क्या झारखंड में रामदास सोरेन को राज्यपाल और सीएम ने श्रद्धांजलि दी?

सारांश
Key Takeaways
- रामदास सोरेन का योगदान शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण था।
- उनकी सादगी और कार्यशैली ने उन्हें जनता के बीच एक खास स्थान दिलाया।
- मुख्यमंत्री ने उनके अधूरे सपनों को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई।
जमशेदपुर, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को दिवंगत पूर्व स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रामदास सोरेन के संस्कार भोज में भाग लिया, जो जमशेदपुर के घोड़ाबांधा में उनके निवास पर आयोजित हुआ।
उन्होंने दिवंगत मंत्री की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार के सदस्यों से मिलकर अपनी संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री ने परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को दुख सहने की क्षमता देने की प्रार्थना की।
बाद में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने अल्प समय में दो बड़ी विभूतियों को खो दिया है। उन्होंने कहा कि आदरणीय गुरुजी शिबू सोरेन के निधन के कुछ ही दिनों बाद रामदास सोरेन का जाना एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोग दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि देने पहुंचे हैं और सभी ने उनकी यादों को नमन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामदास सोरेन का राजनीतिक और सामाजिक जीवन राज्य के लिए एक मिसाल रहा है। वे शिक्षा और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए हमेशा संघर्षरत रहे। उनकी कार्यशैली और सादगी ने उन्हें जनता के बीच विशेष स्थान दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी अनुपस्थिति को लंबे समय तक महसूस किया जाएगा। सरकार और पार्टी स्व. रामदास सोरेन के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी सोच और दृष्टि को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री के साथ उनकी पत्नी, कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं। उन्होंने दिवंगत मंत्री के परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। संस्कार भोज में राज्य सरकार के कई मंत्री, ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास, जमशेदपुर के बीजेपी सांसद विद्युत वरण महतो और कई प्रमुख लोग शामिल हुए।
इसके अलावा हजारों की संख्या में लोगों ने दिवंगत रामदास सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। रामदास सोरेन का निधन ब्रेन स्ट्रोक के कारण 15 अगस्त की रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ था।