हबीबा जाफरी से ₹16.24 करोड़ की ठगी: बीएमसी अधिकारी समेत 6 पर FIR, कारोबारी निशित पटेल गिरफ्तार

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हबीबा जाफरी से ₹16.24 करोड़ की ठगी: बीएमसी अधिकारी समेत 6 पर FIR, कारोबारी निशित पटेल गिरफ्तार

सारांश

मुंबई में एक सुनियोजित जालसाजी ने जावेद जाफरी के परिवार को ₹16.24 करोड़ का चूना लगाया — और इसमें एक BMC अधिकारी की भूमिका सबसे चौंकाने वाली है। फर्जी रजिस्ट्री, नकली दस्तावेज और सरकारी पहचान की आड़ — यह महज धोखाधड़ी नहीं, एक सुनियोजित सिस्टम का दुरुपयोग है।

मुख्य बातें

हबीबा जाफरी (अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी) से ₹16.24 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का मामला सामने आया।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने कारोबारी निशित पटेल को गिरफ्तार किया; अदालत ने 19 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा।
BMC के सहायक आयुक्त महेश पाटिल समेत 6 आरोपियों के खिलाफ खार पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज।
आरोपियों ने बांद्रा पश्चिम के फर्जी कमर्शियल प्रोजेक्ट 'न्यू कमलकुंज' में निवेश का झाँसा देकर ठगी की।
ठगी गई रकम पूजन टेक्नोलॉजीज सहित कई फर्जी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर की गई; नकद, विदेशी मुद्रा और लग्जरी घड़ी भी शामिल।
मुंबई क्राइम ब्रांच पूरे नेटवर्क की जाँच कर रही है; और गिरफ्तारियाँ संभव।

मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी से ₹16.24 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में कारोबारी निशित पटेल को गिरफ्तार किया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के सहायक आयुक्त महेश पाटिल सहित कुल छह आरोपियों के खिलाफ खार पुलिस स्टेशन में गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

ठगी का पूरा घटनाक्रम

अप्रैल 2024 में हबीबा जाफरी को उनके अंधेरी स्थित बंगले के प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर BMC का नोटिस मिला। परिचित अली रजा के माध्यम से उनकी मुलाकात BMC के जी-साउथ वार्ड के सहायक आयुक्त महेश पाटिल से कराई गई। पुलिस के अनुसार, पाटिल ने पहले टैक्स सेटलमेंट का भरोसा दिलाया और फिर बांद्रा पश्चिम के 'न्यू कमलकुंज' नामक कमर्शियल प्रोजेक्ट में निवेश की सलाह दी।

आरोपी निशित पटेल ने खुद को बड़े बिल्डरों से जुड़ा बताते हुए दावा किया कि उक्त प्रोजेक्ट में पहले से ही ₹150 करोड़ का निवेश हो चुका है। उसने यह भी आश्वासन दिया कि दिसंबर 2025 तक कमर्शियल स्पेस का कब्जा मिल जाएगा और एक विदेशी बैंक के साथ प्री-लीज एग्रीमेंट भी तैयार है।

फर्जी दस्तावेजों से बुना भरोसे का जाल

आरोपियों ने जाफरी परिवार के घर बार-बार जाकर नक्शे, लेटरहेड, फर्जी रुचि पत्र और प्रोजेक्ट की तस्वीरें व वीडियो दिखाकर विश्वास जीता। भरोसे में आकर जावेद जाफरी, हबीबा जाफरी और नावेद जाफरी सहित परिवार के कई सदस्यों ने अपने फ्लैट और बंगले बेचकर इस प्रोजेक्ट में पैसा लगाया। पुलिस के मुताबिक, ठगी गई रकम पूजन टेक्नोलॉजीज, उदित ट्रेडर्स, एशियन फूड और आरपीपीएल मल्टी ट्रेड जैसी कई कंपनियों के खातों में स्थानांतरित की गई।

