ईंधन मूल्य वृद्धि के खिलाफ कर्नाटक कांग्रेस का 30 मई को राज्यव्यापी विरोध, डीके शिवकुमार ने किया ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने 25 मई को घोषणा की कि 30 मई को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर ईंधन मूल्य वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएँगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसके बाद पार्टी कर्नाटक के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आंदोलन को और तेज करेगी। पिछले 11 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹7.52 की बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधा है।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले नेता
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवकुमार ने कहा, 'हम इन मूल्य वृद्धियों के खिलाफ जनता में जागरूकता फैलाएँगे। जनता को खुद केंद्र में इस जनविरोधी भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को उखाड़ फेंकना होगा।'
उन्होंने प्रधानमंत्री की सार्वजनिक सलाहों पर सवाल उठाते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री लोगों को शादियों में सोना न खरीदने या कम खाने की सलाह कैसे दे सकते हैं?' शिवकुमार ने यह भी आरोप लगाया कि BJP नेता और केंद्रीय मंत्री जो एक दिन मेट्रो में सफर करते हैं, उन्होंने ऐसा केवल फोटो खिंचवाने के लिए किया और वे नियमित रूप से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग नहीं करते।
केंद्र पर कर संग्रह का आरोप
शिवकुमार ने दावा किया कि BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पिछले 12 वर्षों में पेट्रोलियम उत्पादों पर कर के रूप में ₹43 लाख करोड़ एकत्र किए हैं। उनके अनुसार, केंद्र सरकार ईंधन करों से प्रतिदिन लगभग ₹1,000 करोड़ जुटा रही है।
उन्होंने तुलनात्मक आँकड़े पेश करते हुए कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के दौरान पेट्रोल ₹71 और डीजल ₹56 प्रति लीटर था, जबकि आज ये कीमतें क्रमशः ₹110 और ₹99 प्रति लीटर हो गई हैं। आलोचकों का कहना है कि इन आँकड़ों में राज्य करों का योगदान अलग-अलग है, इसलिए सीधी तुलना भ्रामक हो सकती है।
राज्य BJP पर निशाना
उपमुख्यमंत्री ने कर्नाटक के BJP नेताओं पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता 'आत्मसम्मान की कमी' दिखाते हुए राज्य सरकार से वैट घटाने की माँग कर रहे हैं, जबकि असली समस्या केंद्रीय उत्पाद शुल्क में है। शिवकुमार ने कहा, 'पहले केंद्र सरकार का शोषण बंद करो।'
कर्नाटक कांग्रेस का रुख और आगे की रणनीति
शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार अपनी गारंटी योजनाओं के जरिए नागरिकों पर वित्तीय बोझ कम करने का प्रयास कर रही है। 30 मई के जिला-स्तरीय प्रदर्शनों के बाद पार्टी विधानसभा क्षेत्र स्तर पर आंदोलन को विस्तार देने की योजना बना रही है, जिससे यह मुद्दा आगामी राजनीतिक परिदृश्य में केंद्रीय भूमिका निभा सकता है।