26 सितंबर 2026
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एशियन गेम्स 2026: आयुष शेट्टी तीसरे राउंड में बाहर, उन्नति हुड्डा और त्रिशा-गायत्री जोड़ी ने रखी उम्मीद

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एशियन गेम्स 2026: आयुष शेट्टी तीसरे राउंड में बाहर, उन्नति हुड्डा और त्रिशा-गायत्री जोड़ी ने रखी उम्मीद

सारांश

आयुष शेट्टी का एशियन गेम्स 2026 में सफर तीसरे राउंड में थम गया, लेकिन उन्नति हुड्डा, पीवी सिंधु और त्रिशा-गायत्री जोड़ी भारतीय चुनौती को जिंदा रख रही हैं — त्रिशा-गायत्री तो देश की पहली विमेंस डबल्स मेडलिस्ट बनने के करीब हैं।

मुख्य बातें

आयुष शेट्टी (वर्ल्ड रैंकिंग 20) चीनी ताइपे के टिएन-चेन चाउ से 16-21, 21-19, 17-21 से हारकर मेंस सिंगल्स के तीसरे राउंड में बाहर हुए।
उन्नति हुड्डा ने मलेशिया की वोंग लिंग चिंग को 21-14, 20-22, 21-19 से हराकर विमेंस सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 में प्रवेश किया; मैच 79 मिनट चला।
त्रिशा जॉली/गायत्री गोपीचंद ने जापान की मात्सुमोतो/फुकुशिमा को 24-22, 21-18 से हराकर विमेंस डबल्स क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
क्वार्टर फाइनल जीतने पर त्रिशा-गायत्री जोड़ी एशियन गेम्स में भारत की पहली विमेंस डबल्स मेडलिस्ट बनेगी।
पीवी सिंधु पहले ही विमेंस सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 में पहुँच चुकी हैं।

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बैडमिंटन का मिला-जुला दिन रहा — आयुष शेट्टी मेंस सिंगल्स के तीसरे राउंड में बाहर हो गए, जबकि उन्नति हुड्डा और त्रिशा जॉली/गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने इचिनोमिया सिटी में शनिवार को भारतीय उम्मीदें जीवित रखीं। शेट्टी को चीनी ताइपे के टिएन-चेन चाउ ने 16-21, 21-19, 17-21 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर किया।

आयुष शेट्टी का सफर

वर्ल्ड रैंकिंग में 20वें नंबर पर काबिज आयुष शेट्टी ने दूसरे राउंड में कजाकिस्तान के मखसुत ताजीबुल्लायेव को महज 21 मिनट में 21-7, 21-7 से रौंदा था। उस मैच में शेट्टी ने शुरू से ही अपना वर्चस्व कायम किया और प्रतिद्वंद्वी को खेल में टिकने का मौका नहीं दिया।

तीसरे राउंड में चाउ के खिलाफ पहला गेम 16-21 से गँवाने के बाद शेट्टी ने जबरदस्त वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-19 से जीता, लेकिन निर्णायक तीसरे गेम में 17-21 से हारकर स्पर्धा से बाहर हो गए। यह एशियन गेम्स में भारतीय मेंस सिंगल्स के लिए निराशाजनक खबर है।

उन्नति हुड्डा की संघर्षपूर्ण जीत

विमेंस सिंगल्स में वर्ल्ड रैंकिंग 25 पर काबिज उन्नति हुड्डा ने 79 मिनट के लंबे संघर्ष में मलेशिया की वोंग लिंग चिंग (रैंकिंग 38) को 21-14, 20-22, 21-19 से हराकर राउंड ऑफ 16 में प्रवेश किया। उन्नति ने पहला गेम दमदार अंदाज में जीता, लेकिन दूसरे गेम में वोंग ने 22-20 से बढ़त बनाते हुए मुकाबला बराबर कर दिया।

निर्णायक तीसरे गेम में उन्नति ने 20-18 पर दो मैच प्वाइंट हासिल किए। वोंग ने पहला बचाया, लेकिन दूसरे पर उनका क्रॉस-कोर्ट शॉट बाहर चला गया और उन्नति ने मैच अपने नाम कर लिया। गौरतलब है कि एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर इस तरह के दबाव भरे मैच जीतना उन्नति की मानसिक मजबूती को दर्शाता है।

