3 अगस्त 2026
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बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत, भाजपा के गढ़ में 19,000 से अधिक मतों से हार

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बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत, भाजपा के गढ़ में 19,000 से अधिक मतों से हार

सारांश

भाजपा के अभेद्य माने जाने वाले बांकीपुर में प्रशांत किशोर की 19,000 से अधिक मतों की जीत बिहार की राजनीति में नए समीकरण का संकेत है। यह जनसुराज पार्टी की पहली बड़ी चुनावी सफलता है और विपक्ष ने इसे भाजपा के पतन की शुरुआत बताया है।

मुख्य बातें

प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के नीरज कुमार को 19,000 से अधिक मतों से हराया।
बांकीपुर को भाजपा का पुराना गढ़ माना जाता था; भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इसी क्षेत्र से जुड़े रहे हैं।
RJD सांसद मीसा भारती और कांग्रेस नेताओं ने इसे भाजपा के 'बुरे दिनों की शुरुआत' बताया।
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने जनादेश स्वीकार किया और समीक्षा का आश्वासन दिया।
यह जनसुराज पार्टी की पहली बड़ी विधानसभा स्तरीय चुनावी जीत है।

जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 3 अगस्त को घोषित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया। चुनाव आयोग द्वारा सोमवार को जारी नतीजों ने सभी को चौंका दिया, क्योंकि बांकीपुर को दशकों से भाजपा का अभेद्य गढ़ माना जाता था।

मुख्य घटनाक्रम

बांकीपुर सीट पर भाजपा की पकड़ ऐतिहासिक रूप से मजबूत रही है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन को डबल इंजन सरकार का लाभ हासिल था। प्रशांत किशोर ने इस सीट पर चुनाव लड़कर न केवल भाजपा को शिकस्त दी, बल्कि अपनी नवगठित जनसुराज पार्टी को राजनीतिक मानचित्र पर स्थापित करने में भी सफलता पाई। गौरतलब है कि इस सीट से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने चुनाव नहीं लड़ा, जो खुद इसी क्षेत्र से जुड़े रहे हैं।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की सांसद मीसा भारती ने कहा, 'डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद भाजपा के उम्मीदवार को हार मिली है, जहाँ वे लगातार जीतते थे। सबसे बड़ी बात है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सीट छोड़ी। संदेश है कि अब आपके जाने के दिन शुरू होने वाले हैं।'

बिहार RJD के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने इस परिणाम को बिहार में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और सरकार के 'अहंकारी कामकाज के तरीके' के खिलाफ जनता की भावना का प्रतिबिंब बताया।

कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि पटना की जनता बदलाव के लिए तैयार थी और प्रशांत किशोर के रूप में एक विकल्प मिलने पर उसने अपना फैसला सुना दिया। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि जो नेता 'मेरा बूथ, मेरा गौरव' का नारा देते थे, वे अपना बूथ तक नहीं बचा पाए — यह भाजपा की देशव्यापी कमज़ोरी का संकेत है।

भाजपा का रुख

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि पार्टी जनादेश को सिर झुकाकर स्वीकार करती है। उन्होंने कहा, 'वोट क्यों नहीं मिले, इसकी गंभीरता से समीक्षा करेंगे। कमियों को समझकर उन्हें दूर करने के लिए पूरी मुस्तैदी से काम करेंगे।' सरावगी ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा हार का ठीकरा ईवीएम या चुनाव आयोग पर नहीं फोड़ती।

आम जनता पर असर

यह जीत बिहार की राजनीति में एक नई ताकत के उभार का संकेत है। जनसुराज पार्टी के लिए यह पहली बड़ी चुनावी परीक्षा थी और इसमें मिली सफलता प्रशांत किशोर की ज़मीनी पकड़ को रेखांकित करती है। विश्लेषकों के अनुसार, यह नतीजा आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

क्या होगा आगे

इस हार के बाद भाजपा के भीतर आत्ममंथन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी के लिए यह जीत संगठन विस्तार का आधार बन सकती है। बिहार में अगले विधानसभा चुनाव से पहले यह उपचुनाव परिणाम सभी दलों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ 19,000 से अधिक मतों का अंतर सांगठनिक कमज़ोरी का स्पष्ट संकेत है। प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी के लिए यह जीत संगठनात्मक वैधता की पहली बड़ी मुहर है, लेकिन एक सीट की जीत को व्यापक राजनीतिक परिवर्तन मानना जल्दबाजी होगी। असली परीक्षा अगले विधानसभा चुनाव में होगी, जब जनसुराज को पूरे बिहार में अपनी उपस्थिति साबित करनी होगी।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में कौन जीता?
जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया। चुनाव आयोग ने 3 अगस्त को यह परिणाम घोषित किया।
बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार क्यों महत्वपूर्ण है?
बांकीपुर को दशकों से भाजपा का अभेद्य गढ़ माना जाता था और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का इस क्षेत्र से सीधा जुड़ाव रहा है। डबल इंजन सरकार के बावजूद इतने बड़े अंतर से हार भाजपा के सांगठनिक ढाँचे पर सवाल खड़े करती है।
जनसुराज पार्टी क्या है और प्रशांत किशोर कौन हैं?
जनसुराज पार्टी की स्थापना चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार में जनाधार बनाने के उद्देश्य से की है। बांकीपुर उपचुनाव पार्टी की पहली बड़ी विधानसभा स्तरीय चुनावी परीक्षा थी, जिसमें उन्हें सफलता मिली।
विपक्षी दलों ने इस नतीजे पर क्या कहा?
RJD सांसद मीसा भारती ने कहा कि भाजपा के जाने के दिन शुरू हो गए हैं। कांग्रेस के अजय राय ने कहा कि जो नेता 'मेरा बूथ, मेरा गौरव' का नारा देते थे, वे अपना बूथ भी नहीं बचा पाए।
भाजपा ने इस हार पर क्या प्रतिक्रिया दी?
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने जनादेश को सिर झुकाकर स्वीकार किया और कहा कि पार्टी गंभीरता से समीक्षा करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा हार का ठीकरा ईवीएम या चुनाव आयोग पर नहीं फोड़ती।
राष्ट्र प्रेस
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