नीति आयोग की बैठक में CM डीके शिवकुमार होंगे शामिल, बेंगलुरु मेट्रो विस्तार पर भी मांगी मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार गुरुवार, 10 जून को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल बैठक में भाग लेंगे, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह पहला अवसर होगा जब शिवकुमार मुख्यमंत्री के रूप में इस बैठक में सम्मिलित होंगे।
बैठक की तैयारी और रणनीति
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बताया कि उन्होंने दिल्ली में तैनात कर्नाटक के वरिष्ठ अधिकारियों से सुझाव मांगे और इस बात पर विचार-विमर्श किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का राज्य के हित में अधिकतम उपयोग कैसे किया जाए। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले की व्यवस्था से वे संतुष्ट नहीं थे और कहा, 'दूसरे राज्य केंद्र की योजनाओं का बेहतर लाभ उठा रहे हैं, हमें भी ऐसा ही करना होगा।'
शिवकुमार ने यह भी कहा कि वे सेवानिवृत्त अधिकारियों के अनुभव का उपयोग करने की दिशा में पहल कर रहे हैं और इस प्रक्रिया को उन्होंने शुरू भी कर दिया है। उनका जोर इस बात पर रहा कि नीति आयोग की बैठक में कर्नाटक की प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट्स को केंद्र के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए।
बेंगलुरु बुनियादी ढांचे पर केंद्रीय मंत्री से मुलाकात
दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात कर बेंगलुरु के प्रमुख बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स के लिए शीघ्र केंद्रीय मंजूरी की मांग की। इन प्रोजेक्ट्स में बेंगलुरु मेट्रो के दूसरे चरण की संशोधित लागत, तीसरे चरण का विस्तार, डबल डेकर कॉरिडोर, अर्बन चैलेंज फंड के तहत लंबित प्रस्ताव और बेंगलुरु को पड़ोसी विकास केंद्रों से जोड़ने वाला रीजनल रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) शामिल हैं।
शिवकुमार के अनुसार ये पहल शहर की भीड़भाड़ कम करने, कनेक्टिविटी मजबूत करने और एक आधुनिक व टिकाऊ कर्नाटक बनाने के लिए अनिवार्य हैं।
गांधी परिवार से मुलाकात
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने नई दिल्ली के 10 जनपथ पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बातचीत जनकल्याण, समावेशी विकास और एक समृद्ध कर्नाटक एवं भारत के निर्माण की सामूहिक जिम्मेदारी पर केंद्रित रही।
युवा कांग्रेस नेताओं से संवाद
इसके अलावा शिवकुमार ने एनएसयूआई और भारतीय युवा कांग्रेस के नेताओं व सदस्यों से उनके दिल्ली कार्यालयों में मुलाकात की। उन्होंने कहा कि एक युवा एनएसयूआई सदस्य के रूप में उन्होंने इसी जगह अपनी राजनीतिक आकांक्षाओं को आकार दिया था और आज के युवा नेताओं की ऊर्जा व प्रतिबद्धता देखकर उन्हें प्रेरणा मिली। यह दिल्ली दौरा कर्नाटक के लिए केंद्रीय संसाधनों और परियोजना मंजूरियों को सुनिश्चित करने की दिशा में एक सुनियोजित कदम के रूप में देखा जा रहा है।