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गुजरात GSRTC का 56 बस स्टेशनों पर टॉयलेट अपग्रेड अभियान, 8-12 महीनों में होगा काम पूरा

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गुजरात GSRTC का 56 बस स्टेशनों पर टॉयलेट अपग्रेड अभियान, 8-12 महीनों में होगा काम पूरा

सारांश

गुजरात GSRTC ने 56 बस स्टेशनों पर टॉयलेट ब्लॉक अपग्रेड का विशेष अभियान शुरू किया है। 6 स्टेशनों पर काम पूरा, 17 पर जारी और 33 पर 8-12 महीनों में पूरा होगा। QR-आधारित 'मुसाफिर सेवा सेतु' ऐप से यात्री रियल-टाइम में शिकायत कर सकेंगे।

मुख्य बातें

GSRTC ने 56 बस स्टेशनों पर टॉयलेट ब्लॉक मरम्मत और अपग्रेडेशन का अभियान शुरू किया।
सावरकुंडला, वंसदा, धंधुका, उमराला, पालीताना और धासा — 6 स्टेशनों पर काम पूर्ण; 17 पर जारी।
शेष 33 स्टेशनों पर काम अगले 8 से 12 महीनों में पूरा होने का लक्ष्य।
प्रत्येक स्टेशन पर करीब 25 यूरिनल, 20 सामान्य WC और 25 महिलाओं के WC जोड़ने की योजना।
QR कोड-आधारित 'मुसाफिर सेवा सेतु' ऐप से यात्री रियल-टाइम शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
पहल डिप्टी मुख्यमंत्री हर्ष संघवी की देखरेख में शुरू।

गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) ने राज्य के 56 बस स्टेशनों पर टॉयलेट ब्लॉक की मरम्मत और आधुनिकीकरण के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। डिप्टी मुख्यमंत्री हर्ष संघवी की देखरेख में शुरू इस पहल के तहत सभी निर्धारित कार्य अगले 8 से 12 महीनों में पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है।

अभियान की पृष्ठभूमि

निगम ने इस अभियान से पहले बस स्टेशनों की बुनियादी सुविधाओं का विस्तृत सर्वेक्षण किया था, जिसके आधार पर 'बस स्टेशन बेसिक फैसिलिटी अपग्रेडेशन प्लान' तैयार किया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य रोज़मर्रा और लंबी दूरी के यात्रियों — विशेष रूप से महिलाओं और बुज़ुर्गों — के लिए स्वच्छता व बुनियादी ढाँचे में सुधार करना है। गौरतलब है कि राज्य के एसटी नेटवर्क पर प्रतिदिन लाखों यात्री निर्भर करते हैं।

मुख्य घटनाक्रम

चुने गए 56 बस स्टेशनों में से सावरकुंडला, वंसदा, धंधुका, उमराला, पालीताना और धासा — इन 6 स्टेशनों पर मरम्मत का काम पहले ही पूरा हो चुका है। इसके अलावा 17 और स्टेशनों पर फिलहाल काम जारी है, जबकि शेष 33 स्टेशनों पर अगले 8 से 12 महीनों में अपग्रेडेशन पूर्ण करने की योजना है।

योजनाबद्ध सुधारों का विवरण

प्रत्येक बस स्टेशन की आवश्यकताओं के अनुसार, GSRTC लगभग 25 यूरिनल, 20 सामान्य WC और करीब 25 महिलाओं के WC जोड़ने की योजना बना रहा है। भौतिक कार्यों में प्लंबिंग की मरम्मत, यूरिनल और WC पैन का प्रतिस्थापन, दरवाज़े-खिड़कियाँ बदलना, नई फ्लोरिंग, बिजली का नवीनीकरण, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और पेंटिंग शामिल हैं।

डिजिटल शिकायत तंत्र

भौतिक सुधारों के साथ-साथ सभी एसटी बस स्टेशनों पर QR कोड-आधारित 'मुसाफिर सेवा सेतु' एप्लीकेशन भी लागू किया जा रहा है। इस प्रणाली के ज़रिए यात्री बुनियादी ढाँचे और साफ-सफाई से जुड़ी शिकायतें रियल-टाइम में दर्ज करा सकेंगे। यह पहल स्थानीय स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सरकार की प्राथमिकता

डिप्टी मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा, 'यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ देना हमारी प्राथमिकता है।' यह अभियान ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें सार्वजनिक परिवहन केंद्रों पर स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को पूरा करने पर ज़ोर दे रही हैं। अगले चरण में अपग्रेड किए गए स्टेशनों पर रखरखाव और नियमित निगरानी सुनिश्चित करना निगम की अगली बड़ी चुनौती होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि अपग्रेडेशन के बाद रखरखाव कौन सुनिश्चित करेगा — क्योंकि अतीत में भी सार्वजनिक परिवहन केंद्रों पर बनाई गई सुविधाएँ जल्द ही उपेक्षा का शिकार हो जाती हैं। 'मुसाफिर सेवा सेतु' ऐप एक अच्छी जवाबदेही प्रणाली हो सकती है, बशर्ते शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई भी सुनिश्चित हो। महिलाओं और बुज़ुर्गों के लिए अलग सुविधाओं पर ज़ोर देना सही दिशा है, लेकिन इस अभियान की सफलता अंततः स्थानीय स्तर पर नियमित निगरानी तंत्र पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

GSRTC का बस स्टेशन टॉयलेट अपग्रेड अभियान क्या है?
गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) ने राज्य के 56 बस स्टेशनों पर टॉयलेट ब्लॉक की मरम्मत और आधुनिकीकरण के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत प्लंबिंग, फ्लोरिंग, ड्रेनेज, दरवाज़े-खिड़कियाँ और बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।
कितने बस स्टेशनों पर काम पूरा हो चुका है?
56 में से 6 बस स्टेशनों — सावरकुंडला, वंसदा, धंधुका, उमराला, पालीताना और धासा — पर मरम्मत का काम पूरा हो चुका है। 17 अन्य स्टेशनों पर फिलहाल काम जारी है और शेष 33 स्टेशनों पर अगले 8 से 12 महीनों में काम पूरा करने की योजना है।
'मुसाफिर सेवा सेतु' ऐप क्या है?
'मुसाफिर सेवा सेतु' एक QR कोड-आधारित मोबाइल एप्लीकेशन है जिसे सभी एसटी बस स्टेशनों पर लागू किया जा रहा है। इसके ज़रिए यात्री बुनियादी ढाँचे और साफ-सफाई से जुड़ी शिकायतें रियल-टाइम में दर्ज करा सकेंगे।
इस अभियान से किन यात्रियों को सबसे ज़्यादा फायदा होगा?
निगम के अनुसार इस अभियान से विशेष रूप से महिलाओं और बुज़ुर्ग यात्रियों को सबसे अधिक लाभ होगा, क्योंकि हर स्टेशन पर करीब 25 महिलाओं के WC अलग से जोड़े जाने की योजना है। रोज़मर्रा और लंबी दूरी के यात्री भी इससे लाभान्वित होंगे।
यह अभियान किसकी देखरेख में चल रहा है?
यह अभियान गुजरात के डिप्टी मुख्यमंत्री हर्ष संघवी की प्रत्यक्ष देखरेख में चलाया जा रहा है। पहले एक व्यापक सर्वेक्षण कराया गया था, जिसके आधार पर 'बस स्टेशन बेसिक फैसिलिटी अपग्रेडेशन प्लान' तैयार किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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