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एनटीए में 2 डायरेक्टर और 1 जॉइंट डायरेक्टर नियुक्त, परीक्षा सुधार के लिए 13 सितंबर तक मांगे सुझाव

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एनटीए में 2 डायरेक्टर और 1 जॉइंट डायरेक्टर नियुक्त, परीक्षा सुधार के लिए 13 सितंबर तक मांगे सुझाव

सारांश

नीट विवाद के बाद एनटीए में बड़ा बदलाव — कार्मिक मंत्रालय ने IPS, IAS और IRS अधिकारियों को डायरेक्टर व जॉइंट डायरेक्टर नियुक्त किया। साथ ही परीक्षा सुधार के लिए 13 सितंबर तक जनता से सुझाव मांगे गए हैं।

मुख्य बातें

कार्मिक मंत्रालय ने 27 अगस्त 2026 को एनटीए में 2 डायरेक्टर और 1 जॉइंट डायरेक्टर की नियुक्ति के आदेश जारी किए।
IPS अधिकारी रवि कुमार सिंह और IAS अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी को डायरेक्टर, तथा 2016 बैच के IRS अधिकारी अमित समदरिया को जॉइंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया।
तीनों अधिकारियों को आदेश जारी होने के 3 सप्ताह के भीतर कार्यभार ग्रहण करना होगा।
परीक्षा सुधार के लिए गठित उच्चस्तरीय कार्यबल ने जनता से सुझाव आमंत्रित किए हैं; अंतिम तिथि 13 सितंबर 2026 ।
सुझाव व्हाट्सऐप, वेबसाइट, टोल-फ्री नंबर या ईमेल के जरिए हिंदी, अंग्रेजी या किसी क्षेत्रीय भाषा में भेजे जा सकते हैं।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में 27 अगस्त 2026 को कार्मिक मंत्रालय के आदेश पर तीन वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की गई है — दो डायरेक्टर और एक जॉइंट डायरेक्टर। यह कदम नीट-यूजी पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवादों के बाद एजेंसी की साख बहाल करने की दिशा में उठाया गया है। साथ ही सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आम नागरिकों से 13 सितंबर 2026 तक सुझाव आमंत्रित किए हैं।

कौन हैं नव-नियुक्त अधिकारी

भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी रवि कुमार सिंह और भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी को एनटीए में डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, 2016 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (कस्टम्स एवं अप्रत्यक्ष कर) अधिकारी अमित समदरिया को जॉइंट डायरेक्टर का दायित्व सौंपा गया है। तीनों अधिकारियों को आदेश जारी होने के 3 सप्ताह के भीतर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य किया गया है।

एनटीए पर क्यों उठे थे सवाल

गौरतलब है कि एनटीए पिछले कुछ समय से देश की सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्रवेश एवं भर्ती परीक्षाओं के संचालन को लेकर गंभीर आलोचनाओं के घेरे में रहा है। नीट-यूजी में पेपर लीक, परीक्षा परिणामों में अनियमितता और प्रक्रियागत खामियों के आरोपों ने लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा हिला दिया था। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर बहस तेज़ है और न्यायालयों में भी इस विषय पर सुनवाई जारी रही है।

जनता से सुझाव की पहल

एनटीए ने सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार के लिए गठित उच्चस्तरीय कार्यबल के माध्यम से देशभर के छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। सुझाव व्हाट्सऐप, आधिकारिक वेबसाइट, टोल-फ्री नंबर या ईमेल के माध्यम से भेजे जा सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुझाव हिंदी, अंग्रेजी या किसी भी क्षेत्रीय भाषा में स्वीकार किए जाएंगे।

आम जनता पर असर

इस पहल का सीधा असर उन करोड़ों अभ्यर्थियों पर पड़ेगा जो प्रतिवर्ष नीट, जेईई, सीयूईटी और अन्य केंद्रीय परीक्षाओं में बैठते हैं। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए हर नागरिक की राय अहम है। लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे इस पहल की जानकारी अपने समूहों और परिचितों तक पहुँचाएं।

आगे क्या होगा

सुझावों की अंतिम तिथि 13 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। उच्चस्तरीय कार्यबल इन सुझावों के आधार पर परीक्षा सुधार की रूपरेखा तैयार करेगा। नव-नियुक्त अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे इस सुधार प्रक्रिया को ज़मीन पर उतारें और एनटीए की संचालन क्षमता को पुनर्स्थापित करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

IAS और IRS अधिकारियों की नियुक्ति संरचनात्मक रूप से सही दिशा में कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या प्रशासनिक फेरबदल अकेले उस विश्वास को बहाल कर सकता है जो नीट-यूजी विवाद ने तोड़ा। जनता से सुझाव मांगने की पहल सराहनीय है, किंतु इसकी सार्थकता इस बात पर निर्भर करेगी कि कार्यबल इन सुझावों को वास्तविक नीतिगत बदलावों में कितनी पारदर्शिता से बदलता है। परीक्षा सुधार की यह कवायद तब तक अधूरी रहेगी जब तक पेपर लीक की जड़ों — परीक्षा केंद्रों की निगरानी, प्रश्नपत्र वितरण श्रृंखला और डिजिटल सुरक्षा — को सुधार के केंद्र में नहीं रखा जाता।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनटीए में नव-नियुक्त अधिकारी कौन हैं?
कार्मिक मंत्रालय के 27 अगस्त 2026 के आदेश के अनुसार, IPS अधिकारी रवि कुमार सिंह और IAS अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी को डायरेक्टर, तथा 2016 बैच के IRS (कस्टम्स एवं अप्रत्यक्ष कर) अधिकारी अमित समदरिया को जॉइंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। तीनों को 3 सप्ताह के भीतर कार्यभार ग्रहण करना होगा।
एनटीए में ये नियुक्तियाँ क्यों की गई हैं?
नीट-यूजी पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों के बाद एनटीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। इन नियुक्तियों को परीक्षा संचालन व्यवस्था को मजबूत करने और अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
परीक्षा सुधार के लिए सुझाव कैसे और कब तक भेजे जा सकते हैं?
सुझाव 13 सितंबर 2026 तक व्हाट्सऐप, एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट, टोल-फ्री नंबर या ईमेल के जरिए भेजे जा सकते हैं। सुझाव हिंदी, अंग्रेजी या किसी भी क्षेत्रीय भाषा में दिए जा सकते हैं।
परीक्षा सुधार के लिए गठित उच्चस्तरीय कार्यबल क्या करेगा?
यह कार्यबल छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और आम नागरिकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की रूपरेखा तैयार करेगा। 13 सितंबर 2026 की समयसीमा के बाद इन सुझावों का विश्लेषण कर सुधार प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
इन सुधारों का परीक्षार्थियों पर क्या असर पड़ेगा?
इन कदमों का सीधा असर नीट, जेईई, सीयूईटी सहित अन्य केंद्रीय परीक्षाओं में बैठने वाले करोड़ों अभ्यर्थियों पर पड़ेगा। सरकार का लक्ष्य परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित कर अभ्यर्थियों का विश्वास पुनर्स्थापित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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