8 अगस्त 2026
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कर्नाटक में बस किराया बढ़ोतरी पर विचार, सीएम शिवकुमार बोले — केएसआरटीसी की आर्थिक स्थिरता ज़रूरी

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कर्नाटक में बस किराया बढ़ोतरी पर विचार, सीएम शिवकुमार बोले — केएसआरटीसी की आर्थिक स्थिरता ज़रूरी

सारांश

कर्नाटक में बस किराया बढ़ने की आहट — सीएम शिवकुमार ने माना कि केएसआरटीसी पर रोज़ ₹40 करोड़ का ईंधन बोझ है और निजी ऑपरेटरों से ₹40/लीटर डीजल महँगा पड़ता है। साथ ही कैबिनेट ने दिल्ली में कर्नाटक भवन-IV के लिए ₹80 करोड़ मंजूर किए।

मुख्य बातें

शिवकुमार ने 20 जून 2026 को कहा कि केएसआरटीसी बस किराया बढ़ाने पर विचार चल रहा है।
केएसआरटीसी और बीएमटीसी को निजी ऑपरेटरों की तुलना में डीजल पर ₹40 प्रति लीटर अधिक चुकाना पड़ता है।
ईंधन मूल्य वृद्धि से परिवहन निगमों पर प्रतिदिन ₹40 करोड़ का अतिरिक्त बोझ।
कैबिनेट ने नई दिल्ली में कर्नाटक भवन-IV के निर्माण के लिए ₹80 करोड़ मंजूर किए; आधी सीटें SC/ST छात्रों के लिए आरक्षित।
देवनहल्ली तालुक की 1,777 एकड़ भूमि परियोजना के लिए किसानों की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई।
दिल्ली में केंद्रीय योजनाओं की पहचान के लिए समर्पित टीम बनेगी, जिसमें सेवानिवृत्त आईएएस/आईपीएस अधिकारी शामिल होंगे।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 20 जून 2026 को बेंगलुरु में विधान सौधा में कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि राज्य में आरटीसी बस किराया बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की वित्तीय सेहत और यात्रियों के हितों के बीच सावधानी से संतुलन बनाया जाएगा।

डीजल मूल्य अंतर से बढ़ता दबाव

शिवकुमार ने बताया कि निजी ऑपरेटरों और बड़े औद्योगिक खरीदारों को जो डीजल मिलता है, उसकी तुलना में केएसआरटीसी और बीएमटीसी को खुदरा आउटलेट पर लगभग ₹40 प्रति लीटर अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। यह असमान मूल्य ढाँचा सरकारी परिवहन निगमों पर भारी वित्तीय बोझ डाल रहा है।

हाल ही में राज्यभर में ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण परिवहन निगमों पर प्रतिदिन लगभग ₹40 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब केएसआरटीसी पहले से ही संचालन घाटे से जूझ रहा है।

सरकार का रुख और जनहित की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'केएसआरटीसी का बने रहना ज़रूरी है, लेकिन यात्रियों के हितों की भी रक्षा होनी चाहिए।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी अंतिम निर्णय जनहित को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले किराया संशोधनों को भी ईंधन मूल्य वृद्धि से जोड़ा गया था।

दिल्ली में कर्नाटक की कानूनी और प्रशासनिक उपस्थिति मज़बूत होगी

कैबिनेट बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। शिवकुमार ने घोषणा की कि नई दिल्ली में कर्नाटक के कानूनी विभाग को मज़बूत किया जाएगा ताकि सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों को बेहतर तरीके से संभाला जा सके। इसके साथ ही रेजिडेंट कमिश्नर के कार्यालय के पुनर्गठन और उसकी कार्यक्षमता बढ़ाने के उपाय भी किए जा रहे हैं।

सरकार केंद्र की योजनाओं और परियोजनाओं की पहचान कर उन्हें कर्नाटक के लिए हासिल करने हेतु अधिकारियों की एक समर्पित टीम गठित करेगी। यह टीम तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में लागू योजनाओं का अध्ययन कर केंद्रीय फंडिंग के अवसर तलाशेगी। इस टीम में सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी शामिल होंगे।

देवनहल्ली में भूमि अधिग्रहण की समय-सीमा बढ़ी

कैबिनेट ने बेंगलुरु ग्रामीण जिले के देवनहल्ली तालुक की चन्नारायपटना होबली के 13 गाँवों में 1,777 एकड़ भूमि को आच्छादित करने वाली विकास परियोजना के तहत स्वेच्छा से ज़मीन देने वाले किसानों के लिए समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने को मंजूरी दी।

दिल्ली में कर्नाटक भवन-IV के लिए ₹80 करोड़ मंजूर

कैबिनेट ने यूपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कर्नाटक के छात्रों के लिए नई दिल्ली में कर्नाटक भवन-IV के निर्माण हेतु ₹80 करोड़ की राशि स्वीकृत की। कर्नाटक भवन वेलफेयर बोर्ड के माध्यम से बनने वाली इस सुविधा में आवास और अन्य आवश्यक सेवाएँ एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इसमें आधी सीटें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए आरक्षित होंगी, जबकि शेष सीटें अन्य समुदायों के लिए उपलब्ध रहेंगी।

केएसआरटीसी किराया संशोधन पर अंतिम निर्णय आने वाले हफ्तों में अपेक्षित है, और राज्य सरकार की इस पर नज़दीकी नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बीमारी का नहीं। असली सवाल यह है कि क्या सरकार ईंधन खरीद नीति में संरचनात्मक सुधार करेगी या यात्रियों की जेब से घाटा भरती रहेगी। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने 'शक्ति योजना' के तहत महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा दी है — किराया बढ़ोतरी उस लोकप्रिय योजना की राजनीतिक लागत को और जटिल बना देती है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में बस किराया कब बढ़ेगा?
अभी तक कोई तारीख तय नहीं हुई है। सीएम शिवकुमार ने केवल यह कहा है कि किराया बढ़ाने पर विचार चल रहा है और कोई भी निर्णय जनहित को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
केएसआरटीसी को डीजल पर इतना अधिक क्यों चुकाना पड़ता है?
केएसआरटीसी और बीएमटीसी को खुदरा पंप से डीजल खरीदना पड़ता है, जबकि निजी ऑपरेटर और बड़े औद्योगिक खरीदार कम दरों पर थोक में डीजल खरीदते हैं। इस असमान मूल्य ढाँचे के कारण सरकारी निगमों को लगभग ₹40 प्रति लीटर अधिक चुकाना पड़ता है।
ईंधन मूल्य वृद्धि से केएसआरटीसी पर कितना असर पड़ रहा है?
हाल की ईंधन मूल्य वृद्धि से परिवहन निगमों पर प्रतिदिन लगभग ₹40 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, जिससे केएसआरटीसी का संचालन घाटा और गहरा हो रहा है।
कर्नाटक भवन-IV क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
यह नई दिल्ली में बनने वाली एक आवासीय सुविधा है जो यूपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कर्नाटक के छात्रों के लिए है। कैबिनेट ने इसके लिए ₹80 करोड़ मंजूर किए हैं और इसमें आधी सीटें SC/ST छात्रों के लिए आरक्षित होंगी।
देवनहल्ली भूमि परियोजना की समय-सीमा क्यों बढ़ाई गई?
बेंगलुरु ग्रामीण जिले के देवनहल्ली तालुक में 1,777 एकड़ की विकास परियोजना के तहत स्वेच्छा से ज़मीन देने वाले किसानों को अधिक समय देने के लिए कैबिनेट ने समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई है।
राष्ट्र प्रेस
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