काशीपुर सीट से यूकेडी प्रत्याशी प्रदीप चंद: विकास, स्वास्थ्य और रोज़गार होगी पहली प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने काशीपुर विधानसभा सीट से प्रदीप चंद को अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया है। 31 अक्टूबर को टिकट की घोषणा होने के बाद प्रदीप चंद ने पार्टी हाईकमान और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताते हुए स्पष्ट किया कि काशीपुर का समग्र विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, रोज़गार, सड़क, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की बदहाली पर गंभीर सवाल उठाए।
प्रत्याशी घोषणा और पृष्ठभूमि
प्रदीप चंद के अनुसार, वे पिछले कई वर्षों से काशीपुर की स्थानीय समस्याओं को लेकर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं और क्षेत्र के लोगों के बीच निरंतर उपस्थित रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनके प्रयासों और जमीनी दावेदारी को देखते हुए उन्हें चुनाव लड़ने का अवसर दिया है। यूकेडी का यह कदम ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में क्षेत्रीय दलों की प्रासंगिकता पर बहस जारी है।
मुख्य चुनावी मुद्दे
प्रदीप चंद ने काशीपुर के नेशनल हाईवे की जर्जर स्थिति, फ्लाईओवर और रोडवेज बस अड्डे की अव्यवस्था का उल्लेख करते हुए इन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुधारने का वादा किया। उन्होंने गिरीताल और द्रोणासागर जैसे महत्त्वपूर्ण स्थलों की स्थिति बेहतर बनाने और शहर में बढ़ती चोरी व आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
उच्च शिक्षा के मोर्चे पर उन्होंने कहा कि काशीपुर में एक बेहतर कॉलेज और विश्वविद्यालय की स्थापना अनिवार्य है, क्योंकि स्थानीय छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए अन्य शहरों में जाना पड़ता है। उनके अनुसार, यदि काशीपुर में ही स्तरीय शैक्षणिक संस्थान उपलब्ध हों तो युवाओं को अपने क्षेत्र में रहकर पढ़ाई का अवसर मिलेगा।
सत्तारूढ़ दलों पर निशाना
प्रदीप चंद ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अन्य राष्ट्रीय दलों पर आरोप लगाया कि 26 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद काशीपुर को अपेक्षित विकास नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय में काशीपुर को स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाओं से लैस हो जाना चाहिए था, लेकिन आज भी लोग रोज़गार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गौरतलब है कि उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस बारी-बारी से सत्ता में रही हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर चिंता
प्रदीप चंद ने सरकारी अस्पतालों की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को आवश्यक सुविधाएँ नहीं मिल रहीं और जाँच की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं है। उनके अनुसार, कई बार मरीजों को उपचार देने के बजाय दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है, जिससे आम नागरिक असहाय महसूस करता है।
यूकेडी को 'पहला विकल्प' बनाने का दावा
प्रदीप चंद ने कहा कि युवा वर्ग और उनके परिवार दोनों मौजूदा राजनीतिक विकल्पों से निराश हैं और एक नए विकल्प की तलाश में हैं। उन्होंने तर्क दिया कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण में यूकेडी की ऐतिहासिक भूमिका रही है, इसलिए पार्टी को 'तीसरा विकल्प' नहीं, बल्कि 'पहला विकल्प' माना जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस बार जनता यूकेडी को आगे लाना चाहती है और पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ प्रदेश में सरकार बनाएगी — हालाँकि यह दावा पार्टी की वर्तमान विधायी स्थिति के संदर्भ में अभी सत्यापित नहीं है। आने वाले दिनों में प्रदीप चंद का चुनाव प्रचार अभियान यह तय करेगा कि काशीपुर की जनता यूकेडी के इस दावे पर कितना भरोसा जताती है।