11 अगस्त 2026
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कर्नाटक कैबिनेट विभाग बंटवारा जल्द होगा तय: CM डीके शिवकुमार, दिल्ली में हुई कांग्रेस आलाकमान से चर्चा

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कर्नाटक कैबिनेट विभाग बंटवारा जल्द होगा तय: CM डीके शिवकुमार, दिल्ली में हुई कांग्रेस आलाकमान से चर्चा

सारांश

कर्नाटक के CM डीके शिवकुमार ने संकेत दिया कि कैबिनेट विभागों का बंटवारा सोमवार देर रात तक हो सकता है — दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से चर्चा हो चुकी है। साथ ही उन्होंने बिदादी टाउनशिप के खिलाफ BJP-JDS की पदयात्रा को 'किसान आंदोलन नहीं, राजनीतिक स्टंट' करार दिया।

मुख्य बातें

CM डीके शिवकुमार ने 10 अगस्त 2026 को कहा कि कर्नाटक कैबिनेट में विभागों का बंटवारा जल्द तय होगा।
नई दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ शनिवार शाम विभाग आवंटन पर चर्चा हो चुकी है।
शिवकुमार ने बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट के खिलाफ BJP-JDS की पदयात्रा को निखिल कुमारस्वामी के राजनीतिक हित के लिए बताया।
सरकार किसानों को पिछली सरकार के प्रस्तावित ₹25 लाख के मुकाबले ₹2.5 करोड़ से ₹3 करोड़ तक मुआवजा दे रही है।
शिवकुमार ने विपक्ष के विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार को स्वीकार किया।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 10 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि नई कैबिनेट में शामिल मंत्रियों को विभागों का आवंटन शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। कोलार जिले के मालूर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि इस विषय पर नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के वरिष्ठ नेताओं के साथ पहले ही विचार-विमर्श हो चुका है।

दिल्ली में हुई बैठक का ब्यौरा

शिवकुमार ने बताया कि उन्होंने पिछले शनिवार शाम दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ कैबिनेट विभागों के बंटवारे पर विस्तृत चर्चा की थी। उन्होंने कहा, 'शायद, आज तक यह मामला सुलझ जाएगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद कई नए मंत्री अपने विभागों के आवंटन की प्रतीक्षा में हैं और सत्ताधारी कांग्रेस के भीतर इस मुद्दे पर खासी दिलचस्पी देखी जा रही है।

बिदादी टाउनशिप विवाद पर पलटवार

मुख्यमंत्री ने बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) (JDS) द्वारा की जा रही पदयात्रा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विरोध प्रदर्शन में कोई वास्तविक किसान शामिल नहीं है और यह JDS नेता निखिल कुमारस्वामी के राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करने की एक सुनियोजित कोशिश मात्र है।

गौरतलब है कि निखिल कुमारस्वामी पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के पुत्र हैं। शिवकुमार ने यह भी आरोप लगाया कि पदयात्रा में भीड़ जुटाने के लिए दूसरे निर्वाचन क्षेत्रों से पार्टी कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था।

विपक्ष के अधिकार पर संयमित रुख

हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वे विपक्ष के विरोध करने के लोकतांत्रिक अधिकार पर सवाल नहीं उठाएंगे। उन्होंने कहा, 'विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। मैं उस अधिकार पर सवाल नहीं उठाऊंगा।'

बिदादी प्रोजेक्ट पर सरकार का बचाव

शिवकुमार ने बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के अपनी सरकार के फैसले का पुरज़ोर बचाव किया। उन्होंने तर्क दिया कि यह योजना पिछली सरकार द्वारा शुरू की गई थी और वर्तमान सरकार ने मुआवजे की राशि में भारी बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा, 'उन्होंने कहा था कि वे मुआवजे के तौर पर ₹25 लाख देंगे। हम ₹2.5 करोड़ से लेकर ₹3 करोड़ तक का मुआवजा दे रहे हैं।'

आगे क्या होगा

कैबिनेट विभागों के बंटवारे की प्रक्रिया पूरी होते ही कर्नाटक सरकार की कार्यप्रणाली और स्पष्ट होगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, विभागों का आवंटन सत्ताधारी कांग्रेस के भीतर विभिन्न गुटों के बीच संतुलन बनाने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राज्य नेतृत्व की स्वायत्तता पर सवाल खड़ा करता है। बिदादी टाउनशिप पर शिवकुमार का पलटवार आक्रामक है, लेकिन मुआवजे की तुलना (₹25 लाख बनाम ₹2.5-3 करोड़) खुद सरकार के लिए एक राजनीतिक हथियार है जिसे वे अपनी उपलब्धि के रूप में पेश कर रहे हैं। यह देखना होगा कि विभागों का अंतिम आवंटन कांग्रेस के भीतर किस गुट को संतुष्ट करता है — क्योंकि असंतुष्ट मंत्री राज्य सरकार की स्थिरता के लिए दीर्घकालिक चुनौती बन सकते हैं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक कैबिनेट विभागों का बंटवारा कब तक होगा?
CM डीके शिवकुमार ने 10 अगस्त 2026 को संकेत दिया कि विभागों का बंटवारा सोमवार देर रात तक हो सकता है। इस बारे में नई दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ शनिवार शाम चर्चा हो चुकी है।
बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट क्या है और इसका विरोध क्यों हो रहा है?
बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट कर्नाटक सरकार की एक शहरी विकास योजना है जिसके खिलाफ BJP और JDS पदयात्रा कर रहे हैं। CM शिवकुमार का कहना है कि यह परियोजना पिछली सरकार की योजना पर आधारित है और वर्तमान सरकार किसानों को ₹2.5 से ₹3 करोड़ तक मुआवजा दे रही है।
शिवकुमार ने BJP-JDS की पदयात्रा पर क्या आरोप लगाए?
शिवकुमार ने आरोप लगाया कि पदयात्रा में कोई वास्तविक किसान शामिल नहीं है और यह JDS नेता निखिल कुमारस्वामी के राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करने की कोशिश है। उन्होंने यह भी कहा कि भीड़ जुटाने के लिए दूसरे निर्वाचन क्षेत्रों से पार्टी कार्यकर्ताओं को बुलाया गया।
निखिल कुमारस्वामी कौन हैं?
निखिल कुमारस्वामी पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के पुत्र हैं। वे JDS के युवा नेता हैं और कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार के बाद विभाग बंटवारे में देरी क्यों हुई?
कैबिनेट विस्तार के बाद विभागों के आवंटन में देरी कांग्रेस के भीतर विभिन्न गुटों के दबाव और दावेदारी के कारण हुई। इसी वजह से CM शिवकुमार को दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से सीधे चर्चा करनी पड़ी।
राष्ट्र प्रेस
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