प्रियांक खड़गे बने कर्नाटक के नए गृहमंत्री, डीके शिवकुमार कैबिनेट में 13 मंत्रियों को मिले विभाग
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के नवनियुक्त मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के मंत्रिमंडल में 5 जून 2026 को विभागों का औपचारिक बंटवारा हुआ, जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र प्रियांक खड़गे को राज्य का गृह विभाग (खुफिया शाखा को छोड़कर), सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी (IT-BT) तथा ई-गवर्नेंस विभाग सौंपा गया है। यह नियुक्ति कर्नाटक की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, क्योंकि गृह विभाग राज्य के सबसे संवेदनशील और प्रभावशाली मंत्रालयों में से एक माना जाता है।
प्रियांक खड़गे ने जताया वरिष्ठ नेताओं का आभार
गृहमंत्री का पदभार मिलने पर प्रियांक खड़गे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने लिखा, 'मैं कांग्रेस पार्टी के नेताओं — मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, डी.के. शिवकुमार, सिद्दारमैया और रणदीप सुरजेवाला — का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने कर्नाटक सरकार के नए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के मंत्रिमंडल में मुझे राज्य के गृह विभाग, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी विभाग और ई-गवर्नेंस विभाग के मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।'
उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र का भी विशेष उल्लेख किया। प्रियांक ने कहा, 'विशेष रूप से मैं चित्तपुर निर्वाचन क्षेत्र और कलबुर्गी जिले की जनता और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं का हार्दिक धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने निरंतर मेरा समर्थन किया है। बुद्ध-बसवन्ना-अंबेडकर की भावना के अनुरूप कर्नाटक को एक प्रबुद्ध समाज में परिवर्तित करने के अपने दृढ़ प्रयास में, मैं राज्य के सभी लोगों से हार्दिक सहयोग की अपील करता हूँ।'
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने रखे अहम विभाग अपने पास
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने वित्त, मंत्रिमंडल मामले, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (DPAR), खुफिया विभाग तथा अन्य अविभाजित विभाग अपने पास रखे हैं। खुफिया विभाग को गृह से अलग रखकर सीधे मुख्यमंत्री के नियंत्रण में रखना एक उल्लेखनीय प्रशासनिक निर्णय है।
गौरतलब है कि पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर के पास गृह विभाग था, परन्तु इस बार उन्हें राजस्व और खेल विभाग सौंपा गया है — यह बदलाव कैबिनेट के भीतर शक्ति-संतुलन में स्पष्ट परिवर्तन को दर्शाता है।
कैबिनेट में किसे मिला कौन-सा विभाग
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के पुत्र यतींद्र सिद्दारमैया को पहली बार मंत्री पद मिला है और उन्हें बहुप्रतीक्षित शहरी विकास विभाग सौंपा गया है। के.एच. मुनियप्पा को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, के.जे. जॉर्ज को ऊर्जा और पर्यटन, तथा एम.बी. पाटिल को बड़े एवं मध्यम उद्योग और आधारभूत संरचना विभाग दिया गया है।
रामलिंगा रेड्डी को जल संसाधन (प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई), सतीश जारकीहोली को लोक निर्माण विभाग (PWD), और कृष्णा बायर गौड़ा को ग्रेटर बेंगलुरु विकास विभाग मिला है — जिसके अंतर्गत ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी, विभिन्न नगर निगम, बेंगलुरु जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड तथा बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन आते हैं।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष यू.टी. खादर को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, बैराथी सुरेश को परिवहन, शरण प्रकाश पाटिल को चिकित्सा शिक्षा और कौशल विकास, तथा ईश्वर खंड्रे को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज (RDPR) विभाग सौंपा गया है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस ने सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार को स्थिर करने की कोशिश की है। मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र को गृह जैसा संवेदनशील विभाग मिलना पार्टी के भीतर केंद्रीय नेतृत्व की पकड़ को रेखांकित करता है। 13 मंत्रियों के बीच विभागों का यह बंटवारा क्षेत्रीय, जातीय और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया प्रतीत होता है। नई कैबिनेट के सामने कर्नाटक की कानून-व्यवस्था, बेंगलुरु के बुनियादी ढाँचे और ग्रामीण विकास जैसी चुनौतियाँ प्रमुख रहेंगी।