एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने जीता ब्रॉन्ज मेडल, आयुष शेट्टी बोले — 'गर्व होना चाहिए'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इचिनोमिया में 24 सितंबर 2026 को हुई इस जीत के बाद स्टार शटलर आयुष शेट्टी ने कहा कि टीम को इस पदक पर गर्व होना चाहिए और व्यक्तिगत स्पर्धाओं में और बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य रहेगा। यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि भारत ने लगातार दूसरे एशियन गेम्स में पुरुष टीम इवेंट में पदक हासिल किया है।
मुख्य घटनाक्रम
आयुष शेट्टी ने कहा, "यह टीम का बहुत अच्छा प्रयास था। निश्चित रूप से हम और आगे जाना चाहते थे, लेकिन हमें ब्रॉन्ज मेडल पर गर्व करना होगा। हम अपनी गलतियों से सीखते हुए आगे कड़ी मेहनत करेंगे और बेहतर करने का प्रयास करेंगे। हम व्यक्तिगत स्पर्धा में श्रेष्ठ प्रदर्शन की कोशिश करेंगे।"
शेट्टी ने टीम भावना पर भी ज़ोर देते हुए कहा, "टीम के साथ खेलना हमेशा रोमांचक रहा है। आपको हमेशा टीम का समर्थन मिलता है। साथी खिलाड़ी हमेशा बेहतर करने की प्रेरणा देते हैं। इसलिए टीम के साथ होना शानदार होता है। हम कोर्ट के बाहर भी मस्ती करते हैं।"
एचएस प्रणय का नजरिया
अनुभवी शटलर एचएस प्रणय ने इस उपलब्धि की ऐतिहासिक अहमियत रेखांकित की। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि दो एशियन गेम्स में लगातार दो मेडल जीतना कभी आसान नहीं होता। हमने पहले कभी टीम इवेंट में कोई एशियन गेम्स मेडल नहीं जीता था, लेकिन पिछली बार 2023 एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतना बहुत बड़ी बात थी। कुछ बड़ी टीमों को हराना और एक बार फिर उस पोडियम पर पहुँचना इस टीम की निरंतरता को दिखाता है।"
प्रणय ने एशियन गेम्स की कठिनाई की तुलना वर्ल्ड चैंपियनशिप से करते हुए कहा, "एशिया के सभी मजबूत देश एशियन गेम्स के लिए आते हैं — यह लगभग वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसा है।" उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी टीम इवेंट्स में पदक जीतने का सिलसिला जारी रहेगा।
नए खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
हरिहरन अम्साकारुनन के लिए यह पहला एशियन गेम्स रहा। उन्होंने कहा, "मैं एशियन गेम्स की टीम का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूँ। यह टीम सच में बहुत अच्छी थी। हमने अपनी पूरी कोशिश की और यह प्रतिष्ठित इवेंट में ब्रॉन्ज जीतकर अपने देश के लिए कुछ हासिल करना बड़ी बात है।"
खिलाड़ी थारुन मन्नेपल्ली ने अपनी टीम, कोच और सपोर्ट स्टाफ को धन्यवाद देते हुए कहा, "ब्रॉन्ज मेडल जीतना मेरे लिए बहुत खास पल है। एक टीम के तौर पर भारत के लिए मेडल जीतना बहुत मायने रखता है। हम एक साथ खड़े रहे, एक साथ लड़े और टीम इवेंट में मेडल हासिल किया।"
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि 2023 एशियन गेम्स से पहले भारत ने टीम इवेंट में कोई एशियन गेम्स पदक नहीं जीता था। हांगझोऊ में सिल्वर मेडल जीतकर टीम ने इतिहास रचा था, और अब इचिनोमिया 2026 में ब्रॉन्ज के साथ उस उपलब्धि को आगे बढ़ाया है। यह भारतीय बैडमिंटन में टीम संस्कृति के मजबूत होने का संकेत है, जो परंपरागत रूप से व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए जाना जाता रहा है।
आगे की राह
अब सभी खिलाड़ियों की नज़र व्यक्तिगत स्पर्धाओं पर है। आयुष शेट्टी और एचएस प्रणय दोनों ने व्यक्तिगत इवेंट में और बेहतर प्रदर्शन का इरादा जताया है। भारतीय बैडमिंटन टीम का यह ब्रॉन्ज पदक न केवल मौजूदा खिलाड़ियों की मेहनत का नतीजा है, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।