मनोज जरांगे की सरकार को दो-टूक: मराठा मांगें मानो, तभी ईंधन बचाओ अभियान का समर्थन

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मनोज जरांगे की सरकार को दो-टूक: मराठा मांगें मानो, तभी ईंधन बचाओ अभियान का समर्थन

सारांश

मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने PM मोदी के ईंधन बचाओ आह्वान को शर्त के साथ समर्थन दिया — पहले मराठा माँगें मानो। सारथी योजना बंद, शिंदे समिति की सिफारिशें लागू न होने और केस वापसी न होने पर सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा: मराठी जनता तूफान की तरह सड़कों पर उतरेगी।

मुख्य बातें

मनोज जरांगे पाटिल ने 14 मई को केंद्र और महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी दी कि मराठा माँगें पूरी हुए बिना ईंधन बचाओ अभियान का समर्थन नहीं होगा।
जरांगे ने आरोप लगाया कि शिंदे समिति की सिफारिशें लागू नहीं की जा रहीं और आंदोलनकारियों पर दर्ज केस वापस नहीं लिए जा रहे।
मराठा विद्यार्थियों के लिए सारथी योजना बंद करने और हैदराबाद गजट के तहत प्रमाणपत्र न बाँटने पर सरकार की आलोचना की।
खेती के मौसम में डीजल की जरूरत का हवाला देते हुए कहा कि ईंधन बचाओ का आह्वान किसानों को संकट में डाल सकता है।
जरांगे ने कहा कि माँगें न मानी गईं तो आंदोलन पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा और मराठी जनता सड़कों पर उतरेगी।

मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटिल ने गुरुवार, 14 मई को केंद्र और महाराष्ट्र राज्य सरकार को कड़ी चेतावनी दी — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचत आह्वान का समर्थन तभी होगा जब सरकार मराठा समाज की लंबित माँगें पूरी करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्यथा पूर्वनिर्धारित आंदोलन अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा और मराठी जनता सड़कों पर उतरेगी।

जरांगे की सीधी चेतावनी

जरांगे पाटिल ने कहा, 'हमारा आंदोलन पूर्वनियोजित है और वह होकर रहेगा। आपके मंत्री पहले से तय दौरे पर हवाई जहाज से गए, तो वह सही है, और हमारा आंदोलन गलत है, ऐसा नहीं चलेगा।' उन्होंने आगे कहा कि जब बच्चों का भविष्य दाँव पर हो, तो मराठी लोग घर में नहीं बैठते — 'कड़ी धूप और बारिश में भी निकल पड़ते हैं।'

ईंधन बचत की अपील पर सीधा जवाब देते हुए उन्होंने कहा, 'ईंधन की बचत तो होगी, तो आप हमारी माँगें मान लो, बचत हो गई — लेकिन क्या हमारे बच्चों का भविष्य बर्बाद होने देना है? आपको सरकार की चिंता है, लेकिन गरीब मराठा समाज की परेशानी की जानकारी नहीं है।'

किसानों और खेती के मौसम का हवाला

जरांगे ने खेती के मौसम का उल्लेख करते हुए कहा कि इस समय किसानों को बीज, खाद और फवारणी के लिए डीजल की अत्यंत आवश्यकता होती है और ट्रैक्टर चलाने पड़ते हैं। उनके अनुसार, ऐसे समय में ईंधन बचाओ का आह्वान किसानों को संकट में डाल सकता है।

उन्होंने माँग की कि सरकार को उल्टा यह आश्वासन देना चाहिए कि ईंधन की कमी नहीं होने दी जाएगी। जरांगे के अनुसार, 'प्रधानमंत्री को इस भूमिका में आना चाहिए। किसानों ने उन पर बहुत विश्वास किया है। गरीबों और किसानों ने PM मोदी का साथ दिया है — हर बार हमने उनके आह्वान का साथ दिया है, लेकिन जनता की माँगें भी पूरी होनी चाहिए।'

सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

मराठा आरक्षण के मुद्दे पर जरांगे ने सरकार पर कई वादे तोड़ने का आरोप लगाया। उनके अनुसार: शिंदे समिति की सिफारिशें लागू नहीं की जा रही हैं; आंदोलनकारियों पर दर्ज केस वापस नहीं लिए जा रहे; मराठा विद्यार्थियों के लिए सारथी योजना बंद कर दी गई है; और हैदराबाद गजट का जीआर निकालकर भी प्रमाणपत्र नहीं बाँटे जा रहे।

यह ऐसे समय में आया है जब मराठा आरक्षण आंदोलन महीनों से महाराष्ट्र में राजनीतिक दबाव का केंद्र बना हुआ है और राज्य सरकार पर समुदाय की माँगों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

आंदोलन की आगे की राह

जरांगे ने साफ कहा कि सरकार यदि माँगें नहीं मानती, तो आंदोलन को कोई 'छुट्टी' नहीं होगी। उन्होंने माँग की कि सरकार तुरंत मराठा विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया को सुगम बनाए और आरक्षण संबंधी सभी वादे पूरे करे। गौरतलब है कि यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार पाकिस्तान के साथ हालिया तनाव के बीच देश में ऊर्जा संरक्षण पर जोर दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या फिर एक और दौर की वार्ता और वादों की लीपापोती होगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोज जरांगे पाटिल ने सरकार को क्या चेतावनी दी है?
मनोज जरांगे पाटिल ने 14 मई को कहा कि PM मोदी के ईंधन बचाओ आह्वान का समर्थन तभी होगा जब केंद्र और महाराष्ट्र सरकार मराठा समाज की लंबित माँगें पूरी करे। उन्होंने चेताया कि अन्यथा पूर्वनिर्धारित आंदोलन जारी रहेगा।
मराठा समाज की मुख्य माँगें क्या हैं?
जरांगे के अनुसार, शिंदे समिति की सिफारिशें लागू करना, आंदोलनकारियों पर दर्ज केस वापस लेना, सारथी योजना बहाल करना और हैदराबाद गजट के आधार पर प्रमाणपत्र वितरण शुरू करना प्रमुख माँगें हैं। इसके अलावा मराठा विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया को सुगम बनाने की भी माँग है।
ईंधन बचाओ आह्वान और मराठा आंदोलन का क्या संबंध है?
जरांगे ने PM मोदी के ईंधन बचाओ अभियान को मराठा माँगों से सीधे जोड़ा है — उन्होंने कहा कि समर्थन शर्त के साथ होगा। साथ ही उन्होंने तर्क दिया कि खेती के मौसम में डीजल की जरूरत होती है, इसलिए यह आह्वान किसानों के लिए व्यावहारिक नहीं है।
सारथी योजना क्या है और इसे क्यों बंद किया गया?
सारथी योजना महाराष्ट्र सरकार की वह पहल है जो मराठा विद्यार्थियों को शिक्षा और प्रशिक्षण में सहायता प्रदान करती थी। जरांगे पाटिल के अनुसार इसे बंद कर दिया गया है, हालाँकि सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण अभी सामने नहीं आया है।
मराठा आंदोलन आगे किस दिशा में जाएगा?
जरांगे पाटिल ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार माँगें नहीं मानती, तो आंदोलन पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मराठी जनता 'तूफान की तरह' सड़कों पर उतरेगी, जिससे महाराष्ट्र में एक बड़े जन-आंदोलन की संभावना बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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