4 अगस्त 2026
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कर्नाटक बाढ़-सूखा संकट: CM शिवकुमार ने सभी कैबिनेट मंत्रियों को जिलेवार जिम्मेदारी सौंपी, बुधवार से दौरा शुरू

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कर्नाटक बाढ़-सूखा संकट: CM शिवकुमार ने सभी कैबिनेट मंत्रियों को जिलेवार जिम्मेदारी सौंपी, बुधवार से दौरा शुरू

सारांश

कर्नाटक में बाढ़ और सूखे की दोहरी मार के बीच CM शिवकुमार ने नव-शपथग्रहण मंत्रियों को तुरंत मैदान में उतारा — हर जिले में एक मंत्री, हर तालुक में जाँच, और रिपोर्ट के आधार पर राहत का रोडमैप। यह संकट प्रबंधन में विकेंद्रीकरण का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

शिवकुमार ने 4 अगस्त को कैबिनेट मंत्रियों को जिलेवार प्रभार सौंपा और बुधवार से दौरा शुरू करने का निर्देश दिया।
उप मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री जी.
परमेश्वर सभी मंत्रियों की रिपोर्ट एकत्र कर समीक्षा करेंगे।
राज्य के 30 से अधिक जिलों में अलग-अलग मंत्री तैनात; बाढ़ और सूखे दोनों का आकलन होगा।
3 अगस्त को उन्नीस विधायकों के शपथग्रहण के एक दिन बाद यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
मंत्रियों की फील्ड रिपोर्ट के आधार पर राहत और मुआवज़े की अगली कार्ययोजना तय होगी।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार, 4 अगस्त को राज्य में एक साथ बाढ़ और सूखे की गंभीर स्थिति से निपटने के लिए समस्त कैबिनेट मंत्रियों को जिलेवार प्रभार सौंपा और उन्हें बुधवार से अपने-अपने जिलों का दौरा शुरू करने का निर्देश दिया। मंत्रियों को हर तालुक में जाकर स्थिति का आकलन करना होगा और एक विस्तृत ग्राउंड-लेवल रिपोर्ट राजस्व मंत्री को सौंपनी होगी, जिसके आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई तय करेगी।

मुख्यमंत्री का निर्देश और समीक्षा तंत्र

नव-विस्तारित कैबिनेट के साथ दो घंटे की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा, "हमने नए मंत्रियों को अपने-अपने जिलों का दौरा करने, ज़्यादा बारिश और सूखे से प्रभावित इलाकों का मुआयना करने और फील्ड असेसमेंट के बाद रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। सरकार इन रिपोर्टों के आधार पर फैसले लेगी।" उप मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर को सभी मंत्रियों की रिपोर्ट एकत्र कर उनकी समीक्षा करने और आगे की कार्रवाई शुरू करने की ज़िम्मेदारी दी गई है।

किस मंत्री को कौन-सा जिला

उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर को तुमकुरु का प्रभार दिया गया है। टी. रघु मूर्ति को चित्रदुर्ग, परिवहन मंत्री बी.एस. बिरथी सुरेश को चिक्काबल्लापुरा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के.एच. मुनियप्पा को बेंगलुरु ग्रामीण, जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी को कोलार, और एच.सी. बालकृष्ण को बेंगलुरु दक्षिण का इंचार्ज बनाया गया है।

बी.ज़ेड. ज़मीर अहमद खान को विजयनगर, ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज को चिक्कमगलुरु, के.एम. शिवलिंगे गौड़ा को हासन, मधु बंगारप्पा को शिवमोग्गा, बड़े एवं मध्यम उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल को विजयपुरा, विजयानंद कशप्पनवर को बगलकोट, बसवराज रायारेड्डी को गडग, एस.एस. मल्लिकार्जुन को दावणगेरे, और रुद्रप्पा लमानी को हावेरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

लोक निर्माण विभाग मंत्री सतीश जरकीहोली को बेलगावी, संतोष लाड को धारवाड़, लक्ष्मण सावदी को कारवार, गृह एवं आईटी-बीटी मंत्री प्रियांक खड़गे को कलबुर्गी, अजय सिंह को रायचूर, स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर को मंगलुरु और उडुपी, पी.एम. नरेंद्र स्वामी को मदिकेरी, और नगर विकास मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया को मैसूर का प्रभार दिया गया है।

