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पेट्रोल ₹110.93, डीजल ₹98.89: 11 दिनों में 4 बार बढ़ोतरी पर कर्नाटक CM सिद्धारमैया का BJP पर हमला

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पेट्रोल ₹110.93, डीजल ₹98.89: 11 दिनों में 4 बार बढ़ोतरी पर कर्नाटक CM सिद्धारमैया का BJP पर हमला

सारांश

11 दिनों में चार बार ईंधन की कीमतें बढ़ीं — बेंगलुरु में पेट्रोल ₹110.93 और एलपीजी ₹915 पर पहुँचा। CM सिद्धारमैया ने मई 2014 की कीमतों से तुलना कर मोदी सरकार को घेरा। सुरजेवाला और शिवकुमार ने भी हमले में साथ दिया।

मुख्य बातें

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 25 मई को बेंगलुरु में BJP-नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया।
पिछले 11 दिनों में चार बार ईंधन की कीमतें बढ़ाई गईं; पेट्रोल-डीजल में कुल ₹7.52 प्रति लीटर की वृद्धि।
बेंगलुरु में पेट्रोल ₹110.93 और डीजल ₹98.89 प्रति लीटर पर पहुँचा।
मई 2014 में पेट्रोल ₹71.41 और डीजल ₹56.71 था; एलपीजी सिलेंडर ₹412 से बढ़कर ₹915 हुआ।
AICC महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी प्रेस वार्ता में शामिल रहे।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार, 25 मई को बेंगलुरु में एक संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि पिछले 11 दिनों में चार बार ईंधन की कीमतें बढ़ाकर सरकार ने आम जनता और मध्यम वर्ग पर असहनीय बोझ डाला है। इस प्रेस वार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला तथा उपमुख्यमंत्री एवं राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार भी मौजूद थे।

मुख्य आरोप: क्या कहा सिद्धारमैया ने

सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि बेंगलुरु में इस समय पेट्रोल की कीमत ₹110.93 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹98.89 प्रति लीटर तक पहुँच गई है। उनके अनुसार, ताज़ा बढ़ोतरी के चलते पेट्रोल और डीजल दोनों में ₹7.52 प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में इतनी तीव्र गति से ईंधन मूल्यवृद्धि पहले कभी नहीं हुई।

मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि BJP ने सत्ता में आने से पहले 'अच्छे दिन' और 'गुजरात मॉडल' के वादे करके जनता को गुमराह किया, लेकिन वास्तव में महंगाई ने आम नागरिकों की कमर तोड़ दी है।

ऐतिहासिक तुलना: मनमोहन सिंह काल बनाम अभी

सिद्धारमैया ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल से तुलना करते हुए कहा कि मई 2014 में पेट्रोल ₹71.41 प्रति लीटर और डीजल ₹56.71 प्रति लीटर था। उन्होंने बताया कि एलपीजी सिलेंडर, जो उस समय ₹412 में मिलता था, अब ₹915 का हो गया है — यानी दस वर्षों में कीमत दोगुने से भी अधिक हो गई।

यह तुलना ऐसे समय में आई है जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत नियंत्रित स्तर पर हैं। सिद्धारमैया का तर्क था कि जब अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चा तेल 65 से 75 डॉलर प्रति बैरल के बीच था, तब भी उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली। उन्होंने कहा कि फिलहाल कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे होने के बावजूद केंद्र सरकार ने लगातार चार बार दाम बढ़ाए हैं।

सुरजेवाला का तीखा हमला

AICC महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी BJP-नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उनका आरोप था कि सरकार बार-बार कर और कीमतें बढ़ाकर आम जनता पर आर्थिक बोझ थोप रही है। उन्होंने इसे सामान्य नीतिगत निर्णय नहीं, बल्कि एक सुनियोजित पैटर्न बताया।

आम जनता और किसानों पर असर

विशेषज्ञों के अनुसार, ईंधन की बढ़ती कीमतें सीधे तौर पर परिवहन लागत, कृषि उपकरणों के खर्च और घरेलू रसोई गैस के बजट को प्रभावित करती हैं। सिद्धारमैया ने भी रेखांकित किया कि इस बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर किसानों, उपभोक्ताओं और मध्यम वर्ग पर पड़ेगा, जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं।

आगे क्या

कर्नाटक कांग्रेस के इस हमले के बाद राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ईंधन मूल्य निर्धारण का मुद्दा आगामी चुनावी राज्यों में भी प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस दौर की वैश्विक कच्चे तेल की ऊँची कीमतों और मौजूदा संदर्भ के बीच के अंतर को नज़रअंदाज़ करती है — पूर्ण तस्वीर के लिए दोनों पक्षों का विश्लेषण ज़रूरी है। असली सवाल यह है कि जब अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित हैं, तो उपभोक्ताओं को राहत क्यों नहीं मिल रही — और केंद्र सरकार उत्पाद शुल्क में कटौती से क्यों परहेज़ कर रही है। कर्नाटक कांग्रेस का यह हमला स्पष्ट रूप से राज्य में अपनी राजनीतिक ज़मीन मज़बूत करने की कोशिश भी है, जहाँ वह सत्ता में है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु में इस समय पेट्रोल और डीजल की कीमत क्या है?
रिपोर्टों के अनुसार, बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत ₹110.93 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹98.89 प्रति लीटर है। पिछले 11 दिनों में चार बार बढ़ोतरी के बाद दोनों ईंधनों में कुल ₹7.52 प्रति लीटर की वृद्धि हुई है।
सिद्धारमैया ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि BJP-नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 11 दिनों में चार बार ईंधन की कीमतें बढ़ाकर आम जनता और मध्यम वर्ग को महंगाई की मार झेलने पर मजबूर किया है। उन्होंने इसे 'देश को लूटने' की संज्ञा दी।
2014 के मुकाबले अभी ईंधन की कीमतें कितनी बढ़ी हैं?
सिद्धारमैया के अनुसार, मई 2014 में पेट्रोल ₹71.41 और डीजल ₹56.71 प्रति लीटर था, जबकि एलपीजी सिलेंडर ₹412 का था। अब पेट्रोल ₹110.93, डीजल ₹98.89 और एलपीजी सिलेंडर ₹915 का हो गया है — यानी गैस सिलेंडर की कीमत दोगुने से भी अधिक हो गई है।
कच्चे तेल की कीमतें कम होने पर भी उपभोक्ताओं को राहत क्यों नहीं मिल रही?
सिद्धारमैया का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे होने के बावजूद केंद्र सरकार ने कीमतें कम नहीं कीं, बल्कि बढ़ाई हैं। उनके अनुसार, उत्पाद शुल्क और करों में कटौती न करना इसकी मुख्य वजह है, जिसका सीधा असर किसानों और उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
इस प्रेस वार्ता में कौन-कौन शामिल थे?
बेंगलुरु में आयोजित इस संयुक्त प्रेस वार्ता में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, AICC महासचिव व कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, और उपमुख्यमंत्री एवं राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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