ग्लेशियर आपदा: चीन ने नेपाल को नकद सहायता और राहत सामग्री भेजी, वांग यी ने खनाल से की फोन पर बात
सारांश
मुख्य बातें
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल से फोन पर बातचीत कर नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से आई भीषण आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया। 30 अगस्त को हुई इस बातचीत में वांग यी ने स्पष्ट किया कि बीजिंग ने काठमांडू के लिए तत्काल नकद सहायता और मानवीय राहत सामग्री का एक विशेष पैकेज लागू किया है, जो शीघ्र ही पहुँचने वाला है।
आपदा की भयावहता
वांग यी ने इस घटना को हाल के वर्षों की सबसे गंभीर सीमा-पार आपदा करार दिया। उनके अनुसार, नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में अचानक ग्लेशियर टूटने से भारी मलबा और कीचड़ का बहाव आया, जिसमें दोनों देशों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और कई लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव कार्य की चुनौती को उन्होंने अभूतपूर्व बताया।
चीन की राहत कार्रवाई
वांग यी ने बताया कि चीन एक साथ दो मोर्चों पर काम कर रहा है — अपने क्षेत्र में आपातकालीन बचाव अभियान तेज किया जा रहा है और साथ ही नेपाल की मदद के लिए शुरुआत से ही हाथ बढ़ाया गया है। विशेष सहायता पैकेज में तत्काल नकद सहायता और मानवीय राहत सामग्री दोनों शामिल हैं। चीन की ओर से भेजी जा रही यह राहत सामग्री जल्द ही काठमांडू पहुँचने की उम्मीद है।
द्विपक्षीय संबंधों का संदर्भ
वांग यी ने इस आपदा को दोनों देशों की साझी ज़िम्मेदारी से जोड़ते हुए कहा कि चीन और नेपाल पर्वतों और नदियों से जुड़े पड़ोसी देश हैं और उनका भविष्य परस्पर जुड़ा हुआ है। उन्होंने आह्वान किया कि इस संकट की घड़ी में दोनों देशों को मिलकर हालात का सामना करना चाहिए और ठोस कदमों के ज़रिए हिमालय के दोनों ओर की पारंपरिक मित्रता को और मज़बूत बनाना चाहिए।
आगे क्या
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने एक्स पर इस बातचीत का विवरण साझा किया। फिलहाल दोनों देशों में बचाव अभियान जारी है और लापता लोगों की तलाश अभी भी चल रही है। यह आपदा हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते जलवायु जोखिमों की एक गंभीर याद दिलाती है।