फर्जी रजिस्ट्री: सबसे चौंकाने वाला पहलू

आरोपी रूपेश, देवेंद्र पडवल और अन्य सरकारी मशीन जैसी दिखने वाली डिवाइस लेकर जाफरी परिवार के घर पहुँचे। उन्होंने फोटो, फिंगरप्रिंट और हस्ताक्षर लेकर रजिस्ट्री पूरी होने का दावा किया और बाद में फर्जी दस्तावेजों की प्रतियाँ सौंप दीं। जब मूल दस्तावेज माँगे गए, तो कहा गया कि वे बिल्डर के पास हैं। पूछताछ में निशित पटेल ने फर्जी दस्तावेज बनाने की बात स्वीकार कर ली है।

कथित तौर पर ठगी की कुल रकम में नकद, विदेशी मुद्रा और एक लग्जरी घड़ी भी शामिल है। पुलिस जाँच कर रही है कि इसी नेटवर्क ने अन्य कलाकारों और प्रभावशाली लोगों से भी इसी तरह ठगी की या नहीं।

आरोपियों पर केस और गिरफ्तारी

खार पुलिस स्टेशन में निशित पटेल, महेश पाटिल, रूपेश, सागर मेहता, देवेंद्र पडवल और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी सहित कई गंभीर धाराओं के तहत शिकायत दर्ज की गई है। निशित पटेल को अदालत में पेश किया गया, जहाँ न्यायालय ने उसे 19 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

आगे क्या होगा

मुंबई क्राइम ब्रांच अब पूरे नेटवर्क की जाँच कर रही है और मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह मामला उस व्यापक प्रवृत्ति की ओर ध्यान खींचता है, जिसमें सरकारी अधिकारियों की आड़ लेकर हाई-प्रोफाइल हस्तियों को रियल एस्टेट निवेश के नाम पर निशाना बनाया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो आम नागरिक — यहाँ तक कि प्रभावशाली हस्तियाँ भी — कहाँ जाएँ? मुंबई में हाई-प्रोफाइल रियल एस्टेट घोटालों की यह कड़ी बताती है कि नियामक निगरानी और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही के मौजूदा तंत्र में बड़ी खामियाँ हैं।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हबीबा जाफरी के साथ ₹16.24 करोड़ की ठगी कैसे हुई?
अप्रैल 2024 में BMC के प्रॉपर्टी टैक्स नोटिस के बहाने हबीबा जाफरी को BMC अधिकारी महेश पाटिल से मिलवाया गया, जिसने बांद्रा पश्चिम के 'न्यू कमलकुंज' प्रोजेक्ट में निवेश की सलाह दी। फर्जी दस्तावेज, नकली रजिस्ट्री और झूठे आश्वासनों के जरिए जाफरी परिवार से ₹16.24 करोड़ से अधिक की रकम ऐंठी गई।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक कारोबारी निशित पटेल को गिरफ्तार किया गया है, जिसे अदालत ने 19 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा है। BMC अधिकारी महेश पाटिल समेत छह आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज है और मुंबई क्राइम ब्रांच और गिरफ्तारियों की संभावना जता रही है।
BMC अधिकारी महेश पाटिल की इस घोटाले में क्या भूमिका बताई गई है?
पुलिस के अनुसार, महेश पाटिल ने पहले टैक्स सेटलमेंट का भरोसा दिलाकर हबीबा जाफरी का विश्वास जीता और फिर उन्हें फर्जी कमर्शियल प्रोजेक्ट में निवेश के लिए प्रेरित किया। वे इस ठगी के नेटवर्क का प्रमुख सूत्रधार कथित तौर पर बताए जा रहे हैं।
ठगी की रकम कहाँ ट्रांसफर की गई?
पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम पूजन टेक्नोलॉजीज, उदित ट्रेडर्स, एशियन फूड और आरपीपीएल मल्टी ट्रेड जैसी कई कंपनियों के बैंक खातों में भेजी गई। ठगी में नकद, विदेशी मुद्रा और एक लग्जरी घड़ी भी शामिल होने की बात सामने आई है।
क्या जावेद जाफरी के परिवार के अलावा और लोग भी इस घोटाले में पीड़ित हैं?
पुलिस के अनुसार, जाफरी परिवार के अलावा कई अन्य कलाकारों, रिश्तेदारों और प्रभावशाली लोगों से भी निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए ठगे गए। मुंबई क्राइम ब्रांच अब पूरे नेटवर्क की जाँच कर रही है कि इसी तरीके से और कितने लोगों को निशाना बनाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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