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ईंधन मूल्य वृद्धि के खिलाफ कर्नाटक कांग्रेस का 30 मई को राज्यव्यापी विरोध, डीके शिवकुमार ने किया ऐलान

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ईंधन मूल्य वृद्धि के खिलाफ कर्नाटक कांग्रेस का 30 मई को राज्यव्यापी विरोध, डीके शिवकुमार ने किया ऐलान

सारांश

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 30 मई को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया — 11 दिनों में ₹7.52 की ईंधन मूल्य वृद्धि और केंद्र द्वारा 12 वर्षों में ₹43 लाख करोड़ के पेट्रोलियम कर संग्रह को लेकर कांग्रेस ने BJP पर सीधा हमला बोला है।

मुख्य बातें

डीके शिवकुमार ने 30 मई को कर्नाटक के सभी जिला मुख्यालयों पर ईंधन मूल्य वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की।
पिछले 11 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹7.52 की बढ़ोतरी हुई है।
शिवकुमार के अनुसार, केंद्र सरकार ने पिछले 12 वर्षों में पेट्रोलियम करों से ₹43 लाख करोड़ एकत्र किए और प्रतिदिन लगभग ₹1,000 करोड़ जुटा रही है।
UPA काल में पेट्रोल ₹71 और डीजल ₹56 था; अब क्रमशः ₹110 और ₹99 है।
जिला-स्तरीय प्रदर्शनों के बाद पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र में आंदोलन को विस्तार देगी।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने 25 मई को घोषणा की कि 30 मई को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर ईंधन मूल्य वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएँगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसके बाद पार्टी कर्नाटक के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आंदोलन को और तेज करेगी। पिछले 11 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹7.52 की बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधा है।

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले नेता

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवकुमार ने कहा, 'हम इन मूल्य वृद्धियों के खिलाफ जनता में जागरूकता फैलाएँगे। जनता को खुद केंद्र में इस जनविरोधी भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को उखाड़ फेंकना होगा।'

उन्होंने प्रधानमंत्री की सार्वजनिक सलाहों पर सवाल उठाते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री लोगों को शादियों में सोना न खरीदने या कम खाने की सलाह कैसे दे सकते हैं?' शिवकुमार ने यह भी आरोप लगाया कि BJP नेता और केंद्रीय मंत्री जो एक दिन मेट्रो में सफर करते हैं, उन्होंने ऐसा केवल फोटो खिंचवाने के लिए किया और वे नियमित रूप से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग नहीं करते।

केंद्र पर कर संग्रह का आरोप

शिवकुमार ने दावा किया कि BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पिछले 12 वर्षों में पेट्रोलियम उत्पादों पर कर के रूप में ₹43 लाख करोड़ एकत्र किए हैं। उनके अनुसार, केंद्र सरकार ईंधन करों से प्रतिदिन लगभग ₹1,000 करोड़ जुटा रही है।

उन्होंने तुलनात्मक आँकड़े पेश करते हुए कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के दौरान पेट्रोल ₹71 और डीजल ₹56 प्रति लीटर था, जबकि आज ये कीमतें क्रमशः ₹110 और ₹99 प्रति लीटर हो गई हैं। आलोचकों का कहना है कि इन आँकड़ों में राज्य करों का योगदान अलग-अलग है, इसलिए सीधी तुलना भ्रामक हो सकती है।

राज्य BJP पर निशाना

उपमुख्यमंत्री ने कर्नाटक के BJP नेताओं पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता 'आत्मसम्मान की कमी' दिखाते हुए राज्य सरकार से वैट घटाने की माँग कर रहे हैं, जबकि असली समस्या केंद्रीय उत्पाद शुल्क में है। शिवकुमार ने कहा, 'पहले केंद्र सरकार का शोषण बंद करो।'

कर्नाटक कांग्रेस का रुख और आगे की रणनीति

शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार अपनी गारंटी योजनाओं के जरिए नागरिकों पर वित्तीय बोझ कम करने का प्रयास कर रही है। 30 मई के जिला-स्तरीय प्रदर्शनों के बाद पार्टी विधानसभा क्षेत्र स्तर पर आंदोलन को विस्तार देने की योजना बना रही है, जिससे यह मुद्दा आगामी राजनीतिक परिदृश्य में केंद्रीय भूमिका निभा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें केंद्र और राज्य दोनों के करों का मिश्रण है — जो कि BJP के इस पलटवार को जगह देता है कि कर्नाटक सरकार भी अपना वैट घटा सकती है। असली सवाल यह है कि क्या यह विरोध आंदोलन मतदाताओं को केंद्र की नीतियों के खिलाफ गोलबंद कर पाएगा, या राज्य-केंद्र की जिम्मेदारी की बहस में उलझकर रह जाएगा। ईंधन की कीमतें जब भी चुनावी मौसम के करीब बढ़ती हैं, विपक्ष इसे जन-आंदोलन में बदलने की कोशिश करता है — लेकिन इतिहास बताता है कि ऐसे प्रदर्शन तभी टिकाऊ असर छोड़ते हैं जब उनके साथ ठोस नीतिगत विकल्प भी पेश किए जाएँ।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक कांग्रेस 30 मई को विरोध प्रदर्शन क्यों कर रही है?
कर्नाटक कांग्रेस ईंधन मूल्य वृद्धि के खिलाफ 30 मई को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन कर रही है। पिछले 11 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹7.52 की बढ़ोतरी के बाद पार्टी ने केंद्र सरकार पर जनता पर अनुचित बोझ डालने का आरोप लगाया है।
डीके शिवकुमार ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाए?
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया कि BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पिछले 12 वर्षों में पेट्रोलियम करों से ₹43 लाख करोड़ एकत्र किए हैं और प्रतिदिन लगभग ₹1,000 करोड़ जुटा रही है। उन्होंने कहा कि इन करों को कम करके सरकार आम जनता पर बोझ घटा सकती थी।
UPA सरकार के दौरान और अभी ईंधन की कीमतों में क्या अंतर है?
शिवकुमार के अनुसार, UPA सरकार के दौरान पेट्रोल ₹71 और डीजल ₹56 प्रति लीटर था, जबकि अब ये कीमतें क्रमशः ₹110 और ₹99 प्रति लीटर हो गई हैं। हालाँकि, इस तुलना में केंद्र और राज्य दोनों के करों का योगदान शामिल है।
कर्नाटक में BJP नेताओं की माँग पर शिवकुमार ने क्या कहा?
शिवकुमार ने कर्नाटक के BJP नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे 'आत्मसम्मान की कमी' दिखाते हुए राज्य सरकार से कर घटाने की माँग कर रहे हैं, जबकि असल समस्या केंद्रीय उत्पाद शुल्क में है। उन्होंने कहा, 'पहले केंद्र सरकार का शोषण बंद करो।'
30 मई के बाद कर्नाटक कांग्रेस की आगे की रणनीति क्या है?
जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन के बाद कर्नाटक कांग्रेस राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आंदोलन को विस्तार देने की योजना बना रही है। पार्टी का लक्ष्य ईंधन मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर जन-जागरूकता अभियान चलाना है।
राष्ट्र प्रेस
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