बांकीपुर उपचुनाव में हार पर NDA में आत्ममंथन, JDU सांसद बोले — 'समीक्षा ज़रूरी'
सारांश
मुख्य बातें
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की 19,324 मतों के अंतर से ऐतिहासिक जीत के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर आत्ममंथन शुरू हो गया है। जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद और वरिष्ठ नेता इस हार को गंभीरता से लेते हुए खुलकर समीक्षा की माँग कर रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
32 राउंड की मतगणना के बाद प्रशांत किशोर को 64,151 मत मिले, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 44,827 मत ही मिल सके। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता 14,273 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। यह जन सुराज पार्टी की अपनी राजनीतिक यात्रा में पहली चुनावी जीत है — और वह भी एक ऐसी सीट पर जो पहले लगातार BJP के पास रही थी।
NDA नेताओं की प्रतिक्रिया
JDU सांसद कौशलेंद्र कुमार ने बेबाकी से कहा, 'हमें थोड़ी और मेहनत करने की जरूरत है। एनडीए गठबंधन के सभी नेताओं से मेरा अनुरोध है कि इसकी समीक्षा होनी चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि सांसदों की हर मंगलवार को गठबंधन की बैठक होती है, लेकिन इस तरह की कोई सार्थक चर्चा नहीं होती। उनके अनुसार, 'अगर समय-समय पर समीक्षा होती रहती, तो इस उपचुनाव में हारने का सवाल ही नहीं था।'
कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विशेष समीक्षा बैठक बुलाने की अपील की और युवाओं के मुद्दों को भी एजेंडे में शामिल करने पर ज़ोर दिया।
JDU के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि औपचारिक बैठकें पर्याप्त नहीं हैं — ज़मीनी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद ज़रूरी है। उन्होंने कहा, 'अगर लोगों को गुमराह किया गया, तो कहीं न कहीं हमें अपनी कमियाँ भी माननी होंगी। हमें पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलकर जमीनी स्तर पर विस्तार से समीक्षा करनी होगी। तभी असली तस्वीर सामने आएगी।'
बिहार मंत्री ने किशोर को दी बधाई, पर साथ में चेतावनी भी
बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने प्रशांत किशोर की रणनीति को 'मास्टरस्ट्रोक' बताया। उन्होंने कहा, 'प्रशांत किशोर जी ने वाकई एक मास्टरस्ट्रोक खेला है। उन्होंने बांकीपुर के लोगों में बड़ी उम्मीद जगाई है।' हालाँकि, यादव ने किशोर को उनके बदलते बयानों पर भी टोका — विशेष रूप से बेंगलुरु जैसे विकास के वादे को लेकर, जिसमें बाद में नरमी आती दिखी।
विपक्ष का रुख
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने इन नतीजों को व्यापक राजनीतिक बदलाव से जोड़ा। उनका दावा है कि 'उपचुनाव के ये नतीजे हैरान करने वाले नहीं हैं — यह ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि BJP का पतन अयोध्या चुनाव परिणामों के साथ ही शुरू हो गया था और भविष्यवाणी की कि 2027 में उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बदलेगी।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से शुरू हो रही हैं। गौरतलब है कि बांकीपुर एक शहरी, प्रतिष्ठित सीट रही है — इसे खोना NDA के लिए सांकेतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। NDA नेताओं के अनुसार, जल्द ही गठबंधन स्तर पर समीक्षा बैठक होने की उम्मीद है।