11 अगस्त 2026
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बांकीपुर जीत के बाद प्रशांत किशोर का ऐलान: 10 हज़ार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी, 3 महीने में राशन-पेंशन सुधार

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बांकीपुर जीत के बाद प्रशांत किशोर का ऐलान: 10 हज़ार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी, 3 महीने में राशन-पेंशन सुधार

सारांश

बांकीपुर उपचुनाव जीतने के बाद प्रशांत किशोर पहली बार क्षेत्र में उतरे और चार बड़े वादे किए — 10 हज़ार निजी नौकरियाँ, ₹1,100 पेंशन, 5 किलो राशन और सरकारी स्कूल सुधार। ये घोषणाएँ समयबद्ध हैं, लेकिन असली परीक्षा अमल में होगी।

मुख्य बातें

प्रशांत किशोर ने 11 अगस्त को बांकीपुर जीत के बाद पहली बार क्षेत्र में आभार सभाएँ कीं।
अगले 1 वर्ष में बांकीपुर के कम से कम 10 हज़ार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने का वादा।
3 महीने के भीतर राशन कार्ड में रिश्वत बंद और ₹1,100 मासिक पेंशन से वंचित 60+ नागरिकों की समस्या सुलझाने का भरोसा।
सरकारी स्कूल न सुधरे तो बच्चों की निजी स्कूल फीस की जिम्मेदारी स्वयं उठाने की घोषणा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना — कहा, बांकीपुर नतीजे के बाद एनकाउंटर की जगह रोज़गार-शिक्षा की चर्चा शुरू हुई।
पेपर लीक के विरोध में छात्र आंदोलन को जायज़ ठहराया, दोषी नेताओं पर लाठीचार्ज का आरोप।

जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने मंगलवार, 11 अगस्त को जीत के बाद पहली बार अपने क्षेत्र के मतदाताओं के बीच पहुँचकर कई समयबद्ध घोषणाएँ कीं। उन्होंने वादा किया कि अगले एक वर्ष में बांकीपुर के कम से कम 10 हज़ार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोज़गार दिलाया जाएगा। पटना के विभिन्न वार्डों में आयोजित आभार सभाओं में उन्होंने रोज़गार, शिक्षा, राशन कार्ड और पेंशन को अपनी प्राथमिकता बताया।

रोज़गार की घोषणा और बायोडाटा अभियान

किशोर ने युवाओं से अपना बायोडाटा जन सुराज के कार्यालय में जमा करने की अपील की। उन्होंने कहा, 'आपका बच्चा पढ़ा है, तो उसका बायोडाटा मेरे ऑफिस में दीजिए। कम से कम 10 हज़ार बच्चों को यहाँ से नौकरी लगाने की व्यवस्था तुरंत करेंगे।' उन्होंने दावा किया कि देशभर में उनके संपर्कों से बिहार के युवाओं को रोज़गार दिलाने का अनुरोध किया जा चुका है। साथ ही उन्होंने कहा कि जब बिहार में जन सुराज की व्यवस्था बनेगी, तब युवाओं को रोज़गार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा।

राशन कार्ड और पेंशन पर समयबद्ध वादे

यारपुर राजपूताना गोपाल शरण सिंह पथ में आयोजित आभार सभा में किशोर ने कहा कि तीन महीने का समय दिया जाए, जिसके बाद राशन कार्ड बनाने के लिए एक रुपए की रिश्वत भी नहीं ली जा सकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के पास राशन कार्ड है, उन्हें 5 किलो अनाज मिलेगा। 60 वर्ष से अधिक आयु के जिन नागरिकों को ₹1,100 मासिक पेंशन नहीं मिल रही, उनसे उन्होंने कार्यालय में आवेदन देने का आग्रह किया और भरोसा दिलाया कि तीन महीने के भीतर राशन व पेंशन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

शिक्षा सुधार और निजी स्कूल की गारंटी

किशोर ने शिक्षा को लेकर भी एक सशर्त घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के भीतर सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था बेहतर की जाएगी। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो बांकीपुर के बच्चों को निजी विद्यालय में पढ़ाने की जिम्मेदारी वे स्वयं उठाएँगे और फीस की चिंता अभिभावकों को नहीं करनी होगी। उन्होंने नौकरी, पढ़ाई, ₹1,100 पेंशन और 5 किलो अनाज — इन चार मुद्दों को अपनी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखा।

