10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्नाटक कैबिनेट ने 'प्रजा सेवा विभाग' को मंजूरी दी, स्वास्थ्य-परिवहन में ₹600 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स स्वीकृत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक कैबिनेट ने 'प्रजा सेवा विभाग' को मंजूरी दी, स्वास्थ्य-परिवहन में ₹600 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स स्वीकृत

सारांश

कर्नाटक कैबिनेट ने शनिवार को एक साथ कई बड़े फैसले लिए — नागरिक शिकायतों के लिए 'प्रजा सेवा विभाग', यादगीर में ₹100 करोड़ का सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल, ₹235 करोड़ से 620 नई बसें और दिल्ली में ₹80 करोड़ का कर्नाटक भवन-IV। मुख्यमंत्री शिवकुमार का यह कदम शासन और बुनियादी ढांचे दोनों मोर्चों पर एक साथ दांव लगाने जैसा है।

मुख्य बातें

कर्नाटक सरकार नागरिक शिकायतों के लिए 'प्रजा सेवा विभाग' बनाएगी; एक स्वतंत्र मंत्री और वरिष्ठ IAS अधिकारी होंगे प्रभारी।
यादगीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में ₹100 करोड़ की लागत से 200 बिस्तरों का सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल स्वीकृत।
₹235 करोड़ से 620 नई बसें खरीदी जाएंगी; 400 बसें ग्रामीण क्षेत्रों के लिए और 220 बसें NWKRTC को।
11 स्थानों पर इलेक्ट्रिक बस डिपो के लिए ₹112 करोड़ और संदूर में बस स्टैंड के लिए ₹30 करोड़ मंजूर।
31 मई से पहले की इमारतों को बिजली कनेक्शन की छूट; आवेदन के लिए 15 दिन की समयसीमा।
नई दिल्ली में UPSC छात्रों के लिए ₹80 करोड़ से कर्नाटक भवन-IV का निर्माण होगा।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 20 जून 2026 को विधान सौधा, बेंगलुरु में कैबिनेट बैठक के बाद घोषणा की कि राज्य सरकार नागरिकों की शिकायतों और जन-समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक नया 'प्रजा सेवा विभाग' स्थापित करेगी। इस विभाग की देखरेख एक स्वतंत्र मंत्री करेंगे और एक वरिष्ठ IAS अधिकारी को नोडल प्रभारी नियुक्त किया जाएगा।

प्रजा सेवा विभाग: क्या होगा काम

शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि नया विभाग कानूनी दायरे में रहते हुए नागरिकों की चिंताओं का समयबद्ध निपटारा करेगा। उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार का मकसद लोगों की मुश्किलों को समझना और कानून के दायरे में रहकर उन पर कार्रवाई करना है। विभाग की देखरेख, शिकायतों की जांच और जरूरी जानकारी देने के लिए एक सीनियर IAS अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा।'

मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को सौंपी गई याचिकाएं भी इस नए विभाग के अधीन लाई जाएंगी। जिलों के प्रभारी मंत्रियों को स्थानीय विधायकों के साथ साप्ताहिक बैठकें करनी होंगी और उठाए गए मुद्दों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में नागरिक शिकायत निवारण की धीमी गति को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना बढ़ी है।

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा निवेश

कैबिनेट ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले लिए। यादगीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के परिसर में ₹100 करोड़ की लागत से 200 बिस्तरों वाले सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण को हरी झंडी दी गई।

कारवार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में ₹18 करोड़ के 6 सिविल वर्क प्रोजेक्ट्स और बेंगलुरु मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए ₹60 करोड़ के चिकित्सा उपकरण खरीद को भी प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई। गौरतलब है कि यादगीर और कारवार जैसे जिले चिकित्सा सुविधाओं की दृष्टि से राज्य के पिछड़े क्षेत्रों में गिने जाते हैं।

परिवहन क्षेत्र में ₹377 करोड़ का निवेश

राज्य सरकार ने ₹235 करोड़ की लागत से 620 नई बसें खरीदने की मंजूरी दी। इनमें से 400 बसें ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होंगी, जबकि 220 बसें नॉर्थ वेस्टर्न कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NWKRTC) को आवंटित की जाएंगी।

