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केएसआरटीसी को मिली सहकारी मदद: कलिकट सोसाइटी ने ₹40 लाख की नई बस सौंपी, कोझिकोड-परंबिकुलम रूट पर चलेगी

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केएसआरटीसी को मिली सहकारी मदद: कलिकट सोसाइटी ने ₹40 लाख की नई बस सौंपी, कोझिकोड-परंबिकुलम रूट पर चलेगी

सारांश

आर्थिक संकट से जूझ रहे केएसआरटीसी के लिए कलिकट सिटी सर्विस कोऑपरेटिव सोसाइटी ने ₹40 लाख की नई बस खरीदकर एक मिसाल कायम की है। परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने इसे जन-भागीदारी का आदर्श मॉडल बताया और सहकारी संस्थाओं को इस तरह की पहल की औपचारिक अनुमति देने पर विचार का संकेत दिया।

मुख्य बातें

कलिकट सिटी सर्विस कोऑपरेटिव सोसाइटी ने अपने जनकल्याण कोष से ₹40 लाख खर्च कर केएसआरटीसी के लिए नई बस खरीदी।
बस कोझिकोड-पालक्काड-मुथालामाडा-परंबिकुलम रूट पर संचालित की जाएगी।
परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने पहल को जन-भागीदारी का 'बेहतरीन उदाहरण' बताया।
सरकार सहकारी संस्थाओं को जनकल्याण कोष से केएसआरटीसी की मदद की औपचारिक अनुमति देने पर विचार कर रही है।
केएसआरटीसी का लक्ष्य सड़कों पर 2,000 नई बसें उतारना है।
पहल के सूत्रधार स्थानीय कैंसर संस्थान के अध्यक्ष सीएन विजयकृष्णन हैं।

केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) को आर्थिक संकट के बीच एक अनूठी सामुदायिक पहल से राहत मिली है। कलिकट सिटी सर्विस कोऑपरेटिव सोसाइटी ने अपने जनकल्याण कोष से ₹40 लाख खर्च कर एक नई बस खरीदी और उसे केएसआरटीसी को सौंपने का फैसला किया है। यह बस कोझिकोड-पालक्काड-मुथालामाडा-परंबिकुलम रूट पर संचालित की जाएगी।

पहल की पृष्ठभूमि

इस बस सेवा का विचार मुथालामाडा क्षेत्र के निवासियों और सरकारी कर्मचारियों की यात्रा संबंधी कठिनाइयों को देखते हुए उभरा। एक स्थानीय कैंसर संस्थान के अध्यक्ष सीएन विजयकृष्णन ने यात्रियों की परेशानियों को नज़दीक से देखा और इस पहल को मूर्त रूप देने में अग्रणी भूमिका निभाई। प्रस्तावित सेवा से मुथालामाडा और आसपास के इलाकों की आवाजाही सुगम होगी, साथ ही केरल के प्रमुख पर्यटन स्थल परंबिकुलम तक पहुँच भी बेहतर होने की उम्मीद है।

सरकार की प्रतिक्रिया

परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने मंगलवार को इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह जन-भागीदारी से सार्वजनिक संस्थाओं को सशक्त बनाने का 'बेहतरीन उदाहरण' है। उन्होंने कहा कि यह कदम अन्य सहकारी संस्थाओं, स्थानीय निकायों और जनप्रतिनिधियों के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है।

मंत्री ने बताया कि सरकार एक ऐसे प्रस्ताव पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है, जिसके तहत सहकारी संस्थाओं को अपने जनकल्याण कोष का उपयोग केएसआरटीसी की सहायता के लिए करने की औपचारिक अनुमति दी जा सके। इस संबंध में जल्द ही सकारात्मक निर्णय आने की उम्मीद जताई गई है।

केएसआरटीसी का आधुनिकीकरण लक्ष्य

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब केएसआरटीसी अपने पुराने बस बेड़े के विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में काम कर रहा है। राज्य सरकार ने सड़कों पर 2,000 नई बसें उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया है। परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने कहा कि जन-भागीदारी से होने वाली ऐसी पहलें इस लक्ष्य की प्राप्ति में सहायक सिद्ध हो सकती हैं।

