कर्नाटक के सभी सांसदों को सीएम डीके शिवकुमार का बुलावा, 27 जुलाई को नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मानसून सत्र के दौरान कर्नाटक के केंद्रीय हितों को मज़बूती से उठाने के लिए राज्य के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को 27 जुलाई को सायं 6:30 बजे नई दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन-1 (कावेरी) में एक उच्चस्तरीय बैठक के लिए आमंत्रित किया है। संसद के मानसून सत्र की पृष्ठभूमि में बुलाई गई यह बैठक केंद्र सरकार के समक्ष राज्य से जुड़े लंबित प्रस्तावों और समग्र विकास के लिए केंद्रीय सहयोग सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहेगी।
बैठक का उद्देश्य
मुख्यमंत्री शिवकुमार द्वारा सांसदों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बैठक का मकसद केंद्र सरकार के पास लंबित कर्नाटक के प्रस्तावों पर विचार-विमर्श करना और राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र का सहयोग प्राप्त करना है। पत्र में सांसदों से अनुरोध किया गया कि वे बैठक में भाग लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव और मार्गदर्शन प्रदान करें।
मुख्यमंत्री का विकास एजेंडा
यह बैठक ऐसे समय में आई है जब मुख्यमंत्री शिवकुमार पहले ही उद्योग जगत के नेताओं से कर्नाटक सरकार के साथ राज्य के विकास के अगले चरण को आकार देने में साझेदारी करने का आह्वान कर चुके हैं। उन्होंने बेंगलुरु से परे विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचे के विस्तार, उद्योग की भागीदारी से एक एआई विश्वविद्यालय की स्थापना और प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए नई नीतियों की घोषणा की थी।
कर्नाटक की आर्थिक स्थिति
एक पूर्व बैठक में शिवकुमार ने कहा था कि बेंगलुरु की सबसे बड़ी ताकत उसकी प्रतिभा और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में निहित है। उन्होंने राज्य के आर्थिक प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए बताया कि सॉफ्टवेयर निर्यात ₹43 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है और इस वर्ष इसके ₹55 लाख करोड़ से अधिक होने की उम्मीद है।
आगे क्या होगा
बैठक में उभरने वाले प्रमुख मुद्दों को मानसून सत्र के दौरान संसद में उठाए जाने की संभावना है। गौरतलब है कि केंद्र और राज्य के बीच लंबित प्रस्तावों पर यह समन्वय कर्नाटक के विकास कार्यक्रमों की गति के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।