कर्नाटक कैबिनेट ने 'प्रजा सेवा विभाग' को मंजूरी दी, स्वास्थ्य-परिवहन में ₹600 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स स्वीकृत
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 20 जून 2026 को विधान सौधा, बेंगलुरु में कैबिनेट बैठक के बाद घोषणा की कि राज्य सरकार नागरिकों की शिकायतों और जन-समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक नया 'प्रजा सेवा विभाग' स्थापित करेगी। इस विभाग की देखरेख एक स्वतंत्र मंत्री करेंगे और एक वरिष्ठ IAS अधिकारी को नोडल प्रभारी नियुक्त किया जाएगा।
प्रजा सेवा विभाग: क्या होगा काम
शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि नया विभाग कानूनी दायरे में रहते हुए नागरिकों की चिंताओं का समयबद्ध निपटारा करेगा। उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार का मकसद लोगों की मुश्किलों को समझना और कानून के दायरे में रहकर उन पर कार्रवाई करना है। विभाग की देखरेख, शिकायतों की जांच और जरूरी जानकारी देने के लिए एक सीनियर IAS अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा।'
मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को सौंपी गई याचिकाएं भी इस नए विभाग के अधीन लाई जाएंगी। जिलों के प्रभारी मंत्रियों को स्थानीय विधायकों के साथ साप्ताहिक बैठकें करनी होंगी और उठाए गए मुद्दों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में नागरिक शिकायत निवारण की धीमी गति को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना बढ़ी है।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा निवेश
कैबिनेट ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले लिए। यादगीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के परिसर में ₹100 करोड़ की लागत से 200 बिस्तरों वाले सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण को हरी झंडी दी गई।
कारवार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में ₹18 करोड़ के 6 सिविल वर्क प्रोजेक्ट्स और बेंगलुरु मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए ₹60 करोड़ के चिकित्सा उपकरण खरीद को भी प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई। गौरतलब है कि यादगीर और कारवार जैसे जिले चिकित्सा सुविधाओं की दृष्टि से राज्य के पिछड़े क्षेत्रों में गिने जाते हैं।
परिवहन क्षेत्र में ₹377 करोड़ का निवेश
राज्य सरकार ने ₹235 करोड़ की लागत से 620 नई बसें खरीदने की मंजूरी दी। इनमें से 400 बसें ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होंगी, जबकि 220 बसें नॉर्थ वेस्टर्न कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NWKRTC) को आवंटित की जाएंगी।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न राज्य परिवहन निगमों के अंतर्गत 11 स्थानों पर इलेक्ट्रिक बस डिपो निर्माण के लिए ₹112 करोड़ और संदूर तालुक मुख्यालय में आधुनिक बस स्टैंड के लिए ₹30 करोड़ की स्वीकृति दी गई।
बिजली कनेक्शन और अन्य फैसले
कैबिनेट ने 31 मई से पहले निर्मित सभी इमारतों को बिजली कनेक्शन की छूट देने का निर्णय किया। इमारत मालिकों को सरकारी आदेश जारी होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर जीपीएस रिकॉर्ड सहित तस्वीरें जमा कर आवेदन करना होगा। रेशम पालन शेड और पशु शेड जैसे ग्रामीण ढांचे भी इस छूट के दायरे में आएंगे, लेकिन नवनिर्मित इमारतें पात्र नहीं होंगी।
कैबिनेट ने नई दिल्ली में ₹80 करोड़ की लागत से कर्नाटक भवन-IV बनाने को भी मंजूरी दी, जो UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कर्नाटक के छात्रों के लिए होगा। यह सुविधा कर्नाटक भवन वेलफेयर बोर्ड के माध्यम से संचालित की जाएगी।
आगे की राह
'प्रजा सेवा विभाग' के लिए मंत्री और नोडल IAS अधिकारी की नियुक्ति जल्द अपेक्षित है। स्वास्थ्य और परिवहन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समयसीमा संबंधित विभागों द्वारा निर्धारित की जाएगी। इन निर्णयों से राज्य के शासन, स्वास्थ्य और सार्वजनिक परिवहन ढांचे में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।