13 जुलाई 2026
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एनसीपी (एसपी) की मांग: महाराष्ट्र में पेट्रोल-डीजल पर वैट और सरचार्ज तुरंत हो माफ

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एनसीपी (एसपी) की मांग: महाराष्ट्र में पेट्रोल-डीजल पर वैट और सरचार्ज तुरंत हो माफ

सारांश

एनसीपी (एसपी) नेता जयंत पाटिल ने CM फडणवीस को पत्र लिखकर पेट्रोल-डीजल पर वैट और सरचार्ज तुरंत माफ करने की माँग की है। 15 मई के बाद चौथी बार बढ़े ईंधन दाम और खाड़ी संकट की पृष्ठभूमि में यह माँग ऐसे समय आई है जब कई जिलों में ईंधन खपत 70-154% तक बढ़ चुकी है।

मुख्य बातें

एनसीपी (एसपी) नेता जयंत पाटिल ने 28 मई 2026 को CM देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर पेट्रोल-डीजल पर वैट और सरचार्ज माफ करने की माँग की।
15 मई के बाद से यह ईंधन कीमतों में लगातार चौथी बढ़ोतरी है; पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महँगा हुआ।
मुंबई में पेट्रोल ₹111.12 और डीजल ₹96.86 प्रति लीटर पर बिक रहा है।
राज्य सरकार ने बाजार स्थिरता के लिए पेट्रोल वितरण में 23% और डीजल वितरण में 52% की बढ़ोतरी की है।
अकोला में ईंधन खपत में 154% की असामान्य वृद्धि; कई जिलों में 70% तक उछाल दर्ज।
प्रशासन ईंधन जमाखोरी और व्यावसायिक उपयोग की ओर डायवर्जन की जाँच कर रहा है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने 28 मई 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक आधिकारिक पत्र लिखकर महाराष्ट्र सरकार से पेट्रोल और डीजल पर लागू वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) और सरचार्ज को तत्काल प्रभाव से माफ करने की माँग की। सांगली से यह माँग ऐसे समय में उठी है जब ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और बढ़ती महँगाई ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

ईंधन मूल्य वृद्धि की स्थिति

पाटिल ने अपने पत्र में बताया कि 15 मई के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में यह लगातार चौथी बढ़ोतरी है। इस दौर में पेट्रोल की कीमत ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹2.71 प्रति लीटर बढ़ी है। फिलहाल मुंबई में पेट्रोल ₹111.12 प्रति लीटर और डीजल ₹96.86 प्रति लीटर पर बिक रहा है।

पाटिल ने कहा, 'महँगाई आसमान छू रही है; खाने के तेल, सब्जियों और जरूरी चीजों की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ रहा है। पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतें आग में घी का काम कर रही हैं।'

खाड़ी संकट और आर्थिक दबाव

पाटिल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में यह भी रेखांकित किया कि खाड़ी देशों में जारी युद्ध के कारण भारत और महाराष्ट्र दोनों की आर्थिक स्थिरता पर भारी दबाव पड़ रहा है। उन्होंने मौजूदा कर ढाँचे का ब्योरा देते हुए बताया कि राज्य सरकार मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई सहित पूरे राज्य में ईंधन पर वैट और सरचार्ज वसूलती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे संकट की इस घड़ी में नागरिकों को तत्काल राहत प्रदान करें।

सरकार की प्रतिक्रिया और आपूर्ति निगरानी

पाटिल की माँग से पहले मुख्यमंत्री फडणवीस ने मंगलवार को साप्ताहिक कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को बताया था कि सामान्य मौसमी रुझानों की तुलना में क्षेत्रीय खुदरा ईंधन खपत में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार की माँग को स्थिर करने के लिए राज्य ने पेट्रोल वितरण में 23 प्रतिशत और डीजल वितरण में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।

फडणवीस ने कहा कि राज्य का खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और गृह विभाग मिलकर आपूर्ति वितरण पाइपलाइनों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईंधन की जमाखोरी और उसे व्यावसायिक उपयोग की ओर मोड़ने की संभावना की जाँच की जा रही है।