आम जनता पर असर

नई बस सेवा से मुथालामाडा और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों के निवासियों को सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है, जहाँ सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता सीमित रही है। इसके अलावा, परंबिकुलम जैसे पर्यटन स्थल तक बेहतर कनेक्टिविटी पर्यटन को भी बढ़ावा दे सकती है।

सामूहिक भागीदारी का संदेश

परिवहन मंत री सीपी जॉन ने इस पहल के लिए कलिकट सिटी सर्विस कोऑपरेटिव सोसाइटी और सीएन विजयकृष्णन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उदाहरण दर्शाता है कि सामूहिक भागीदारी के ज़रिए समाज किसी सार्वजनिक संस्था से कितना गहरा जुड़ाव रख सकता है। यदि यह मॉडल राज्यभर में अपनाया जाए, तो केएसआरटीसी के बेड़े के विस्तार में नागरिक समाज की भूमिका निर्णायक हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े संरचनात्मक सवाल को भी उजागर करती है — क्या नागरिक समाज और सहकारी संस्थाओं पर निर्भरता केएसआरटीसी की दीर्घकालिक वित्तीय समस्याओं का विकल्प बन सकती है? एक बस और 2,000 बसों के लक्ष्य के बीच की खाई बताती है कि यह मॉडल प्रतीकात्मक तो है, पर पर्याप्त नहीं। सरकार को जनकल्याण कोष के उपयोग की अनुमति देने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि ये कोष मूल रूप से जिन उद्देश्यों के लिए बने हैं, उनसे ध्यान न भटके। असली सुधार तब होगा जब केएसआरटीसी का परिचालन घाटा कम करने के लिए किराया संरचना और दक्षता पर ठोस नीतिगत कदम उठाए जाएँ।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलिकट सिटी सर्विस कोऑपरेटिव सोसाइटी ने केएसआरटीसी को क्या दिया?
सोसाइटी ने अपने जनकल्याण कोष से ₹40 लाख खर्च कर एक नई बस खरीदी और उसे केएसआरटीसी को सौंपने का फैसला किया है। यह बस कोझिकोड-पालक्काड-मुथालामाडा-परंबिकुलम रूट पर चलाई जाएगी।
यह बस किस रूट पर चलेगी और इससे किसे फायदा होगा?
बस कोझिकोड-पालक्काड-मुथालामाडा-परंबिकुलम रूट पर चलेगी। इससे मुथालामाडा और आसपास के ग्रामीण इलाकों के निवासियों और सरकारी कर्मचारियों की यात्रा आसान होगी, साथ ही पर्यटन स्थल परंबिकुलम तक पहुँच भी बेहतर होगी।
परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने इस पहल पर क्या कहा?
परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने इसे जन-भागीदारी से सार्वजनिक संस्थाओं को मजबूत करने का 'बेहतरीन उदाहरण' बताया। उन्होंने कहा कि यह मॉडल अन्य सहकारी संस्थाओं और स्थानीय निकायों के लिए भी अनुकरणीय हो सकता है।
क्या सरकार सहकारी संस्थाओं को केएसआरटीसी की मदद की अनुमति देगी?
सरकार एक ऐसे प्रस्ताव पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है, जिसके तहत सहकारी संस्थाओं को अपने जनकल्याण कोष का उपयोग केएसआरटीसी की सहायता के लिए करने की औपचारिक अनुमति दी जाए। परिवहन मंत्री ने जल्द सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई है।
केएसआरटीसी के बेड़े के विस्तार का क्या लक्ष्य है?
केरल सरकार ने केएसआरटीसी के तहत सड़कों पर 2,000 नई बसें उतारने का लक्ष्य रखा है। जन-भागीदारी आधारित पहलें इस लक्ष्य को हासिल करने में सहायक मानी जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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