बांकीपुर जीत के बाद प्रशांत किशोर का ऐलान: 10 हज़ार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी, 3 महीने में राशन-पेंशन सुधार
सारांश
मुख्य बातें
जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने मंगलवार, 11 अगस्त को जीत के बाद पहली बार अपने क्षेत्र के मतदाताओं के बीच पहुँचकर कई समयबद्ध घोषणाएँ कीं। उन्होंने वादा किया कि अगले एक वर्ष में बांकीपुर के कम से कम 10 हज़ार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोज़गार दिलाया जाएगा। पटना के विभिन्न वार्डों में आयोजित आभार सभाओं में उन्होंने रोज़गार, शिक्षा, राशन कार्ड और पेंशन को अपनी प्राथमिकता बताया।
रोज़गार की घोषणा और बायोडाटा अभियान
किशोर ने युवाओं से अपना बायोडाटा जन सुराज के कार्यालय में जमा करने की अपील की। उन्होंने कहा, 'आपका बच्चा पढ़ा है, तो उसका बायोडाटा मेरे ऑफिस में दीजिए। कम से कम 10 हज़ार बच्चों को यहाँ से नौकरी लगाने की व्यवस्था तुरंत करेंगे।' उन्होंने दावा किया कि देशभर में उनके संपर्कों से बिहार के युवाओं को रोज़गार दिलाने का अनुरोध किया जा चुका है। साथ ही उन्होंने कहा कि जब बिहार में जन सुराज की व्यवस्था बनेगी, तब युवाओं को रोज़गार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा।
राशन कार्ड और पेंशन पर समयबद्ध वादे
यारपुर राजपूताना गोपाल शरण सिंह पथ में आयोजित आभार सभा में किशोर ने कहा कि तीन महीने का समय दिया जाए, जिसके बाद राशन कार्ड बनाने के लिए एक रुपए की रिश्वत भी नहीं ली जा सकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के पास राशन कार्ड है, उन्हें 5 किलो अनाज मिलेगा। 60 वर्ष से अधिक आयु के जिन नागरिकों को ₹1,100 मासिक पेंशन नहीं मिल रही, उनसे उन्होंने कार्यालय में आवेदन देने का आग्रह किया और भरोसा दिलाया कि तीन महीने के भीतर राशन व पेंशन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षा सुधार और निजी स्कूल की गारंटी
किशोर ने शिक्षा को लेकर भी एक सशर्त घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के भीतर सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था बेहतर की जाएगी। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो बांकीपुर के बच्चों को निजी विद्यालय में पढ़ाने की जिम्मेदारी वे स्वयं उठाएँगे और फीस की चिंता अभिभावकों को नहीं करनी होगी। उन्होंने नौकरी, पढ़ाई, ₹1,100 पेंशन और 5 किलो अनाज — इन चार मुद्दों को अपनी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखा।
राजनीतिक बदलाव का दावा
किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे के बाद बिहार की राजनीति में बदलाव दिख रहा है। उन्होंने कहा, 'जब से बांकीपुर का रिजल्ट आया है, बिहार में एनकाउंटर की बात नहीं हो रही, रोज़ पढ़ाई-रोज़गार की बात हो रही है। ये आपके वोट की ताकत है।' उन्होंने दावा किया कि नेतृत्व भले अभी नहीं बदला हो, लेकिन सरकार के काम करने का तरीका बदल गया है।
पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया
झारखंड में पेपर लीक के विरोध में हो रहे छात्र प्रदर्शनों पर किशोर ने कहा कि जंतर मंतर और पटना में हुए विरोध प्रदर्शन पेपर लीक, ध्वस्त शिक्षा व्यवस्था और बेरोज़गारी की पीड़ा की अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि दोषी नेता लाठी चलवा रहे हैं, लेकिन यह आवाज़ दबने वाली नहीं है। इससे पहले किशोर ने दशरथा स्थित शहीद राम गोविंद सिंह बालिका उच्च विद्यालय में श्रद्धांजलि सभा में भी हिस्सा लिया। आने वाले महीनों में इन घोषणाओं पर अमल की निगरानी ही तय करेगी कि बांकीपुर की जीत महज़ एक चुनावी उपलब्धि थी या वास्तविक बदलाव की शुरुआत।