त्रिशा-गायत्री ने रचा इतिहास की ओर कदम

त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने विमेंस डबल्स में जापान की दिग्गज जोड़ी मायु मात्सुमोतो/युकी फुकुशिमा को 24-22, 21-18 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की। यह जीत इसलिए और खास है क्योंकि यह जोड़ी एशियन गेम्स में भारत की पहली विमेंस डबल्स मेडलिस्ट बनने की दहलीज पर खड़ी है।

क्वार्टर फाइनल में उनका सामना मलेशिया की पर्ली कोंग ले टैन और थिनाह मुरलीधरन से होगा। इस मुकाबले में जीत उन्हें सेमीफाइनल में पहुँचा देगी, जिससे कम से कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित हो जाएगा।

पीवी सिंधु भी दौड़ में

दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु पहले ही विमेंस सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह बना चुकी हैं। उन्होंने चीनी ताइपे की चिउ पिन-चियन को 21-19 और 21-14 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की थी। सिंधु के अनुभव और फॉर्म को देखते हुए भारत मेडल के लिए उनसे भी उम्मीद लगाए बैठा है।

यह ऐसे समय में आया है जब एशियन गेम्स में भारतीय बैडमिंटन की प्रतिष्ठा दाँव पर है — सिंधु, उन्नति और त्रिशा-गायत्री जोड़ी की आगे की परफॉर्मेंस तय करेगी कि इस बार इचिनोमिया से भारत कितने पदक लेकर लौटता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली खबर त्रिशा-गायत्री जोड़ी है — अगर ये दोनों क्वार्टर फाइनल पार करती हैं तो भारत एशियन गेम्स में विमेंस डबल्स में पहला पदक जीतेगा, जो देश के बैडमिंटन इतिहास में एक नया अध्याय होगा। साथ ही उन्नति हुड्डा और सिंधु का एक साथ राउंड ऑफ 16 में होना यह संकेत देता है कि भारतीय महिला बैडमिंटन अब केवल एकल सितारे पर नहीं, बल्कि गहराई पर टिकी है। पुरुष वर्ग में मेडल की उम्मीद अब टूट चुकी है और यह भारतीय बैडमिंटन संघ के लिए विचार का विषय होना चाहिए।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयुष शेट्टी एशियन गेम्स 2026 में किस राउंड में बाहर हुए?
आयुष शेट्टी मेंस सिंगल्स के तीसरे राउंड में बाहर हुए। उन्हें चीनी ताइपे के टिएन-चेन चाउ ने 16-21, 21-19, 17-21 से हराया।
उन्नति हुड्डा ने एशियन गेम्स 2026 में किसे हराया?
उन्नति हुड्डा ने मलेशिया की वोंग लिंग चिंग को 21-14, 20-22, 21-19 से हराकर विमेंस सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई। यह मुकाबला 79 मिनट तक चला।
त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद का एशियन गेम्स में क्या हुआ?
त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने जापान की मायु मात्सुमोतो/युकी फुकुशिमा को 24-22, 21-18 से हराकर विमेंस डबल्स क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। क्वार्टर फाइनल जीतने पर वे एशियन गेम्स में भारत की पहली विमेंस डबल्स मेडलिस्ट बन जाएंगी।
पीवी सिंधु एशियन गेम्स 2026 में कहाँ तक पहुँची हैं?
दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु विमेंस सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 में पहुँच चुकी हैं। उन्होंने चीनी ताइपे की चिउ पिन-चियन को 21-19 और 21-14 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की थी।
एशियन गेम्स 2026 बैडमिंटन में भारत की मेडल की संभावनाएँ क्या हैं?
मेंस सिंगल्स में आयुष शेट्टी के बाहर होने के बाद पुरुष वर्ग में उम्मीदें सीमित हो गई हैं। महिला वर्ग में त्रिशा-गायत्री जोड़ी क्वार्टर फाइनल जीतने पर ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर सकती है, जबकि सिंधु और उन्नति हुड्डा भी सिंगल्स में पदक की दावेदार हैं।
राष्ट्र प्रेस
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