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पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा, 10 दिनों में चौथी बढ़ोतरी; कांग्रेस-AAP का विरोध

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पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा, 10 दिनों में चौथी बढ़ोतरी; कांग्रेस-AAP का विरोध

सारांश

10 दिनों में चौथी बार ईंधन महंगा — पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर बढ़े, कुल बढ़ोतरी ₹7.5/लीटर। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल और AAP नेता अनुराग ढांडा ने सरकार को घेरा; ढांडा ने चेताया कि पेट्रोल ₹150/लीटर तक पहुँच सकता है।

मुख्य बातें

पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हुआ — 25 मई को दर्ज चौथी बढ़ोतरी।
पिछले 10 दिनों में कुल करीब ₹7.5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।
कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने किसानों और आम लोगों पर असर को लेकर सरकार से तत्काल कदम उठाने की माँग की।
AAP नेता अनुराग ढांडा ने चेतावनी दी कि यदि बढ़ोतरी जारी रही तो पेट्रोल ₹150 प्रति लीटर तक पहुँच सकता है।
चंडीगढ़ में ईंधन की तय मात्रा में आपूर्ति को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सोमवार, 25 मई को एक बार फिर इज़ाफा हुआ — पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हो गया। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे आम जनता, किसानों और छोटे व्यापारियों पर आर्थिक दबाव और गहरा होता जा रहा है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है।

मुख्य घटनाक्रम

झज्जर में कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने ईंधन मूल्यवृद्धि को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि लगातार चौथी बार कीमतें बढ़ने से महंगाई और तेज़ हो रही है और इसका सीधा असर किसानों व आम लोगों पर पड़ रहा है। भुक्कल ने यह भी उठाया कि चंडीगढ़ में ईंधन की तय मात्रा में आपूर्ति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

भुक्कल ने कहा कि खाने-पीने की चीज़ों से लेकर रेस्टोरेंट तक के खर्च बढ़ रहे हैं और इसका असर सामाजिक गतिविधियों — यहाँ तक कि लंगर जैसी परंपराओं — पर भी पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की माँग की और कहा कि 'केवल साइकिल चलाकर प्रदर्शन करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार 'वर्क फ्रॉम होम' की बात करती है, लेकिन डिलीवरी और परिवहन से जुड़े लोग यह विकल्प नहीं अपना सकते।

AAP का आरोप: ₹150 प्रति लीटर तक पहुँच सकता है पेट्रोल

रोहतक में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि पिछले 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कुल करीब ₹7.5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार हर दिन थोड़ी-थोड़ी वृद्धि कर आम लोगों पर बोझ डाल रही है।

ढांडा ने चेतावनी दी कि अगर यही सिलसिला जारी रहा तो पेट्रोल की कीमत ₹150 प्रति लीटर तक पहुँच सकती है, जिससे वाहन चलाना आम लोगों की पहुँच से बाहर हो जाएगा। उनके मुताबिक बाइक चलाने वाले गरीब लोग, ऑटो चालक और ट्रक ड्राइवर — सभी इस बढ़ोतरी से बुरी तरह प्रभावित हैं।

आम जनता पर असर

ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर केवल वाहन चलाने तक सीमित नहीं है। परिवहन लागत बढ़ने से किराने के सामान, सब्ज़ियों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब खाद्य महंगाई पहले से ही आम परिवारों के बजट पर दबाव बना रही है।

गौरतलब है कि किसानों के लिए सिंचाई और खेती से जुड़े परिवहन खर्च सीधे डीजल की कीमतों से जुड़े हैं, जिससे कृषि लागत में भी इज़ाफा होना तय माना जा रहा है। छोटे व्यापारी और स्व-रोज़गार में लगे लोग भी बढ़ी हुई लागत का बोझ उठाने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

आलोचकों का कहना है कि लगातार छोटी-छोटी वृद्धियाँ एकमुश्त बड़े इज़ाफे की तुलना में कम ध्यान खींचती हैं, लेकिन उनका संचयी असर उतना ही गहरा होता है। 10 दिनों में ₹7.5 प्रति लीटर की कुल बढ़ोतरी एक उल्लेखनीय दर है, जो मासिक आधार पर परिवहन-निर्भर परिवारों की जेब पर सीधा असर डालती है।

क्या होगा आगे

विपक्षी दलों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है। कांग्रेस और AAP दोनों ने संकेत दिया है कि वे इस मुद्दे को जनता के बीच उठाते रहेंगे। अब नज़रें इस बात पर हैं कि केंद्र सरकार ईंधन मूल्य नीति पर कोई स्पष्टीकरण या राहत उपाय की घोषणा करती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संचयी असर उतना ही तीखा होता है। असली सवाल यह है कि जब अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो, तो क्या सरकार उसी अनुपात में कटौती भी करती है — या केवल बढ़ोतरी पारदर्शी होती है। परिवहन-निर्भर किसान, डिलीवरी कर्मचारी और छोटे व्यापारी 'वर्क फ्रॉम होम' जैसे विकल्पों से बाहर हैं — इनकी आर्थिक पीड़ा नीतिगत बहस के केंद्र में होनी चाहिए, न कि केवल विपक्ष के बयानों में।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ताज़ा बढ़ोतरी कितनी हुई है?
25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हुआ। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बढ़ोतरी है और कुल इज़ाफा करीब ₹7.5 प्रति लीटर बताया जा रहा है।
कांग्रेस ने ईंधन मूल्यवृद्धि पर क्या कहा?
कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों से महंगाई और तेज़ हो रही है और इसका सीधा असर किसानों व आम लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से डिलीवरी और परिवहन कर्मचारियों की परेशानियों पर ध्यान देने की माँग की।
AAP नेता अनुराग ढांडा ने क्या चेतावनी दी?
AAP नेता अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि सरकार छोटी-छोटी वृद्धियों से आम लोगों पर बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि यदि यही सिलसिला जारी रहा तो पेट्रोल ₹150 प्रति लीटर तक पहुँच सकता है।
बढ़ती ईंधन कीमतों का किन लोगों पर सबसे ज़्यादा असर पड़ रहा है?
किसान, बाइक चालक, ऑटो व ट्रक ड्राइवर और डिलीवरी कर्मचारी सबसे अधिक प्रभावित हैं क्योंकि वे 'वर्क फ्रॉम होम' जैसे विकल्पों का उपयोग नहीं कर सकते। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य वस्तुओं और दैनिक ज़रूरतों की कीमतें भी बढ़ रही हैं।
चंडीगढ़ में ईंधन आपूर्ति को लेकर क्या मुद्दा उठाया गया है?
कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने बताया कि चंडीगढ़ में तय मात्रा में ईंधन देने की बात कही जा रही है, जिससे आपूर्ति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यह मुद्दा कीमत बढ़ोतरी के साथ-साथ उपलब्धता की चिंता भी जोड़ता है।
राष्ट्र प्रेस
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