आयुष शेट्टी की हार: बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप में उपविजेता रहे, सिल्वर मेडल जीता
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निंगबो, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप के मेंस सिंगल्स फाइनल में भारतीय शटलर आयुष शेट्टी को चीन के दूसरे वरीयता प्राप्त शी यू के हाथों हार का सामना करना पड़ा। रविवार को सीधे गेम में मिली शिकस्त के साथ आयुष का सफर उपविजेता के तौर पर समाप्त हुआ।
निंगबो ओलंपिक सेंटर में खेले गए फाइनल में विश्व रैंकिंग में 25वें स्थान पर काबिज 20 वर्षीय भारतीय शटलर को मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन यू की के खिलाफ 8-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, सिल्वर मेडल के साथ आयुष ने साल 2018 में एचएस प्रणॉय के बाद इस महाद्वीपीय चैंपियनशिप में पोडियम पर जगह बनाने वाले पहले भारतीय मेंस सिंगल्स खिलाड़ी बनने का गौरव प्राप्त किया है।
सेमीफाइनल में थाईलैंड के मौजूदा चैंपियन कुनलावुत विटिडसर्न पर मिली जीत के साथ, आयुष बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुँचने वाले दूसरे भारतीय मेंस सिंगल्स खिलाड़ी (कुल मिलाकर तीसरे खिलाड़ी) बन गए। यदि आयुष फाइनल जीतते, तो वह दिनेश खन्ना की बराबरी कर लेते, जो 1965 में मेंस सिंगल्स चैंपियन बने थे।
कर्नाटक के कारकला के पास स्थित एक छोटे से शहर सानूर के निवासी आयुष का यह सफर किसी फिल्म की कहानी के समान है, जिन्होंने फाइनल तक पहुंचने के रास्ते में कई बड़े उलटफेर किए।
आयुष शेट्टी का दिग्गज खिलाड़ियों को हराने का क्रम पहले दौर से ही प्रारंभ हुआ, जहाँ उन्होंने ली शी फेंग को मात दी, जो कि दुनिया के नंबर 7 खिलाड़ी और मौजूदा एशियन गेम्स चैंपियन थे। इसके बाद उन्होंने ची यू जेन पर जीत हासिल करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। वहां उन्होंने वर्ल्ड नंबर-4 जोनाथन क्रिस्टी को हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर-1 कुनलावुत विटिडसर्न को खिताबी रेस से बाहर कर दिया।
विमेंस सिंगल्स फाइनल में एन से-यंग ने वांग झीयी को 21-12, 17-12, 21-18 से हराकर अपना एकमात्र बड़ा खिताब भी अपने नाम कर लिया, जो अब तक उनके पास नहीं था।
24 वर्षीय एन से यंग बैडमिंटन इतिहास की पहली विमेंस सिंगल खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने खेल के सभी बड़े खिताबों का करियर स्वीप पूरा किया है। उन्होंने ओलंपिक गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप, वर्ल्ड टूर फाइनल्स, ऑल इंग्लैंड ओपन, एशियन गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में खिताब अपने नाम किया है।