17 जुलाई 2026
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नीट-यूजी पेपर लीक और NTA की जवाबदेही पर संसदीय समिति का कड़ा सवाल-जवाब, 21 जून पुनर्परीक्षा पर भी चर्चा

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नीट-यूजी पेपर लीक और NTA की जवाबदेही पर संसदीय समिति का कड़ा सवाल-जवाब, 21 जून पुनर्परीक्षा पर भी चर्चा

सारांश

नीट-यूजी पेपर लीक के बाद पहली बार संसदीय स्थायी समिति ने NTA महानिदेशक, शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिवों को सीधे तलब किया है। 21 जून की पुनर्परीक्षा, CBSE की OSM प्रणाली और त्रिभाषा सूत्र — तीनों मुद्दे एजेंडे पर हैं। यह बैठक परीक्षा सुधार की दिशा तय कर सकती है।

मुख्य बातें

1 जून 2026 को संसद भवन एनेक्सी में शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अहम बैठक शुरू हुई।
NTA के महानिदेशक, शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिवों को जवाब देने के लिए तलब किया गया।
नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक के कारण परीक्षा रद्द; पुनर्परीक्षा 21 जून को निर्धारित।
2 जून की बैठक में CBSE अध्यक्ष और स्कूल शिक्षा सचिव ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पर जवाब देंगे।
कक्षा 9-10 में त्रिभाषा सूत्र के क्रियान्वयन की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल।

नई दिल्ली में संसद भवन एनेक्सी परिसर में 1 जून 2026 को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अहम बैठक शुरू हुई, जिसमें नीट-यूजी परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा की विश्वसनीयता और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से गहन पूछताछ की जा रही है। इस बैठक में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव और NTA के महानिदेशक को सीधे जवाब देने के लिए तलब किया गया है।

बैठक का एजेंडा और दायरा

संसदीय दस्तावेजों के अनुसार, बैठक के पहले सत्र में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की अनुदान मांगों (2025-26) पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। दूसरे सत्र में परीक्षा प्रणाली के विभिन्न पहलुओं — पारदर्शिता, सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्र प्रबंधन और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा — पर विस्तृत सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। एजेंडे में कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) बनाम पारंपरिक पेन-एंड-पेपर प्रणाली की तुलनात्मक प्रभावशीलता पर चर्चा भी शामिल है।

नीट-यूजी पेपर लीक: मुख्य विवाद

गौरतलब है कि इस वर्ष नीट-यूजी के प्रश्नपत्र लीक होने की वजह से परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी, जिससे लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया। अब पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जानी है। समिति इस पुनर्परीक्षा के निर्णय की आवश्यकता, परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उपायों और प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांग सकती है। NTA और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों से परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर पड़े प्रभाव को लेकर स्पष्टीकरण माँगा जा सकता है।

2 जून: CBSE और ऑन-स्क्रीन मार्किंग पर अगली बैठक

समिति की अगली बैठक 2 जून को होगी, जिसमें स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और CBSE अध्यक्ष उपस्थित रहेंगे। इस बैठक में कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली के उपयोग और उससे जुड़ी चुनौतियों पर विमर्श किया जाएगा। OSM के तहत उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन होता है, लेकिन छात्रों और शिक्षकों ने स्कैन की गुणवत्ता, आरेखों के मूल्यांकन और तकनीकी खामियों जैसी समस्याओं पर गंभीर चिंताएँ जताई हैं।

त्रिभाषा सूत्र की समीक्षा भी एजेंडे में

इसके अतिरिक्त, 2 जून की बैठक में कक्षा 9 और 10 में त्रिभाषा सूत्र के क्रियान्वयन की स्थिति और उसके व्यावहारिक प्रभावों की भी समीक्षा की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भाषा नीति को लेकर कई राज्यों में मतभेद सामने आ चुके हैं।

परीक्षा सुधार की दिशा में महत्व

संसदीय स्थायी समिति की ये बैठकें देश की परीक्षा व्यवस्था और प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता के दृष्टिकोण से निर्णायक मानी जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समिति की सिफारिशें NTA के पुनर्गठन और भविष्य की परीक्षा नीति को सीधे प्रभावित कर सकती हैं। आने वाले हफ्तों में समिति की रिपोर्ट पर सरकार की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि परीक्षा सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएँगे या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जवाबदेही का तंत्र हमेशा कमज़ोर रहा है। असली परीक्षा यह है कि समिति की सिफारिशें क्या NTA के ढाँचागत सुधार को बाध्य करेंगी, या यह भी पिछली जाँचों की तरह फाइलों में दब जाएगी। 21 जून की पुनर्परीक्षा से पहले पारदर्शिता का कोई ठोस आश्वासन न मिला, तो छात्रों का भरोसा और गहरा टूटेगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संसदीय स्थायी समिति की इस बैठक में क्या चर्चा हो रही है?
1 जून 2026 को हो रही इस बैठक में नीट-यूजी परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक, NTA की कार्यप्रणाली, परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारियों से सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। साथ ही CBT बनाम पेन-एंड-पेपर परीक्षा प्रणाली की प्रभावशीलता पर भी विमर्श हो रहा है।
नीट-यूजी पुनर्परीक्षा कब होगी और क्यों आवश्यक हुई?
नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जानी है, क्योंकि इस वर्ष प्रश्नपत्र लीक होने की वजह से मूल परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। इससे देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं।
2 जून की बैठक में CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पर क्या चर्चा होगी?
2 जून को CBSE अध्यक्ष और स्कूल शिक्षा सचिव कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं में OSM प्रणाली की चुनौतियों पर जवाब देंगे। छात्रों और शिक्षकों ने स्कैन गुणवत्ता, आरेखों के मूल्यांकन और तकनीकी खामियों को लेकर चिंताएँ जताई हैं।
NTA के महानिदेशक को समिति के सामने क्यों बुलाया गया है?
NTA के महानिदेशक को नीट-यूजी पेपर लीक मामले में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर पड़े प्रभाव और सुधारात्मक कदमों के बारे में सीधे जवाब देने के लिए तलब किया गया है। समिति यह जानना चाहती है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस उपाय किए गए हैं।
त्रिभाषा सूत्र की समीक्षा इस बैठक में क्यों शामिल है?
2 जून की बैठक में कक्षा 9 और 10 में त्रिभाषा सूत्र के क्रियान्वयन की स्थिति और उसके व्यावहारिक प्रभावों की भी समीक्षा की जाएगी। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भाषा नीति को लेकर उठ रहे व्यापक सवालों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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