कर्नाटक कैबिनेट विस्तार सोमवार को संभव, कांग्रेस हाईकमान देगा 18 मंत्री पदों की सूची को मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार सोमवार, 4 अगस्त 2025 को होने की प्रबल संभावना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री द्वारा तैयार की गई नए मंत्रियों की सूची को कई दौर की उच्चस्तरीय चर्चाओं के बाद अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह विस्तार 3 जून 2025 को शिवकुमार सरकार के शपथ ग्रहण के करीब दो महीने बाद हो रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री शिवकुमार ने मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए 20 विधायकों की एक अस्थायी सूची तैयार कर कांग्रेस हाईकमान को सौंपी है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी से प्रस्तावित विस्तार पर चर्चा की है, हालांकि सूची को अभी औपचारिक मंजूरी नहीं मिली है।
कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला के सोमवार दोपहर तक हाईकमान से अनुमोदित सूची लेकर बेंगलुरु पहुँचने की उम्मीद है। उनके आगमन के बाद नए मंत्रियों के नामों की आधिकारिक घोषणा और शपथ ग्रहण समारोह का कार्यक्रम तय होने का रास्ता साफ होगा।
शपथ ग्रहण की तैयारियाँ
शपथ ग्रहण समारोह सोमवार शाम बेंगलुरु के लोक भवन के ग्लास हाउस में आयोजित होने की संभावना है। सरकार ने अभी आधिकारिक समय की घोषणा नहीं की है, लेकिन मुख्यमंत्री के मौखिक निर्देशों के बाद तैयारियाँ शुरू हो गई हैं।
गौरतलब है कि 3 जून 2025 को शपथ लेने वाले 14 सदस्यीय मंत्रिमंडल के बाद 20 मंत्री पद रिक्त रह गए थे। पार्टी के भीतर विचार-विमर्श और हाईकमान की मंजूरी की प्रक्रिया के कारण यह विस्तार कई बार स्थगित हो चुका था।
जाति और क्षेत्रीय संतुलन की प्राथमिकता
सूत्रों के अनुसार, 20 रिक्त पदों में से 18 पदों को भरे जाने की संभावना है, जबकि 2 पद भविष्य की राजनीतिक और संगठनात्मक आवश्यकताओं के लिए रिक्त रखे जा सकते हैं। विस्तार का प्रमुख उद्देश्य जाति और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना बताया जा रहा है।
कांग्रेस नेतृत्व उन जिलों को भी प्रतिनिधित्व देने की कोशिश कर रहा है जिनका अभी मंत्रिमंडल में कोई प्रतिनिधि नहीं है। इस विस्तार में बड़े पैमाने पर नए चेहरों को मौका मिलने की उम्मीद है, हालाँकि पूर्व सिद्धारमैया मंत्रिमंडल में शामिल रहे करीब 6 नेताओं की वापसी भी संभव बताई जा रही है।
राजनीतिक महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब शिवकुमार सरकार बनने के बाद से कई विधायक मंत्री पद के लिए पैरवी कर रहे थे। आलोचकों का कहना है कि इस विस्तार में किसे जगह मिलती है, यह कांग्रेस के भीतर आंतरिक शक्ति संतुलन का स्पष्ट संकेत देगा।
कांग्रेस हाईकमान की औपचारिक मंजूरी मिलते ही मंत्रियों की सूची और शपथ ग्रहण कार्यक्रम की घोषणा कभी भी हो सकती है। सबकी नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि शिवकुमार मंत्रिमंडल के इस दूसरे चरण में किन चेहरों को जगह मिलती है।