्रेस से 55 मिनट की बचत उल्लेखनीय है, पर बुनियादी किफ़ायती स्लीपर विकल्पों की उपलब्धता पर स्पष्टता अभी नहीं आई है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन क्या है?
यह वाराणसी (काशी) से नई दिल्ली के बीच चलने वाली उत्तर प्रदेश की पहली और देश की दूसरी स्लीपर वंदे भारत ट्रेन है। यह ट्रेन प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद होते हुए दोनों शहरों को जोड़ती है।
काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर का टाइम टेबल क्या है?
वाराणसी से ट्रेन रात 8 बजकर 50 मिनट पर रवाना होती है और अगले दिन सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर नई दिल्ली पहुँचती है। नई दिल्ली से वापसी रात 9 बजकर 40 मिनट पर होती है और वाराणसी सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर पहुँचती है।
यह ट्रेन शिव गंगा एक्सप्रेस से कितनी तेज़ है?
रेल मंत्रालय के अनुसार वंदे भारत स्लीपर वाराणसी से नई दिल्ली की दिशा में 55 मिनट और नई दिल्ली से वाराणसी की दिशा में 35 मिनट की बचत करती है। यह दोनों दिशाओं में मौजूदा शिव गंगा एक्सप्रेस से तेज़ विकल्प है।
काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर सप्ताह में कितने दिन चलेगी?
यह सेवा सप्ताह में छह दिन उपलब्ध रहेगी। वाराणसी से चलने वाली ट्रेन शुक्रवार को और नई दिल्ली से चलने वाली ट्रेन शनिवार को नहीं चलेगी।
इस ट्रेन का शुभारंभ किसने और कहाँ किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 31 अक्टूबर 2026 को बनारस रेलवे स्टेशन पर दोपहर लगभग 3:30 बजे ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। PM मोदी ने एक्स पर पोस्ट के ज़रिए शुभकामनाएँ दीं।
राष्ट्र प्रेस
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