कर्नाटक कैबिनेट विस्तार: 20 नए मंत्रियों ने शाम 4 बजे ली शपथ, खड़गे की मंजूरी के बाद रास्ता साफ
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक की सत्तारूढ़ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) सरकार ने 3 अगस्त को बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार पूरा कर लिया, जब 20 नए मंत्रियों ने बेंगलुरु के लोक भवन परिसर में शाम 4 बजकर 5 मिनट पर शपथ ग्रहण की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की औपचारिक स्वीकृति के बाद 20 मंत्रियों की सूची मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को भेजी गई, जिससे हफ्तों से चली आ रही अटकलों पर विराम लगा।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह लोक भवन परिसर, बेंगलुरु में आयोजित हुआ। यह विस्तार इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद संभालने के ठीक दो महीने बाद उनकी 14 सदस्यीय मंत्रिपरिषद ने 3 जून को शपथ ली थी, जिससे 20 मंत्री पद रिक्त रह गए थे। पार्टी के भीतर क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों पर लंबे विचार-विमर्श तथा कांग्रेस आलाकमान की मंजूरी की प्रतीक्षा के कारण यह विस्तार कई बार स्थगित हुआ था।
नए मंत्रियों की सूची
शपथ लेने वाले 20 नए मंत्रियों में शामिल हैं: पी.एम. नरेन्द्रस्वामी, शिवराज तंगदागी, रुद्रप्पा लमानी, के.एस. बसवंतप्पा, बी. नागेन्द्र, टी. रघुमूर्ति, बी.ज़ेड. ज़मीर अहमद खान, रिज़वान अरशद, संतोष लाड, मधु बंगारप्पा, पुत्तुरंगाशेट्टी, मंकला वैद्य, डॉ. अजय सिंह, एन. चालुवराय स्वामी, के.एम. शिवलिंगे गौड़ा, एच.सी. बालकृष्ण, गायत्री शांतेगौड़ा, बस्वराज रायरेड्डी, विजयानन्द कशप्पनवर और लक्ष्मण सावदी। इस सूची में क्षेत्रीय, जातीय और राजनीतिक संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है।
विधानसभा और परिषद में भी नई नियुक्तियाँ
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कैबिनेट विस्तार के साथ-साथ विधायिका में भी महत्त्वपूर्ण नियुक्तियों को मंजूरी दी। जी.एस. पाटिल को कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष और ए.एस. पोन्नान्ना को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा सलीम अहमद को विधान परिषद का सभापति और उमाश्री को उप-सभापति नियुक्त किया गया है।
मंत्रियों की प्रतिक्रिया
नवनियुक्त मंत्री और पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी ने शपथ के बाद पत्रकारों से कहा, 'जिन लोगों ने मंत्री के तौर पर मेरी नियुक्ति का विरोध किया था, उन्हें आज मेरे शपथ लेने के बाद जवाब मिल जाएगा। उन्हें इसका एहसास हो जाएगा। कुछ देर पहले मुझे मुख्यमंत्री का फोन आया था। राष्ट्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री ने मुझे पक्का भरोसा दिया था और उन्होंने अपना वादा निभाया है। मैं मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार का धन्यवाद करता हूं।'
कर्नाटक के गृह, सूचना प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा, 'कैबिनेट को अपने पूर्ण स्वरूप में काम करना चाहिए। एक पूरी कैबिनेट मुख्यमंत्री को मज़बूत करेगी और सरकार के कामकाज में सुधार लाएगी।'
आगे क्या होगा
पूर्ण कैबिनेट के गठन के बाद अब शिवकुमार सरकार से अपेक्षा है कि वह लंबित विभागीय कार्यों और कांग्रेस के चुनावी वादों — जैसे 'गृह लक्ष्मी', 'शक्ति' और 'युवा निधि' योजनाओं — के क्रियान्वयन में तेज़ी लाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ भी पार्टी के एजेंडे पर हैं।