जीएसआरटीसी की 8,000 बसों में QR फीडबैक सिस्टम लागू, 3.13 लाख यात्रियों ने दी 4.7 स्टार रेटिंग
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) ने अपनी 8,000 से अधिक बसों और 125 बस स्टेशनों पर क्यूआर कोड आधारित यात्री प्रतिक्रिया प्रणाली का पूर्ण विस्तार कर दिया है। 1 मार्च से 19 जून 2026 के बीच 3,13,824 यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर निगम को 5 में से 4.7 स्टार की औसत संतुष्टि रेटिंग प्राप्त हुई है। यह प्रणाली पहले केवल प्रीमियम लग्जरी बसों में प्रायोगिक तौर पर शुरू की गई थी, जिसे मार्च 2025 में पायलट के रूप में लॉन्च किया गया था।
प्रणाली का विस्तार और संरचना
शुरुआत में यह डिजिटल फीडबैक प्रणाली केवल प्रीमियम श्रेणी की बसों तक सीमित थी। प्रारंभिक सफलता के बाद जीएसआरटीसी ने इसे 125 बस स्टेशनों, डिपो नियंत्रण बिंदुओं और 8,000 से अधिक बसों तक विस्तारित किया। यात्री यात्रा के दौरान बस में लगे क्यूआर कोड को अपने मोबाइल फोन से स्कैन करके सीधे प्रतिक्रिया दर्ज कर सकते हैं।
रेटिंग प्रणाली 1 से 5 सितारों के पैमाने पर आधारित है, जिसमें यात्री सुरक्षा, आराम और समग्र यात्रा अनुभव जैसे प्रमुख मापदंडों पर अपनी राय दे सकते हैं। निगम के अनुसार यह प्रक्रिया त्वरित और पूरी तरह मोबाइल-आधारित है।
यात्री संतुष्टि के आंकड़े
जीएसआरटीसी की आधिकारिक यात्री प्रतिक्रिया रिपोर्ट के अनुसार, 1 मार्च से 19 जून 2026 की अवधि में कुल 3,13,824 यात्रियों ने फीडबैक दर्ज किया। इस अवधि में प्राप्त औसत रेटिंग 4.7 स्टार रही, जो प्रमुख परिचालन मापदंडों पर उच्च स्तर की यात्री स्वीकृति को दर्शाती है।
गौरतलब है कि यह आंकड़ा उन यात्रियों की प्रतिक्रिया पर आधारित है जिन्होंने स्वेच्छा से क्यूआर कोड स्कैन किया। स्वैच्छिक फीडबैक प्रणालियों में सहभागिता दर और प्रतिनिधित्व की सीमाओं को ध्यान में रखना आवश्यक है।
सरकार की प्रतिक्रिया और प्रतिबद्धता
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा, 'जीएसआरटीसी केवल प्रतिक्रिया एकत्र नहीं कर रही है, वह सक्रिय रूप से उस पर कार्रवाई कर रही है। यात्रियों द्वारा बताई गई सभी शिकायतें, सुझाव और समस्याएं तुरंत संबंधित विभागों और स्थानीय बस डिपो को भेजी जाती हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि 'हम यात्रियों को सर्वोत्तम संभव सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्राप्त फीडबैक का बिना किसी देरी के सत्यापन किया जाता है और जमीनी स्तर पर आवश्यक सुधारात्मक उपाय किए जाते हैं। जीएसआरटीसी यात्रियों की प्रतिक्रिया को प्रगति का एक महत्वपूर्ण साधन मानती है।
आम यात्रियों पर असर
यह प्रणाली गुजरात के लाखों दैनिक बस यात्रियों को सेवा सुधार में सीधी भूमिका देती है। यह ऐसे समय में आई है जब सार्वजनिक परिवहन में डिजिटल जवाबदेही को लेकर देशभर में चर्चा बढ़ रही है। निगम के अनुसार, फीडबैक के आधार पर जमीनी स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे सेवा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार की उम्मीद है।
आगे की राह
जीएसआरटीसी का लक्ष्य इस फीडबैक तंत्र को और अधिक व्यापक बनाना और यात्री अनुभव को लगातार बेहतर करना है। पूरे गुजरात में सुरक्षित, विश्वसनीय और यात्री-अनुकूल बस सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में यह प्रणाली एक महत्वपूर्ण डिजिटल कदम मानी जा रही है।