जिलेवार खपत में असामान्य उछाल

फडणवीस के अनुसार, अकोला में ईंधन खपत में 154 प्रतिशत की असाधारण बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इसके अलावा छत्रपति संभाजीनगर, बीड, भंडारा, बुलढाणा, गोंदिया और हिंगोली जैसे कई जिलों में सामान्य बाजार खपत में 70 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है। प्रशासन व्यावसायिक और खुदरा ईंधन आपूर्ति के बीच के अंतर का विश्लेषण कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि खुदरा संसाधन खेती और आम नागरिकों तक उचित रूप से पहुँच रहे हैं।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्षी दलों ने महाराष्ट्र में ईंधन करों में राहत की माँग उठाई हो। अब देखना यह होगा कि महायुति सरकार इस माँग पर क्या रुख अपनाती है — विशेषकर तब जब राज्य के कई जिलों में ईंधन खपत के असामान्य आँकड़े सामने आ रहे हैं और आम नागरिकों पर महँगाई का दोहरा बोझ पड़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि महायुति सरकार राजस्व नुकसान उठाकर राहत देने को तैयार है या नहीं — खासकर तब जब राज्य पहले से वित्तीय दबाव में है। दूसरी ओर, अकोला में 154% और कई जिलों में 70% तक ईंधन खपत की असामान्य बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि समस्या केवल कीमतों की नहीं, बल्कि आपूर्ति-श्रृंखला में गड़बड़ी और संभावित जमाखोरी की भी है। वैट माफी बिना आपूर्ति-पक्ष की समस्या सुलझाए केवल आंशिक राहत देगी। मुख्यधारा की कवरेज विपक्ष की माँग पर केंद्रित है, लेकिन असली परीक्षा सरकार की उस निगरानी-व्यवस्था की है जो व्यावसायिक और खुदरा ईंधन के बीच के अंतर को पाटे।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीपी (एसपी) ने महाराष्ट्र में पेट्रोल-डीजल पर वैट माफी की माँग क्यों की?
एनसीपी (एसपी) नेता जयंत पाटिल ने 15 मई के बाद लगातार चौथी ईंधन मूल्य वृद्धि और खाड़ी देशों में जारी युद्ध के कारण बढ़ती महँगाई को देखते हुए यह माँग उठाई है। उनका कहना है कि आम नागरिकों को तत्काल राहत देना सरकार की जिम्मेदारी है।
मुंबई में अभी पेट्रोल और डीजल की कीमत क्या है?
28 मई 2026 को मुंबई में पेट्रोल ₹111.12 प्रति लीटर और डीजल ₹96.86 प्रति लीटर पर बिक रहा है। 15 मई के बाद से पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महँगा हो चुका है।
महाराष्ट्र सरकार ईंधन आपूर्ति की स्थिति से कैसे निपट रही है?
CM फडणवीस के अनुसार राज्य ने पेट्रोल वितरण में 23% और डीजल वितरण में 52% की बढ़ोतरी की है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और गृह विभाग मिलकर आपूर्ति पाइपलाइनों की निगरानी कर रहे हैं और ईंधन जमाखोरी व व्यावसायिक डायवर्जन की जाँच की जा रही है।
किन जिलों में ईंधन खपत असामान्य रूप से बढ़ी है?
अकोला में ईंधन खपत में 154% की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा छत्रपति संभाजीनगर, बीड, भंडारा, बुलढाणा, गोंदिया और हिंगोली जिलों में सामान्य बाजार खपत में 70% तक की बढ़ोतरी देखी गई है।
महाराष्ट्र में ईंधन पर वैट और सरचार्ज कहाँ-कहाँ लागू होता है?
राज्य सरकार मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में पेट्रोल और डीजल पर वैट और सरचार्ज लगाती है। जयंत पाटिल ने माँग की है कि इन सभी क्षेत्रों में यह कर तत्काल माफ किया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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