प्रशांत किशोर की बांकीपुर जीत पर के. कविता की बधाई, बोलीं— 'देश नए राजनीतिक विकल्प खोज रहा है'
सारांश
मुख्य बातें
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में 18,953 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की, जिस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता के. कविता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर किशोर को बधाई देते हुए इस नतीजे को भारतीय राजनीति में व्यापक बदलाव का संकेत बताया।
के. कविता का संदेश
के. कविता ने एक्स पर लिखा, 'बधाई हो प्रशांत किशोर। यह परिणाम भारतीय राजनीति में एक व्यापक बदलाव को दर्शाता है। देशभर के लोग अब नए विचारों, विश्वसनीय नेतृत्व और जवाबदेह शासन पर आधारित नए राजनीतिक विकल्पों की ओर देख रहे हैं। आपकी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं।' उनका यह बयान इस बात का संकेत है कि क्षेत्रीय दलों के नेता भी बांकीपुर के नतीजे को राष्ट्रीय राजनीतिक प्रवृत्ति से जोड़कर देख रहे हैं।
मतगणना के आँकड़े
निर्वाचन आयोग के अनुसार, 31 दौर की मतगणना के बाद प्रशांत किशोर को 63,203 वोट मिले, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार को 44,250 वोट प्राप्त हुए। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा कुमारी गुप्ता 14,085 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
प्रशांत किशोर का बयान
जीत के बाद किशोर ने कहा कि बांकीपुर की जनता ने भाजपा नेतृत्व को स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि लोग शिक्षा, रोज़गार और सुशासन पर केंद्रित सक्षम नेतृत्व चाहते हैं, और उनका प्रमुख लक्ष्य बिहार में रोज़गार के अवसर बढ़ाना है ताकि युवाओं को अन्य राज्यों में पलायन न करना पड़े। उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास ने भी जीत पर खुशी जताते हुए बांकीपुर की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया।
विपक्ष की मिली-जुली प्रतिक्रिया
RJD नेता रोहिणी आचार्य ने किशोर को बधाई देते हुए इसे जनता के लोकतांत्रिक विश्वास की जीत करार दिया और कहा कि यह नतीजा निरंतर जनसंपर्क और कार्यकर्ताओं के सम्मान की राजनीति की अहमियत को रेखांकित करता है। हालाँकि, RJD सांसद मीसा भारती ने अलग रुख अपनाते हुए कहा कि तकनीकी रूप से भाजपा उम्मीदवार भले हार गया हो, लेकिन इस नतीजे को भाजपा की राजनीतिक जीत के रूप में भी देखा जा सकता है। उन्होंने किशोर के चुनावी वादों पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इनमें से कई वादे किसी विधायक या सांसद के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।
क्या होगा आगे
यह जीत ऐसे समय में आई है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं और जन सुराज पार्टी अपनी ज़मीन तैयार करने में जुटी है। गौरतलब है कि प्रशांत किशोर, जो एक समय देश के शीर्ष चुनावी रणनीतिकार थे, अब स्वयं मैदान में उतरकर राजनीतिक विकल्प बनने की कोशिश कर रहे हैं। बांकीपुर का यह नतीजा उनकी रणनीति की पहली बड़ी कसौटी साबित हुआ है।