पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि के खिलाफ महाराष्ट्र कांग्रेस का विरोध, 8 दिनों में 4 बार बढ़े दाम
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बुधवार, 27 मई को मुंबई में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई लगातार बढ़ोतरी के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। पिछले आठ दिनों में ईंधन की कीमतें चार बार बढ़ाई जा चुकी हैं, जिससे आम नागरिकों और किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
सपकाल का आरोप: सरकार उदासीन, जनता परेशान
पत्रकारों से बात करते हुए सपकाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी की कीमतों में भारी इज़ाफा करके आम आदमी को पंगु बना दिया है। उनके अनुसार, महंगाई से पहले से जूझ रहे नागरिकों पर बढ़ती ईंधन कीमतों का यह बोझ असहनीय हो चुका है।
सपकाल ने आरोप लगाया कि पेट्रोल और डीजल की अनुपलब्धता, एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत और आसमान छूती कीमतों के बावजूद सरकार निष्क्रिय बनी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा।
फडणवीस पर सीधा निशाना
सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि वे खुलेआम झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, तो लोग दोपहर की चिलचिलाती गर्मी में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों में क्यों खड़े हैं। सपकाल ने माँग की कि यदि सरकार को जमाखोरी की आशंका है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
NCP (शरदचंद्र पवार) की चेतावनी: राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के साथ अन्याय जारी रहा, तो महाराष्ट्र भर में एक बड़ा राज्यव्यापी आंदोलन भड़क सकता है। शिंदे ने कहा कि हालिया विरोध प्रदर्शनों ने सत्ताधारी सरकार को स्पष्ट रूप से हिला दिया है।
शिंदे ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री विपक्ष के आंदोलनों को 'राजनीतिक स्टंट' कहकर खारिज करते हैं, तो सरकार स्वयं विपक्ष को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर रही है। उनके अनुसार राज्य भर में सरकार-विरोधी भावनाएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।
प्याज किसानों का मुद्दा: चांदवड से संभाजीनगर तक प्रदर्शन
महा विकास अघाड़ी (MVA) ने प्याज के उचित मूल्य और मौजूदा निर्यात नीति में संशोधन की माँग को लेकर राज्यभर में आक्रामक प्रदर्शन शुरू किए हैं। चांदवड (नासिक जिला), संभाजीनगर, जुन्नार और ओतुर जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक क्षेत्रों में रास्ता जाम और पदयात्रा सहित बड़े प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों के दौरान कई किसानों और पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में ईंधन और कृषि संकट दोनों एक साथ उभर रहे हैं। MVA के भीतर कांग्रेस और NCP (शरदचंद्र पवार) के बीच समन्वित विरोध की रणनीति सरकार पर दबाव बढ़ाने का संकेत देती है। यदि ईंधन आपूर्ति और किसान मूल्य के मुद्दे अनसुलझे रहे, तो आने वाले हफ्तों में आंदोलन और तीव्र होने की संभावना है।