इसके अतिरिक्त, विभिन्न राज्य परिवहन निगमों के अंतर्गत 11 स्थानों पर इलेक्ट्रिक बस डिपो निर्माण के लिए ₹112 करोड़ और संदूर तालुक मुख्यालय में आधुनिक बस स्टैंड के लिए ₹30 करोड़ की स्वीकृति दी गई।

बिजली कनेक्शन और अन्य फैसले

कैबिनेट ने 31 मई से पहले निर्मित सभी इमारतों को बिजली कनेक्शन की छूट देने का निर्णय किया। इमारत मालिकों को सरकारी आदेश जारी होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर जीपीएस रिकॉर्ड सहित तस्वीरें जमा कर आवेदन करना होगा। रेशम पालन शेड और पशु शेड जैसे ग्रामीण ढांचे भी इस छूट के दायरे में आएंगे, लेकिन नवनिर्मित इमारतें पात्र नहीं होंगी।

कैबिनेट ने नई दिल्ली में ₹80 करोड़ की लागत से कर्नाटक भवन-IV बनाने को भी मंजूरी दी, जो UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कर्नाटक के छात्रों के लिए होगा। यह सुविधा कर्नाटक भवन वेलफेयर बोर्ड के माध्यम से संचालित की जाएगी।

आगे की राह

'प्रजा सेवा विभाग' के लिए मंत्री और नोडल IAS अधिकारी की नियुक्ति जल्द अपेक्षित है। स्वास्थ्य और परिवहन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समयसीमा संबंधित विभागों द्वारा निर्धारित की जाएगी। इन निर्णयों से राज्य के शासन, स्वास्थ्य और सार्वजनिक परिवहन ढांचे में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जमीनी असर सीमित रहा है। असली परीक्षा यह होगी कि साप्ताहिक बैठकों और IAS नोडल अधिकारी की नियुक्ति के बावजूद क्या शिकायतों का निपटारा समयबद्ध और पारदर्शी होगा, या यह विभाग भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। स्वास्थ्य और परिवहन में एक साथ ₹600 करोड़ से अधिक की घोषणाएं महत्वाकांक्षी हैं, लेकिन यादगीर और कारवार जैसे पिछड़े जिलों में पिछले बजट आवंटन का उपयोग भी पूरा नहीं हो पाया था — क्रियान्वयन की गति इन परियोजनाओं की असली कसौटी बनेगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक का 'प्रजा सेवा विभाग' क्या है?
'प्रजा सेवा विभाग' कर्नाटक सरकार का एक नया प्रस्तावित विभाग है, जो नागरिकों की शिकायतों और जन-समस्याओं का कानूनी दायरे में त्वरित समाधान करेगा। इसकी देखरेख एक स्वतंत्र मंत्री और एक वरिष्ठ IAS अधिकारी करेंगे।
कर्नाटक कैबिनेट ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कौन-से बड़े फैसले लिए?
कैबिनेट ने यादगीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में ₹100 करोड़ से 200 बिस्तरों का सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल, कारवार इंस्टीट्यूट में ₹18 करोड़ के 6 सिविल वर्क प्रोजेक्ट्स और बेंगलुरु मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए ₹60 करोड़ के चिकित्सा उपकरण खरीद को मंजूरी दी।
620 नई बसें कहाँ चलाई जाएंगी?
620 नई बसों में से 400 बसें ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होंगी और 220 बसें NWKRTC को दी जाएंगी। इन बसों की खरीद पर ₹235 करोड़ खर्च होंगे।
बिजली कनेक्शन की छूट किन इमारतों को मिलेगी?
31 मई से पहले बनी सभी इमारतों को यह छूट मिलेगी, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के रेशम पालन शेड और पशु शेड भी शामिल हैं। आवेदकों को सरकारी आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर जीपीएस रिकॉर्ड सहित तस्वीरें जमा करनी होंगी।
नई दिल्ली में कर्नाटक भवन-IV किसके लिए बनाया जाएगा?
कर्नाटक भवन-IV UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कर्नाटक के छात्रों के लिए बनाया जाएगा। इस पर ₹80 करोड़ खर्च होंगे और इसे कर्नाटक भवन वेलफेयर बोर्ड के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले