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महाराष्ट्र में कांग्रेस ने एलपीजी मूल्य वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाई, तुरंत रद्द करने की मांग

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महाराष्ट्र में कांग्रेस ने एलपीजी मूल्य वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाई, तुरंत रद्द करने की मांग

सारांश

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने एलपीजी की कीमत में हुई 60 रुपए की वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने भाजपा सरकार पर महंगाई के गंभीर संकट को बढ़ाने का आरोप लगाया है।

मुख्य बातें

एलपीजी की कीमत में ६० रुपए की वृद्धि हुई है।
कांग्रेस ने इसे तुरंत रद्द करने की मांग की है।
महंगाई के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन किए गए हैं।
भाजपा सरकार पर जनता को महंगाई में धकेलने का आरोप।
केंद्र सरकार ने पैनिक खरीद से बचने की सलाह दी।

नासिक, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शुक्रवार को एलपीजी की कीमत में ६० रुपए की बढ़ोतरी को तुरंत रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने आम जनता को महंगाई के गंभीर संकट में धकेल दिया है।

सपकाल ने कहा कि एलपीजी की कीमत बढ़ाने का निर्णय केंद्र सरकार की गलत नीतियों का नतीजा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को युद्ध को बहाना बनाकर आम जनता को लूटने के बजाय इस वृद्धि को तुरंत वापस लेना चाहिए।

उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि वे इस मुद्दे पर सभी हितधारकों के साथ चर्चा करें और संसद में इस पर अपना बयान दें।

सपकाल यह बातें त्र्यंबकेश्वर में गैस की बढ़ी कीमत और कमी के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान कह रहे थे, जहां प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए।

सपकाल ने बताया कि वाणिज्यिक सिलेंडरों की कमी के कारण छोटे व्यवसाय, होटल और खाने-पीने की दुकानें बंद होने पर मजबूर हो रही हैं।

उन्होंने कहा, “राज्य में भाजपा-महायुति सरकार ‘प्यारी बहनों’ को १,५०० रुपए देने का ढोल पीटती है, लेकिन दूसरी तरफ इन्हीं बहनों को भारी महंगाई के माध्यम से लूट रही है।”

विरोध प्रदर्शन के दौरान, सपकाल ने गैस वितरक के कार्यालय का दौरा कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और सिलेंडर लेने आई महिलाओं से बातचीत की। महिलाओं ने कीमत वृद्धि के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया।

गैस की कीमत बढ़ोतरी और कमी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नागपुर, पुणे, ठाणे, वर्धा, बुलढाणा, गोंदिया (तिरोडा), पालघर, भिवंडी, कल्याण-डोंबिवली, धराशिव, और चंद्रपुर (राजुरा) सहित कई जिलों में आयोजित किए गए।

इसी बीच, कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टिवर और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नाना पाटोले ने विद्याभवन परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और प्रतीकात्मक गैस सिलेंडर उठाकर कीमत वृद्धि को वापस लेने की मांग की।

वहीं, केंद्र सरकार ने शुक्रवार को उपभोक्ताओं से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पैनिक खरीद से बचने की सलाह दी और कहा कि देशभर में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध हैं।

एक वरिष्ठ पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि तेल विपणन कंपनियों के १ लाख रिटेल आउटलेट्स में किसी भी जगह ईंधन की कमी की कोई घटना नहीं हुई। पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति नियमित रूप से जारी है।

अधिकारी ने बताया कि भारत में वर्तमान में लगभग २५८ मिलियन टन प्रति वर्ष की रिफाइनिंग क्षमता है और यह विश्व का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब है। देश पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर है और घरेलू मांग को पूरा करने के लिए किसी आयात की आवश्यकता नहीं है। सभी रिफाइनरियां उच्च स्तर पर काम कर रही हैं। इनमें से कुछ १०० प्रतिशत से भी अधिक क्षमता पर संचालन कर रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

भाजपा सरकार का कहना है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है। यह मामला राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है और इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एलपीजी की कीमत में वृद्धि कब हुई?
एलपीजी की कीमत में 60 रुपए की वृद्धि शुक्रवार को हुई।
किसने एलपीजी की कीमत वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाई?
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस मुद्दे पर आवाज उठाई।
भाजपा सरकार पर क्या आरोप लगाया गया?
सपकाल ने भाजपा सरकार पर आम जनता को महंगाई के संकट में धकेलने का आरोप लगाया।
क्या केंद्र सरकार ने इस पर कुछ कहा?
केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पैनिक खरीद से बचने की सलाह दी है।
क्या प्रदर्शन केवल नासिक में हुए?
नहीं, प्रदर्शन कई जिलों में आयोजित किए गए, जैसे नागपुर, पुणे, ठाणे, आदि।
राष्ट्र प्रेस
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