एन. चेलुवरायस्वामी को मांड्या, पुट्टारंगशेट्टी को चामराजनगर, बी. नागेंद्र को बेल्लारी, चिकित्सा शिक्षा मंत्री शरण प्रकाश पाटिल को यादगीर, शिवराज तंगडगी को कोप्पल, और बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा को बेंगलुरु शहरी का इंचार्ज बनाया गया है।

नई कैबिनेट का संदर्भ

गौरतलब है कि यह निर्देश कैबिनेट विस्तार के ठीक एक दिन बाद आया है। सोमवार, 3 अगस्त को लोक भवन के ग्लास हाउस में आयोजित समारोह में उन्नीस विधायकों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। यह ऐसे समय में हुआ है जब कर्नाटक के कई जिले एक साथ अत्यधिक वर्षा और सूखे की दोहरी मार झेल रहे हैं — एक असामान्य स्थिति जो राज्य के प्रशासनिक तंत्र के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

आम जनता पर असर और आगे की राह

बाढ़ प्रभावित जिलों में फसल नुकसान, मकान क्षति और विस्थापन की खबरें सामने आ रही हैं, जबकि सूखाग्रस्त इलाकों में पेयजल और सिंचाई का संकट गहरा है। मंत्रियों की फील्ड रिपोर्टें मिलने के बाद राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर की समीक्षा के आधार पर राहत और मुआवज़े की अगली कार्ययोजना तय होगी। शिवकुमार सरकार का यह कदम संकट प्रबंधन में विकेंद्रीकृत दृष्टिकोण की ओर इशारा करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और क्या राजस्व विभाग के पास उन्हें समयबद्ध राहत में बदलने की क्षमता है। कर्नाटक में बाढ़ और सूखे का एक साथ आना जलवायु अनुकूलन की कमज़ोरी को उजागर करता है — जिस पर न इस कैबिनेट बैठक में चर्चा हुई, न मीडिया कवरेज में। विकेंद्रीकरण तभी कारगर होगा जब रिपोर्टें महज औपचारिकता न बनकर नीतिगत बदलाव की बुनियाद बनें।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में बाढ़-सूखा संकट के बीच CM शिवकुमार ने क्या कदम उठाया?
CM डी.के. शिवकुमार ने 4 अगस्त को सभी कैबिनेट मंत्रियों को जिलेवार प्रभार सौंपा और उन्हें बुधवार से दौरा शुरू कर विस्तृत फील्ड रिपोर्ट राजस्व मंत्री को सौंपने का निर्देश दिया। सरकार इन रिपोर्टों के आधार पर राहत की अगली कार्ययोजना तय करेगी।
मंत्रियों की रिपोर्ट की समीक्षा कौन करेगा?
उप मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर को सभी मंत्रियों की रिपोर्ट एकत्र कर उनकी समीक्षा करने और आगे की कार्रवाई शुरू करने की ज़िम्मेदारी दी गई है। परमेश्वर को स्वयं तुमकुरु जिले का प्रभार भी सौंपा गया है।
कर्नाटक में नई कैबिनेट का विस्तार कब हुआ?
3 अगस्त को बेंगलुरु के लोक भवन के ग्लास हाउस में आयोजित समारोह में उन्नीस विधायकों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। जिलेवार जिम्मेदारी इस शपथग्रहण के ठीक एक दिन बाद सौंपी गई।
कर्नाटक के किन जिलों में बाढ़ और सूखे का असर है?
राज्य के 30 से अधिक जिले प्रभावित हैं — उत्तर कर्नाटक के कई हिस्सों में अत्यधिक वर्षा और बाढ़ है, जबकि कुछ जिले सूखे की मार झेल रहे हैं। मंत्रियों के दौरे के बाद सटीक जिलावार आकलन सामने आएगा।
मंत्रियों के दौरे के बाद सरकार क्या करेगी?
मंत्रियों की फील्ड रिपोर्टें मिलने के बाद राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर उनकी समीक्षा करेंगे और सरकार राहत, मुआवज़े तथा पुनर्वास की अगली कार्ययोजना तय करेगी। CM शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि सभी निर्णय इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर लिए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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