राजनीतिक बदलाव का दावा

किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे के बाद बिहार की राजनीति में बदलाव दिख रहा है। उन्होंने कहा, 'जब से बांकीपुर का रिजल्ट आया है, बिहार में एनकाउंटर की बात नहीं हो रही, रोज़ पढ़ाई-रोज़गार की बात हो रही है। ये आपके वोट की ताकत है।' उन्होंने दावा किया कि नेतृत्व भले अभी नहीं बदला हो, लेकिन सरकार के काम करने का तरीका बदल गया है।

पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया

झारखंड में पेपर लीक के विरोध में हो रहे छात्र प्रदर्शनों पर किशोर ने कहा कि जंतर मंतर और पटना में हुए विरोध प्रदर्शन पेपर लीक, ध्वस्त शिक्षा व्यवस्था और बेरोज़गारी की पीड़ा की अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि दोषी नेता लाठी चलवा रहे हैं, लेकिन यह आवाज़ दबने वाली नहीं है। इससे पहले किशोर ने दशरथा स्थित शहीद राम गोविंद सिंह बालिका उच्च विद्यालय में श्रद्धांजलि सभा में भी हिस्सा लिया। आने वाले महीनों में इन घोषणाओं पर अमल की निगरानी ही तय करेगी कि बांकीपुर की जीत महज़ एक चुनावी उपलब्धि थी या वास्तविक बदलाव की शुरुआत।

संपादकीय दृष्टिकोण

मापनीय और सीधे मतदाता की रोज़मर्रा की ज़रूरतों से जुड़ी। लेकिन निजी क्षेत्र में 10 हज़ार नौकरियाँ 'संपर्कों' के भरोसे दिलाने का वादा संस्थागत तंत्र नहीं है — यह व्यक्तिगत नेटवर्क पर निर्भर है, जो स्केल नहीं होता। राशन और पेंशन सुधार के लिए तीन महीने की समय-सीमा तब तक अर्थहीन है जब तक कोई सत्यापन तंत्र न हो। बिहार में उपचुनाव जीतना और विधानसभा चुनाव में बहुमत लाना दो अलग खेल हैं — असली कसौटी यह होगी कि ये वादे 2025 के अंत तक कितने पूरे हुए।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रशांत किशोर ने बांकीपुर में 10 हज़ार नौकरियों का वादा कैसे पूरा करेंगे?
किशोर के अनुसार वे देशभर में अपने निजी संपर्कों के ज़रिए निजी क्षेत्र की कंपनियों से बिहार के युवाओं को रोज़गार दिलाएँगे। युवाओं से जन सुराज कार्यालय में बायोडाटा जमा करने की अपील की गई है।
बांकीपुर के निवासियों को राशन कार्ड और पेंशन कब मिलेगी?
किशोर ने तीन महीने की समय-सीमा दी है, जिसके भीतर राशन कार्ड में रिश्वत बंद होगी और 60 वर्ष से अधिक उम्र के पात्र नागरिकों को ₹1,100 मासिक पेंशन मिलने की व्यवस्था की जाएगी। इच्छुक नागरिक जन सुराज कार्यालय में आवेदन दे सकते हैं।
प्रशांत किशोर ने सरकारी स्कूलों को लेकर क्या घोषणा की?
उन्होंने कहा कि एक वर्ष के भीतर सरकारी विद्यालयों की स्थिति बेहतर की जाएगी। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो बांकीपुर के बच्चों की निजी स्कूल फीस की जिम्मेदारी वे स्वयं उठाएँगे।
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे का बिहार की राजनीति पर क्या असर पड़ा?
किशोर का दावा है कि इस जीत के बाद बिहार में राजनीतिक विमर्श एनकाउंटर से हटकर रोज़गार और शिक्षा पर केंद्रित हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कार्यशैली में बदलाव का श्रेय इस जनादेश को दिया।
प्रशांत किशोर ने पेपर लीक आंदोलन पर क्या कहा?
उन्होंने पेपर लीक, ध्वस्त शिक्षा व्यवस्था और बेरोज़गारी से परेशान छात्रों के विरोध प्रदर्शन को जायज़ ठहराया और कहा कि दोषी नेता लाठी चलवा रहे हैं, लेकिन यह आवाज़ दबने वाली नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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