17 सितंबर 2026
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सुदिव्य कुमार सोनू के द्वादशकर्म में भावुक हुए CM हेमंत सोरेन, बोले- झारखंड को अपूरणीय क्षति

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सुदिव्य कुमार सोनू के द्वादशकर्म में भावुक हुए CM हेमंत सोरेन, बोले- झारखंड को अपूरणीय क्षति

सारांश

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गिरिडीह में दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के द्वादशकर्म में भावुक हो गए। उन्होंने सोनू को बड़े भाई और मार्गदर्शक बताया और कहा कि 'झारखंडियत' की लड़ाई में उनका योगदान अविस्मरणीय है। 6 सितंबर को हुए आकस्मिक निधन के बाद यह पहला बड़ा शोक-कार्यक्रम था।

मुख्य बातें

CM हेमंत सोरेन ने 17 सितंबर 2026 को गिरिडीह में दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के द्वादशकर्म कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम हरसिंहरायडीह स्थित उत्सव उपवन में आयोजित हुआ; मुख्यमंत्री श्रद्धांजलि देते समय भावुक हो गए।
सोरेन ने सुदिव्य सोनू को झामुमो और पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
कल्पना सोरेन सहित मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की , दीपिका पांडेय सिंह , इरफान अंसारी और हफीजुल हसन भी उपस्थित रहे।
सुदिव्य कुमार सोनू का 6 सितंबर को आकस्मिक निधन हुआ था; वे गिरिडीह सदर के विधायक और राज्य सरकार में मंत्री थे।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को गिरिडीह पहुँचे और दिवंगत मंत्री एवं गिरिडीह सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के द्वादशकर्म कार्यक्रम में शामिल हुए। हरसिंहरायडीह स्थित उत्सव उपवन में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में सोरेन ने दिवंगत नेता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिजनों से मिलकर अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री का भावुक संबोधन

श्रद्धांजलि सभा में हेमंत सोरेन स्पष्ट रूप से भावुक नज़र आए। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का निधन झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और समूचे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत नेता को महज़ एक सहयोगी नहीं, बल्कि बड़े भाई और मार्गदर्शक के समान बताया।

सोरेन ने कहा कि राज्य के अधिकारों एवं 'झारखंडियत' की लड़ाई में सुदिव्य सोनू का योगदान और समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके इन शब्दों ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया।

कल्पना सोरेन और मंत्रियों की उपस्थिति

गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने भी दिवंगत नेता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार से भेंट की। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का असमय निधन झामुमो परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी गहरी पीड़ा है। कल्पना सोरेन ने कहा कि 'सोनू भैया' का स्नेह और अपनापन हमेशा उनकी स्मृतियों में जीवित रहेगा।

कार्यक्रम में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका पांडेय सिंह, दीपक बिरुआ, इरफान अंसारी और हफीजुल हसन सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, जनप्रतिनिधि और पार्टी नेता उपस्थित रहे।

सुदिव्य सोनू का निधन और शोक की लहर

गौरतलब है कि झामुमो के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू का 6 सितंबर को आकस्मिक निधन हो गया था। उनके जाने के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई थी। वे गिरिडीह से विधायक एवं राज्य सरकार में मंत्री थे, और झामुमो की राजनीति में उनकी केंद्रीय भूमिका थी।

कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब

श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में आम लोग, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के विशेष इंतज़ाम किए थे। कार्यक्रम स्थल पर समुचित व्यवस्था की गई थी।

सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद झारखंड की राजनीति में जो शून्य पैदा हुआ है, उसे भरना आसान नहीं होगा — यह भाव इस कार्यक्रम में हर तरफ महसूस किया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो झामुमो के लिए एक राजनीतिक परीक्षा भी होगी।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुदिव्य कुमार सोनू कौन थे?
सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता, गिरिडीह सदर विधायक और झारखंड सरकार में मंत्री थे। उनका 6 सितंबर 2026 को आकस्मिक निधन हो गया था, जिसके बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई थी।
द्वादशकर्म कार्यक्रम कहाँ और कब आयोजित हुआ?
सुदिव्य कुमार सोनू का द्वादशकर्म कार्यक्रम 17 सितंबर 2026 को गिरिडीह के हरसिंहरायडीह स्थित उत्सव उपवन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राजनेता, अधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए।
CM हेमंत सोरेन ने सुदिव्य सोनू के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का निधन झामुमो और पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत नेता को अपना बड़े भाई और मार्गदर्शक बताया तथा 'झारखंडियत' की लड़ाई में उनके योगदान को सदैव स्मरणीय बताया।
कार्यक्रम में कौन-कौन से नेता शामिल हुए?
कार्यक्रम में CM हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के अलावा मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका पांडेय सिंह, दीपक बिरुआ, इरफान अंसारी और हफीजुल हसन सहित कई वरिष्ठ नेता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
सुदिव्य सोनू के निधन का झारखंड की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह सदर से विधायक और राज्य सरकार में मंत्री थे, इसलिए उनके निधन से इस सीट पर उप-चुनाव अनिवार्य होगा। झामुमो के भीतर उनकी अनुभवी उपस्थिति और 'झारखंडियत' के मुद्दों पर उनकी पकड़ की भरपाई करना पार्टी के लिए आसान नहीं होगा।
राष्ट्र प्रेस
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