नेपाल बाढ़: तेलंगाना के लापता लोगों की खोज तेज, DNA जांच और पार्थिव शरीर वापसी की प्रक्रिया शुरू
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के मद्देनजर तेलंगाना भवन के अधिकारी विदेश मंत्रालय, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और नेपाल पुलिस के साथ निरंतर समन्वय में जुटे हैं। अधिकारियों के अनुसार, तेलंगाना से संबंधित नागरिकों का पता लगाने, उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने और मृतकों की पहचान कर पार्थिव शरीर परिजनों तक पहुँचाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
भारतीय नागरिकों की वापसी
विदेश मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 अगस्त को 449 भारतीय नागरिक तिब्बत से नेपाल के रास्ते सुरक्षित निकाले गए। 30 अगस्त को इसी मार्ग से 397 अन्य भारतीय नागरिकों की आवाजाही की व्यवस्था की जा रही है। यह राहत अभियान ऐसे समय में चलाया जा रहा है जब नेपाल के कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन से तबाही की स्थिति बनी हुई है।
तेलंगाना के एक नागरिक की पहचान की पुष्टि
अधिकारियों ने बताया कि प्राप्त सूची में अल्ली इलेशा का नाम और पासपोर्ट विवरण तेलंगाना भवन के रिकॉर्ड से मेल खाता पाया गया है। उनके परिवार ने पुष्टि की है कि वे उनके संपर्क में हैं और रविवार रात लगभग 10 बजे तक हैदराबाद पहुँचने की उम्मीद है। यह उन परिवारों के लिए राहत की खबर है जो अपने प्रियजनों की खोज में दिन-रात लगे हैं।
मृतकों की पहचान प्रक्रिया
नेपाल सरकार ने नेपाल पुलिस डिजास्टर पोर्टल पर मृतकों की तस्वीरें और प्राथमिक जानकारी उपलब्ध कराई है। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन, गोरखा, तनहूं, नवलपरासी पूर्व, नवलपरासी पश्चिम और काठमांडू जिलों में रखे गए शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
नेपाल पुलिस के अनुसार, जिन मामलों में दृश्य पहचान संभव है, वहाँ DNA जाँच की आवश्यकता नहीं होगी। मृतक की पहचान और परिजनों से संबंध स्थापित होने के बाद पार्थिव शरीर परिवार को सौंपा जाएगा।
DNA जाँच की व्यवस्था
जिन मामलों में शव की प्रारंभिक पहचान संभव नहीं है, वहाँ माता-पिता, भाई या बहन जैसे प्रथम श्रेणी के रिश्तेदारों के DNA नमूनों का मिलान नेपाल की फोरेंसिक एजेंसियों द्वारा एकत्रित नमूनों से किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिजनों को DNA प्रोफाइलिंग के लिए नेपाल जाने की अनिवार्यता नहीं है — वे अपने निवास स्थान पर तैयार कराया गया DNA प्रोफाइल ईमेल के माध्यम से भेज सकते हैं। नेपाल पुलिस इस ईमेल-आधारित व्यवस्था को अंतिम रूप दे रही है।
परिवारों को सलाह और आगे की राह
मृतकों की पहचान, पार्थिव शरीर सौंपने और उन्हें स्वदेश लाने की विस्तृत प्रक्रिया अभी नेपाल सरकार द्वारा अंतिम रूप दी जा रही है। प्रभावित परिवारों से अपील की गई है कि वे DNA परीक्षण कराने या नेपाल यात्रा करने से पहले तेलंगाना भवन अथवा काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से आवश्यक मार्गदर्शन अवश्य लें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक मामले से जुड़ी जानकारी आधिकारिक पुष्टि के बाद ही संबंधित परिवारों और आम जनता के साथ साझा की जाएगी। स्थिति में बदलाव के साथ राहत और पहचान की प्रक्रिया आने वाले दिनों में और तेज होने की उम्मीद है।